इस लुक की सबसे खास बात इसका असिमेट्रिक ड्रेप था। साड़ी का पल्लू सामान्य बंगाली या गुजराती अंदाज में पहनने के बजाय शरीर के चारों ओर लपेटा गया था, जबकि दूसरा हिस्सा लंबी फ्लोइंग पैनल की तरह नीचे गिरता नजर आया। नीचे की बारीकी से की गई प्लीटिंग ने आउटफिट को गाउन जैसा सिल्हूट दिया।
करिश्मा ने पारंपरिक ब्लाउज की जगह स्वीटहार्ट नेकलाइन वाला स्ट्रक्चर्ड कॉर्सेट चुना। इसके किनारे पर क्रिस्टल डिटेलिंग ने पूरे लुक को ग्लैमरस टच दिया। चेरी-रेड रंग ने आउटफिट को और भी आकर्षक बनाया और करिश्मा की उस फैशन पसंद को दोहराया, जिसमें वह अलग-अलग मौकों पर रेड के शेड्स में नजर आती रही हैं।
स्टाइलिस्ट अमी पटेल ने ज्वेलरी को काफी सोच-समझकर स्टाइल किया। करिश्मा ने डायमंड और जेमस्टोन ईयररिंग्स के साथ कई रिंग्स पहनीं। हाथों और कलाई पर रूबी टेनिस ब्रेसलेट, डायमंड ब्रेसलेट और गोल्ड बैंगल्स का स्टैक उनके लुक का खास हिस्सा रहा।
ज्वेलरी की लेयरिंग ने आउटफिट को ओवरड्रेस्ड बनाए बिना लक्जरी फिनिश दी।
करिश्मा ने बालों को सेंटर पार्टिंग के साथ खुले और स्लीक ब्लो-ड्राय स्टाइल में रखा। आंखों पर ब्राउन आईलाइनर से हल्का विंग बनाया गया, जबकि न्यूड लिप्स ने मेकअप को सॉफ्ट और बैलेंस्ड रखा।
कुल मिलाकर, करिश्मा का यह लुक दिखाता है कि पारंपरिक साड़ी को कॉर्सेट, असिमेट्रिक ड्रेपिंग और स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ जोड़कर उसे पूरी तरह मॉडर्न ईवनिंग आउटफिट बनाया जा सकता है। यह स्टाइल डेस्टिनेशन कॉकटेल पार्टी से लेकर इंटिमेट सेलिब्रेशन और फॉर्मल ईवनिंग इवेंट तक के लिए शानदार विकल्प बन सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
अगर आपका चेहरा चौकोर आकार का है और आप अपने लुक को थोड़ा सॉफ्ट, बैलेंस्ड और ज्यादा आकर्षक बनाना चाहती हैं, तो सही हेयरस्टाइल काफी फर्क डाल सकती है। हेयरस्टाइलिस्ट के मुताबिक, ऐसे चेहरे पर लेयर्स, वेव्स, कर्ल्स और असिमेट्रिकल कट्स चेहरे की मजबूत जॉलाइन को सॉफ्ट लुक देने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चौकोर चेहरे में माथा, चीकबोन्स और जॉलाइन लगभग समान चौड़ाई के हो सकते हैं। इसलिए ऐसे हेयरस्टाइल बेहतर माने जाते हैं जो चेहरे के आसपास मूवमेंट और टेक्सचर जोड़ें। चौकोर चेहरे पर कौन-सी लंबाई अच्छी लगती है? लंबे बालों में बड़े कर्ल्स और शोल्डर-लेंथ वेव्स चेहरे को थोड़ा लंबा दिखा सकते हैं। वहीं पिक्सी कट जैसे छोटे हेयरस्टाइल भी अच्छे लग सकते हैं, बशर्ते उनमें सही टेक्सचर और वॉल्यूम हो। राउंडेड बॉब भी एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसका घुमावदार आकार जॉलाइन की शार्पनेस को बैलेंस करता है। चौकोर चेहरे के लिए 13 शानदार हेयरस्टाइल 1. टसल्ड बॉब ठोड़ी से थोड़ा नीचे तक आने वाला टसल्ड बॉब मजबूत जॉलाइन को सॉफ्ट और बैलेंस्ड दिखाता है। करीना कपूर खान का यह लुक इसका अच्छा उदाहरण है। 2. मिनी ब्रेड्स वाला बन स्लीक बन के साथ छोटे ब्रेड्स चेहरे के ऊपरी हिस्से पर ध्यान आकर्षित करते हैं और चीकबोन्स को उभारते हैं। 3. स्लीक ब्लो-ड्राई मिडिल पार्टिंग के साथ स्लीक ब्लो-ड्राई चौकोर चेहरे की प्राकृतिक सिमेट्री को खूबसूरती से सामने लाता है। हल्की लेयर्स बालों में मूवमेंट बनाए रखती हैं। 4. हाफ-अप, हाफ-डाउन बन ऊपर का हिस्सा थोड़ा उठाकर और बाकी बाल खुले रखने से चेहरे को ऊंचाई मिलती है। सॉफ्ट वेव्स इस लुक को और ज्यादा आकर्षक बनाती हैं। 5. मेसी वेव्स रिलैक्स्ड और हल्की बिखरी हुई वेव्स चेहरे की स्ट्रॉन्ग लाइन्स को सॉफ्ट बनाती हैं। यह कैजुअल से लेकर पार्टी लुक तक आसानी से काम कर सकती हैं। 6. रेट्रो बॉब फ्लिप्ड-अप एंड्स और सॉफ्ट बैंग्स वाला रेट्रो बॉब चौकोर चेहरे पर बेहद एलिगेंट लग सकता है। यह क्लासिक और मॉडर्न दोनों का अच्छा मिश्रण है। 7. साइड-स्वेप्ट लेंथ्स लंबे बालों को एक तरफ स्वीप करने से चेहरे की चौड़ाई बैलेंस होती है। हल्की वेव्स या कर्ल्स इस स्टाइल को और बेहतर बनाते हैं। 8. पिन्ड-अप कर्ल्स कर्ल्स को पीछे की ओर ट्विस्ट करके बन में पिन करें और सामने कुछ लटें खुली छोड़ें। इससे चेहरे के आसपास सॉफ्ट फ्रेम बनता है। 9. बॉम्बशेल कर्ल्स बड़े, वॉल्यूमिनस कर्ल्स चौकोर चेहरे को खूबसूरत और ग्लैमरस लुक देते हैं। कर्ल्स को ब्रश करके उनमें सॉफ्टनेस और अतिरिक्त वॉल्यूम पाया जा सकता है। 10. किस-कर्ल पिक्सी अगर आप छोटे बाल पसंद करती हैं तो टेक्सचर्ड पिक्सी कट अच्छा विकल्प है। क्राउन पर वॉल्यूम और सामने छोटा किस-कर्ल इसे रेट्रो टच देता है। 11. वुल्फ कट फेस-फ्रेमिंग लेयर्स वाला वुल्फ कट बालों में टेक्सचर और मूवमेंट जोड़ता है। यह चौकोर चेहरे की मजबूत लाइन्स को बैलेंस करने में मदद करता है। 12. वेट-लुक साइड पार्ट साइड पार्टिंग के साथ स्लीक वेट-लुक बाल चेहरे की खूबसूरती को उभारता है। वेवी या कर्ली बालों पर भी इसे आसानी से अपनाया जा सकता है। 13. रोमांटिक बॉब बॉब कट के साथ बड़े सॉफ्ट रिंगलेट्स एक बेहद फेमिनिन और एलिगेंट लुक देते हैं। खासकर शाम की पार्टी या खास अवसरों के लिए यह स्टाइल शानदार विकल्प है। चौकोर चेहरे पर किस तरह के बैंग्स अच्छे लगते हैं? सॉफ्ट और फेस-फ्रेमिंग बैंग्स ज्यादा आकर्षक माने जाते हैं। कर्टेन बैंग्स, साइड-स्वेप्ट बैंग्स, विस्पी बैंग्स और बिरकिन बैंग्स अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इसके विपरीत बहुत मोटे और ब्लंट बैंग्स चेहरे की जॉलाइन को और ज्यादा शार्प दिखा सकते हैं। एक्सपर्ट टिप चौकोर चेहरे के लिए सबसे जरूरी बात है कि हेयरकट में बहुत ज्यादा भारी और सीधी लाइनें जॉलाइन के आसपास न हों। लेयर्स, कर्ल्स, वेव्स और टेक्सचर चेहरे को सॉफ्ट और संतुलित लुक देने में मदद कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर इन दिनों कांच जैसे चमकदार बाल काफी लोकप्रिय हैं। बेहद मुलायम, चिकने और शीशे जैसी चमक वाले बाल देखने में आकर्षक लगते हैं। लेकिन यह चमक केवल बालों की सजावट का नतीजा नहीं है। इसके पीछे बालों की सेहत, नमी और बाहरी परत की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। जब बालों की बाहरी परत अच्छी तरह हाइड्रेटेड और चिकनी होती है, तो वह रोशनी को बेहतर तरीके से परावर्तित करती है। इसी वजह से बालों में शीशे जैसी चमक दिखाई देती है। कांच जैसे चमकदार बाल क्या होते हैं? इसका मतलब ऐसे बालों से है जो बेहद चिकने, मुलायम और चमकदार दिखाई दें। इसके लिए बालों की प्राकृतिक बनावट बदलना जरूरी नहीं है। सही देखभाल से सीधे, घुंघराले या लहराते बालों को भी अधिक स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है। हालांकि धूप, प्रदूषण, बारिश, नमी, हवा, क्लोरीन और बार-बार बाल धोने से बालों की बाहरी परत प्रभावित हो सकती है। इससे बाल रूखे, उलझे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। चमकदार बालों के लिए क्या करें? चमक बढ़ाने वाले उपचार: ये बालों की बाहरी परत को चिकना करने और बालों में नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार दिखाई देते हैं। बालों की चमक बढ़ाने वाले स्प्रे: हल्के स्प्रे बालों में अतिरिक्त चमक देने के साथ उन्हें भारी किए बिना चिकना दिखाने में मदद कर सकते हैं। बालों का तेल और सीरम: बालों की लंबाई और सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल या सीरम लगाने से रूखापन और उलझन कम दिखाई दे सकती है। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार नजर आते हैं। पौष्टिक हेयर मास्क: रूखे और कमजोर बालों के लिए पौष्टिक मास्क उपयोगी हो सकते हैं। इनमें वनस्पति तेल, मक्खन, प्रोटीन, सेरामाइड और अमीनो अम्ल जैसे पोषक तत्व हो सकते हैं, जो बालों की नमी और मुलायमपन बनाए रखने में मदद करते हैं। गर्म और नमी वाले मौसम में रखें खास ध्यान भारत जैसे गर्म और नमी वाले मौसम में बालों की चमक बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तेज धूप, पसीना, बारिश, प्रदूषण और अधिक नमी बालों को उलझा और बेजान बना सकती है। इसलिए केवल चमक देने वाले उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय बालों की नमी, मजबूती और नियमित देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। क्या सच में मिल सकती है शीशे जैसी चमक? हां, बालों को अधिक चिकना और चमकदार बनाना संभव है, लेकिन यह कोई स्थायी या जादुई बदलाव नहीं है। स्वस्थ बालों के लिए पर्याप्त नमी, नियमित कंडीशनिंग, पौष्टिक देखभाल और सही उत्पादों का इस्तेमाल जरूरी है। बहुत अधिक गर्मी वाली मशीनों और रासायनिक उपचारों का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए केवल चमक के पीछे भागने के बजाय बालों की असली सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है। कांच जैसे चमकदार बाल पाने का सच, क्या सच में मिल सकती है शीशे जैसी चमक? सोशल मीडिया पर इन दिनों कांच जैसे चमकदार बाल काफी लोकप्रिय हैं। बेहद मुलायम, चिकने और शीशे जैसी चमक वाले बाल देखने में आकर्षक लगते हैं। लेकिन यह चमक केवल बालों की सजावट का नतीजा नहीं है। इसके पीछे बालों की सेहत, नमी और बाहरी परत की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। जब बालों की बाहरी परत अच्छी तरह हाइड्रेटेड और चिकनी होती है, तो वह रोशनी को बेहतर तरीके से परावर्तित करती है। इसी वजह से बालों में शीशे जैसी चमक दिखाई देती है। कांच जैसे चमकदार बाल क्या होते हैं? इसका मतलब ऐसे बालों से है जो बेहद चिकने, मुलायम और चमकदार दिखाई दें। इसके लिए बालों की प्राकृतिक बनावट बदलना जरूरी नहीं है। सही देखभाल से सीधे, घुंघराले या लहराते बालों को भी अधिक स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है। हालांकि धूप, प्रदूषण, बारिश, नमी, हवा, क्लोरीन और बार-बार बाल धोने से बालों की बाहरी परत प्रभावित हो सकती है। इससे बाल रूखे, उलझे और बेजान दिखाई देने लगते हैं। चमकदार बालों के लिए क्या करें? चमक बढ़ाने वाले उपचार: ये बालों की बाहरी परत को चिकना करने और बालों में नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार दिखाई देते हैं। बालों की चमक बढ़ाने वाले स्प्रे: हल्के स्प्रे बालों में अतिरिक्त चमक देने के साथ उन्हें भारी किए बिना चिकना दिखाने में मदद कर सकते हैं। बालों का तेल और सीरम: बालों की लंबाई और सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल या सीरम लगाने से रूखापन और उलझन कम दिखाई दे सकती है। इससे बाल अधिक मुलायम और चमकदार नजर आते हैं। पौष्टिक हेयर मास्क: रूखे और कमजोर बालों के लिए पौष्टिक मास्क उपयोगी हो सकते हैं। इनमें वनस्पति तेल, मक्खन, प्रोटीन, सेरामाइड और अमीनो अम्ल जैसे पोषक तत्व हो सकते हैं, जो बालों की नमी और मुलायमपन बनाए रखने में मदद करते हैं। गर्म और नमी वाले मौसम में रखें खास ध्यान भारत जैसे गर्म और नमी वाले मौसम में बालों की चमक बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तेज धूप, पसीना, बारिश, प्रदूषण और अधिक नमी बालों को उलझा और बेजान बना सकती है। इसलिए केवल चमक देने वाले उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय बालों की नमी, मजबूती और नियमित देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। क्या सच में मिल सकती है शीशे जैसी चमक? हां, बालों को अधिक चिकना और चमकदार बनाना संभव है, लेकिन यह कोई स्थायी या जादुई बदलाव नहीं है। स्वस्थ बालों के लिए पर्याप्त नमी, नियमित कंडीशनिंग, पौष्टिक देखभाल और सही उत्पादों का इस्तेमाल जरूरी है। बहुत अधिक गर्मी वाली मशीनों और रासायनिक उपचारों का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए केवल चमक के पीछे भागने के बजाय बालों की असली सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।
Independence Day Eye Makeup Tips: 15 अगस्त पर अगर आप अपने लुक में कुछ अलग और खास जोड़ना चाहती हैं, तो आई-मेकअप में तिरंगे के रंगों का हल्का टच दे सकती हैं। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या किसी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में एथनिक आउटफिट के साथ ये आई-मेकअप आइडियाज काफी अच्छे लग सकते हैं। खास बात यह है कि इन्हें घर पर कम समय में भी ट्राई किया जा सकता है। 15 अगस्त के मौके पर अगर आप हैवी मेकअप से बचना चाहती हैं, तो सिर्फ आंखों को थोड़ा अलग लुक देना ही काफी है। ऑरेंज, ग्रीन, व्हाइट और गोल्डन शेड्स की मदद से आप अपने मेकअप में स्वतंत्रता दिवस की थीम को शामिल कर सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान आई-मेकअप आइडियाज। 1. ऑरेंज-ग्रीन आईलाइनर से पाएं स्टाइलिश लुक 15 अगस्त पर आंखों को अलग लुक देने के लिए ऑरेंज और ग्रीन आईलाइनर का इस्तेमाल कर सकती हैं। ऊपर की लैश लाइन पर ऑरेंज आईलाइनर लगाएं और नीचे ग्रीन आईलाइनर या काजल की पतली लाइन बनाएं। अगर आपको थोड़ा स्टाइलिश लुक पसंद है, तो दोनों लाइनों को हल्का विंग शेप दे सकती हैं। यह मेकअप सिंपल रहेगा और स्वतंत्रता दिवस की थीम से भी जुड़ा हुआ लगेगा। 2. व्हाइट काजल से आंखों को दें ब्राइट लुक अगर आपको आंखों को बड़ा और फ्रेश दिखाना पसंद है, तो व्हाइट या न्यूड काजल ट्राई कर सकती हैं। इसे वॉटरलाइन पर हल्के हाथ से लगाएं। इसके बाद आंखों के अंदरूनी कोने यानी इनर कॉर्नर पर थोड़ा-सा सिल्वर शिमर लगाएं। इससे आंखें ज्यादा खुली और चमकदार नजर आ सकती हैं। यह लुक कुर्ती, सूट या साड़ी जैसे एथनिक आउटफिट के साथ भी अच्छा लगेगा। 3. ग्रीन स्मज्ड काजल से पाएं एथनिक लुक अगर आप एथनिक आउटफिट के साथ थोड़ा बोल्ड आई-मेकअप करना चाहती हैं, तो ग्रीन स्मज्ड काजल अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके लिए ऊपर और नीचे की लैश लाइन पर डार्क ग्रीन काजल या आई पेंसिल लगाएं। अब छोटे ब्रश या स्मजर की मदद से इसे हल्का-सा ब्लेंड करें। इससे आंखों को सॉफ्ट स्मोकी इफेक्ट मिलेगा और आपका एथनिक लुक और निखर सकता है। 4. ऑरेंज-ग्रीन शिमर से दें फेस्टिव टच अगर आप 15 अगस्त के किसी खास कार्यक्रम में शामिल होने वाली हैं, तो आंखों पर हल्का शिमर लगाकर अपने लुक को और खास बना सकती हैं। आईलिड के बीच में हल्का गोल्ड या ऑरेंज शिमर लगाएं और आंखों के बाहरी हिस्से पर ग्रीन आईशैडो को सॉफ्ट तरीके से ब्लेंड करें। शिमर की मात्रा बहुत ज्यादा न रखें। हल्का और बैलेंस्ड मेकअप ज्यादा खूबसूरत लग सकता है। 15 अगस्त पर ऐसे पूरा करें अपना मेकअप लुक स्वतंत्रता दिवस पर खूबसूरत दिखने के लिए हमेशा हैवी मेकअप की जरूरत नहीं होती। अपने रोज के मेकअप में तिरंगे से जुड़े रंगों का छोटा-सा टच देकर भी आप लुक को खास बना सकती हैं। इनमें से अपनी पसंद का आई-मेकअप चुनें और इसे अपने आउटफिट के हिसाब से तैयार करें। अगर आपकी स्किन या आंखें संवेदनशील हैं, तो किसी भी नए मेकअप प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा।