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Udhayanidhi Stalin Faces Backlash Over Trisha Remark

तृषा पर डबल मीनिंग टिप्पणी से घिरे उदयनिधि स्टालिन, कंगना और चिन्मयी ने जताई नाराजगी; महिला सम्मान पर उठे सवाल

surbhi अगस्त 5, 2026 0
Udhayanidhi Stalin faces backlash over alleged double meaning remark involving actress Trisha Krishnan
Udhayanidhi Stalin Trisha Controversy

नई दिल्ली: तमिलनाडु में डीएमके नेता और पूर्व अभिनेता उदयनिधि स्टालिन की अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर की गई कथित डबल मीनिंग टिप्पणी पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बयान को लेकर राजनीतिक और फिल्मी जगत से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत तथा गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी स्टालिन की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है।

विवाद की शुरुआत 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक रैली के दौरान हुई। कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान भीड़ की ओर से अभिनेत्री तृषा कृष्णन के नाम के नारे लगाए गए। आरोप है कि इसके बाद स्टालिन ने ऐसा तंज किया, जिसे सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में डबल मीनिंग टिप्पणी के तौर पर देखा गया।

स्टालिन ने बाद में अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनका संदर्भ कावेरी नदी के पानी से था। हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आया और महिला सम्मान तथा राजनीतिक बहस में निजी टिप्पणियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे।

कंगना रनौत ने जताई कड़ी आपत्ति

अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने उदयनिधि स्टालिन की हिरासत को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर अश्लील या भद्दे मजाक को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।

कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उनका कहना था कि किसी सभ्य समाज में सार्वजनिक तौर पर गाली-गलौज या डबल मीनिंग और अश्लील मजाक स्वीकार नहीं किए जाने चाहिए।

कंगना ने स्टालिन की हिरासत और बाद में जमानत पर रिहाई का जिक्र करते हुए इसे एक ऐसा उदाहरण बताया, जिससे सार्वजनिक जीवन में भाषा और व्यवहार को लेकर संदेश जाना चाहिए।

चिन्मयी श्रीपदा ने राजनीति में महिलाओं को घसीटने पर उठाया सवाल

गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राजनीतिक बहस में महिलाओं को घसीटे जाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं को महिलाओं को राजनीतिक मुद्दों के बीच लाने के बजाय वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

चिन्मयी ने अपने पोस्ट में तमिलनाडु की राजनीति में पहले सामने आए कुछ विवादित बयानों का भी संदर्भ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मंचों पर महिलाओं के बारे में भद्दी भाषा का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है और ऐसी भाषा को लंबे समय तक सामान्य मानने की प्रवृत्ति रही है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब किसी बयान के दो अर्थ निकाले जा सकते हों, तो बाद में पूरी जिम्मेदारी सुनने वालों की समझ पर डाल देना कितना उचित है।

चिन्मयी ने जयललिता के संदर्भ का भी किया जिक्र

चिन्मयी ने अपने बयान में तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि पुरानी राजनीतिक पीढ़ी में महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल के कई उदाहरण रहे हैं और ऐसे बयानों को राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।

उनके मुताबिक नई पीढ़ी के नेताओं से अपेक्षा की जानी चाहिए कि वे सार्वजनिक संवाद का स्तर बेहतर करें, न कि पुरानी राजनीतिक भाषा को दोहराएं।

खुशबू सुंदर भी पहले जता चुकी हैं नाराजगी

इस विवाद पर अभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर भी पहले प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। उन्होंने कथित टिप्पणी को बेहद घटिया और शर्मनाक बताते हुए कहा था कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।

खुशबू सुंदर ने इस तरह की भाषा को लेकर राजनीतिक संस्कृति पर भी सवाल उठाए थे। अब कंगना रनौत और चिन्मयी श्रीपदा की प्रतिक्रिया आने के बाद यह विवाद और व्यापक हो गया है।

क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने?

मामला 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित रैली से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टालिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान भीड़ से तृषा कृष्णन के नाम के नारे लगाए गए।

इसके बाद स्टालिन ने पानी से जुड़ा एक तंज किया, जिसे आलोचकों ने अभिनेत्री तृषा को लेकर डबल मीनिंग टिप्पणी के रूप में देखा। हालांकि, स्टालिन की ओर से बाद में सफाई दी गई कि उनका इशारा कावेरी के पानी से संबंधित था।

यही सफाई अब विवाद के केंद्र में है। एक पक्ष इसे राजनीतिक भाषण में कावेरी जल विवाद का संदर्भ बता रहा है, जबकि आलोचक इसे अभिनेत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मान रहे हैं।

पुलिस कार्रवाई और जमानत से भी बढ़ा विवाद

विवाद बढ़ने के बाद उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके खिलाफ छह धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की थी।

हालांकि, सुनवाई से पहले ही उन्हें हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

फिलहाल इस पूरे विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—राजनीतिक मंचों पर नेताओं की भाषा की मर्यादा क्या होनी चाहिए और क्या राजनीतिक विरोध के दौरान किसी महिला अभिनेता या सार्वजनिक हस्ती को निजी टिप्पणियों का निशाना बनाया जाना उचित है?

यह विवाद सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है। इसके केंद्र में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान, राजनीतिक संवाद की भाषा और नेताओं की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी आ गए हैं।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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बॉक्स ऑफिस पर भिड़ेंगे सनी देओल और इमरान हाशमी, 14 अगस्त को ही रिलीज होगी 'आवारापन 2'

मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' की रिलीज डेट को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। फिल्म के निर्माता विशेश भट्ट ने स्पष्ट किया है कि फिल्म 14 अगस्त 2026 को तय समय पर ही सिनेमाघरों में रिलीज होगी। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज कभी टाली नहीं गई थी। बड़े पैमाने पर फिल्माए गए एक्शन सीक्वेंस को अंतिम रूप देने और शूटिंग के दौरान इमरान हाशमी के घायल होने के कारण पोस्ट-प्रोडक्शन में थोड़ा अतिरिक्त समय लगा, लेकिन इससे रिलीज डेट पर कोई असर नहीं पड़ा। निर्माता ने यह भी जानकारी दी कि फिल्म का ट्रेलर इसी सप्ताह जारी किया जाएगा।   'आवारापन 2' में मिलेगा अधूरी कहानी का जवाब, सनी देओल की फिल्म से होगी सीधी टक्कर विशेश फिल्म्स के इंस्टाग्राम लाइव सेशन में इमरान हाशमी ने भी फिल्म से जुड़ी अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोग बिना पुष्टि के कुछ भी कह देते हैं। उन्होंने बताया कि 'आवारापन 2' की कहानी पहली फिल्म के अंत से आगे बढ़ेगी और दर्शकों को यह भी पता चलेगा कि उनका किरदार शिवम पंडित आखिर कैसे बच गया था।  14 अगस्त को रिलीज होने वाली इस फिल्म की सीधी टक्कर सनी देओल की 'बंटवारा 1947' से होगी। हालांकि, निर्माता विशेश भट्ट ने कहा कि वे इस क्लैश को सकारात्मक रूप से देखते हैं और सनी देओल जैसे बड़े अभिनेता की फिल्म के साथ रिलीज होना उनके लिए सम्मान की बात है।

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'गजनी' और 'लगान' के अभिनेता प्रदीप रावत का कैंसर से निधन, 74 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई, एजेंसियां। हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के चर्चित अभिनेता प्रदीप रावत का कैंसर से लंबी जंग के बाद 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रदीप रावत ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में दमदार अभिनय किया। उनके परिवार में पत्नी कल्याणी रावत और बेटे विक्रमादित्य रावत हैं।   रावत के मैनेजर सिद्धार्थ आर. तिवारी के अनुसार, अभिनेता का पिछले करीब एक महीने से कैंसर का इलाज चल रहा था। पहले उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, बाद में उन्हें भिवंडी के कैंसर अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार को मुंबई में किया जाएगा, जिसमें परिवार, करीबी मित्र और फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी।   'महाभारत' से 'गजनी' तक बनाई अलग पहचान   प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के चर्चित टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से बॉलीवुड में कदम रखा और 'सरफरोश', 'लगान', 'गजनी', 'अग्निपथ' और 'छावा' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। खासकर आमिर खान अभिनीत 'गजनी' में उनके निभाए गए खलनायक के किरदार ने उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई।   उनके निधन पर अभिनेता यशपाल शर्मा, गजेंद्र चौहान और ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) समेत कई फिल्मी हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उन्हें एक बेहतरीन अभिनेता, अनुशासित कलाकार और सहृदय इंसान बताते हुए भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया।

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Gatta Kusthi 2
नेटफ्लिक्स पर आते ही नंबर-1 बनी ‘गट्टा कुश्ती 2’, 350 करोड़ की ‘पेद्दी’ को छोड़ा पीछे

मुंबई, एजेंसियां। साउथ सिनेमा की स्पोर्ट्स कॉमेडी फिल्म ‘गट्टा कुश्ती 2’ ने ओटीटी पर रिलीज होते ही जबरदस्त धमाका कर दिया है। विष्णु विशाल और ऐश्वर्या लक्ष्मी की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर भारत में सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाली फिल्मों की सूची में नंबर-1 पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि फिल्म ने राम चरण और जाह्नवी कपूर की ‘पेद्दी’ को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया है।   ‘पेद्दी’ को पछाड़कर हासिल किया नंबर-1 स्थान   नेटफ्लिक्स की मौजूदा भारत टॉप-10 फिल्मों की सूची में ‘गट्टा कुश्ती 2’ सबसे ऊपर है, जबकि ‘पेद्दी’ दूसरे स्थान पर दिखाई दे रही है। ‘पेद्दी’ ने दुनियाभर में करीब 350 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और सिनेमाघरों में भी इसे अच्छी सफलता मिली थी। ऐसे में ओटीटी पर एक अपेक्षाकृत कम बजट की फिल्म का उसे पीछे छोड़ना खासा चर्चा में है।   क्या है ‘गट्टा कुश्ती 2’ की कहानी?   ‘गट्टा कुश्ती 2’ की कहानी पहले भाग के आगे बढ़ती है। फिल्म में वीरा और कीर्ति अब अपनी बेटी माती की परवरिश कर रहे हैं। कहानी में इस बार दोनों की जिंदगी और जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।   कीर्ति जहां कुश्ती में अपना करियर आगे बढ़ाने पर ध्यान देती हैं, वहीं वीरा घर और परिवार की जिम्मेदारियां संभालता है। इसी बीच दोनों के रिश्ते में नई चुनौतियां आती हैं और एक कोच उनकी शादीशुदा जिंदगी में परेशानी खड़ी करने की कोशिश करता है। फिल्म में पारिवारिक रिश्तों के साथ कॉमेडी और स्पोर्ट्स का तड़का लगाया गया है।   थिएटर के बाद ओटीटी पर भी जबरदस्त प्रदर्शन   ‘गट्टा कुश्ती 2’ का बजट करीब 27 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 60 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। थिएटर में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद अब फिल्म को नेटफ्लिक्स पर भी दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।   फिल्म तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में उपलब्ध है। चेल्ला अय्यावु के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विष्णु विशाल और ऐश्वर्या लक्ष्मी के अलावा कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। नेटफ्लिक्स पर नंबर-1 पहुंचने के बाद फिल्म एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

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