स्वास्थ्य

Coconut Water vs Electrolyte Drink: What to Choose?

बुखार, दस्त या एक्सरसाइज के बाद क्या पिएं? नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक, जानिए किस स्थिति में कौन बेहतर

surbhi अगस्त 13, 2026 0
Coconut water and electrolyte drinks compared for hydration after fever, diarrhea, vomiting, exercise and heavy sweating
Coconut Water vs Electrolyte Drink for Hydration

नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में सिर्फ पानी शरीर की जरूरत पूरी नहीं कर पाता। तेज पसीना, लंबे समय तक एक्सरसाइज, दस्त, उल्टी या बुखार के दौरान शरीर से पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम और दूसरे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि नारियल पानी बेहतर है या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक?

इसका जवाब हर व्यक्ति और हर स्थिति के लिए एक जैसा नहीं है। सामान्य हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी अच्छा विकल्प हो सकता है, जबकि लंबे समय तक भारी एक्सरसाइज या अत्यधिक पसीने के बाद सोडियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक ज्यादा उपयोगी हो सकती है। वहीं दस्त और उल्टी की स्थिति में ORS को प्राथमिकता देना ज्यादा उचित है।

शरीर के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स क्यों जरूरी हैं?

इलेक्ट्रोलाइट्स ऐसे मिनरल्स हैं जो शरीर में विद्युत आवेश के साथ काम करते हैं। इनमें सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड, मैग्नीशियम और कैल्शियम प्रमुख हैं।

ये शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने के साथ मांसपेशियों के संकुचन, तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज और हृदय की सामान्य धड़कन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जब शरीर से बहुत ज्यादा पसीना निकलता है या दस्त, उल्टी और बुखार के दौरान तरल पदार्थ कम होते हैं, तो इलेक्ट्रोलाइट्स की भी कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में केवल पानी पीना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।

नारियल पानी में क्या मिलता है?

नारियल पानी एक प्राकृतिक पेय है, जिसमें पानी के साथ पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, थोड़ी मात्रा में सोडियम और प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं।

ताजा नारियल पानी का फायदा यह है कि इसमें आमतौर पर अतिरिक्त चीनी और कृत्रिम फ्लेवर नहीं होते। इसलिए सामान्य हाइड्रेशन के लिए यह एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है।

हालांकि, इसमें सोडियम की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए जब शरीर ने बहुत अधिक सोडियम खोया हो, तब नारियल पानी अकेले पर्याप्त इलेक्ट्रोलाइट रिप्लेसमेंट नहीं कर सकता।

इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक कब ज्यादा उपयोगी?

इलेक्ट्रोलाइट या स्पोर्ट्स ड्रिंक में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम और अक्सर ग्लूकोज या कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं। इनका उद्देश्य पसीने के दौरान खोए हुए तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करना होता है।

लंबे समय तक भारी एक्सरसाइज, गर्म मौसम में ज्यादा पसीना आने या लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि के बाद सोडियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक उपयोगी हो सकती है।

लेकिन बाजार में मिलने वाली हर इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक एक जैसी नहीं होती। कुछ में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी काफी ज्यादा हो सकती है। इसलिए खरीदने से पहले लेबल पर सोडियम, शुगर और कैलोरी की मात्रा देखना जरूरी है।

नारियल पानी बनाम इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक

विशेषता

नारियल पानी

इलेक्ट्रोलाइट/स्पोर्ट्स ड्रिंक

पानी

अधिक

अधिक

पोटैशियम

अधिक

सामान्य से मध्यम

सोडियम

कम

आमतौर पर अधिक

अतिरिक्त चीनी

ताजा नारियल पानी में नहीं

कुछ उत्पादों में अधिक

प्रोसेसिंग

प्राकृतिक

अधिकांश पैक्ड उत्पाद प्रोसेस्ड

सामान्य हाइड्रेशन

अच्छा विकल्प

अच्छा विकल्प

अत्यधिक पसीना

अकेले पर्याप्त नहीं हो सकता

ज्यादा उपयोगी हो सकता है

दस्त या उल्टी में क्या पिएं?

दस्त और उल्टी में शरीर से पानी के साथ सोडियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकल सकते हैं। ऐसी स्थिति में ORS यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन ज्यादा उपयुक्त विकल्प है।

नारियल पानी हल्के डिहाइड्रेशन में कुछ मदद कर सकता है, लेकिन गंभीर दस्त, बार-बार उल्टी या स्पष्ट डिहाइड्रेशन में इसे ORS का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

यहां एक जरूरी अंतर समझना भी महत्वपूर्ण है: ORS और सामान्य स्पोर्ट्स ड्रिंक एक ही चीज नहीं हैं। ORS को शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के उद्देश्य से विशेष अनुपात में तैयार किया जाता है।

बुखार में नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट?

हल्के बुखार में पर्याप्त तरल लेना महत्वपूर्ण है। पानी और दूसरे तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं। अगर बुखार के साथ ज्यादा पसीना, उल्टी या दस्त भी हो रहे हैं, तो इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत बढ़ सकती है।

ऐसी स्थिति में ORS उपयोगी हो सकता है। केवल नारियल पानी पर निर्भर रहना सही विकल्प नहीं होगा, खासकर अगर डिहाइड्रेशन के लक्षण मौजूद हों।

एक्सरसाइज के बाद क्या बेहतर है?

अगर आपने हल्की या सामान्य एक्सरसाइज की है और बहुत ज्यादा पसीना नहीं निकला, तो सादा पानी पर्याप्त हो सकता है। नारियल पानी भी एक अच्छा विकल्प है।

लेकिन लंबे समय तक तेज एक्सरसाइज करने या बहुत ज्यादा पसीना निकलने पर शरीर से सोडियम की अधिक मात्रा कम हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त सोडियम वाला इलेक्ट्रोलाइट पेय नारियल पानी से ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

यानी हर एक्सरसाइज के बाद इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पीना जरूरी नहीं है। इसकी जरूरत एक्सरसाइज की अवधि, तीव्रता, मौसम और पसीने की मात्रा पर निर्भर करती है।

किस स्थिति में क्या चुनें?

सामान्य हाइड्रेशन: नारियल पानी अच्छा विकल्प हो सकता है।

हल्की एक्सरसाइज: पानी या नारियल पानी पर्याप्त हो सकता है।

लंबी और भारी एक्सरसाइज: सोडियम वाला इलेक्ट्रोलाइट पेय अधिक उपयोगी हो सकता है।

बहुत ज्यादा पसीना: सोडियम और तरल दोनों की भरपाई पर ध्यान दें।

दस्त या उल्टी: ORS को प्राथमिकता दें।

गंभीर डिहाइड्रेशन: चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

सबसे जरूरी बात

नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक में से किसी एक को हर परिस्थिति में बेहतर बताना सही नहीं होगा। सही विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर ने कितना पानी और कौन से इलेक्ट्रोलाइट खोए हैं।

सामान्य हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी एक प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। अत्यधिक पसीने और लंबे समय तक भारी व्यायाम के बाद सोडियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक उपयोगी हो सकती है। लेकिन दस्त, उल्टी या गंभीर डिहाइड्रेशन में ORS को प्राथमिकता देना चाहिए।

अगर बहुत कम पेशाब आ रहा हो, लगातार उल्टी-दस्त हो रहे हों, तेज चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो केवल घर पर हाइड्रेशन पर निर्भर न रहें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

 

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

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इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

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Surbhi

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बुखार, दस्त या एक्सरसाइज के बाद क्या पिएं? नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक, जानिए किस स्थिति में कौन बेहतर

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नारियल पानी एक प्राकृतिक पेय है, जिसमें पानी के साथ पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, थोड़ी मात्रा में सोडियम और प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। ताजा नारियल पानी का फायदा यह है कि इसमें आमतौर पर अतिरिक्त चीनी और कृत्रिम फ्लेवर नहीं होते। इसलिए सामान्य हाइड्रेशन के लिए यह एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसमें सोडियम की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए जब शरीर ने बहुत अधिक सोडियम खोया हो, तब नारियल पानी अकेले पर्याप्त इलेक्ट्रोलाइट रिप्लेसमेंट नहीं कर सकता। इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक कब ज्यादा उपयोगी? इलेक्ट्रोलाइट या स्पोर्ट्स ड्रिंक में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम और अक्सर ग्लूकोज या कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं। इनका उद्देश्य पसीने के दौरान खोए हुए तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करना होता है। लंबे समय तक भारी एक्सरसाइज, गर्म मौसम में ज्यादा पसीना आने या लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि के बाद सोडियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक उपयोगी हो सकती है। लेकिन बाजार में मिलने वाली हर इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक एक जैसी नहीं होती। कुछ में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी काफी ज्यादा हो सकती है। इसलिए खरीदने से पहले लेबल पर सोडियम, शुगर और कैलोरी की मात्रा देखना जरूरी है। नारियल पानी बनाम इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक विशेषता नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट/स्पोर्ट्स ड्रिंक पानी अधिक अधिक पोटैशियम अधिक सामान्य से मध्यम सोडियम कम आमतौर पर अधिक अतिरिक्त चीनी ताजा नारियल पानी में नहीं कुछ उत्पादों में अधिक प्रोसेसिंग प्राकृतिक अधिकांश पैक्ड उत्पाद प्रोसेस्ड सामान्य हाइड्रेशन अच्छा विकल्प अच्छा विकल्प अत्यधिक पसीना अकेले पर्याप्त नहीं हो सकता ज्यादा उपयोगी हो सकता है दस्त या उल्टी में क्या पिएं? दस्त और उल्टी में शरीर से पानी के साथ सोडियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकल सकते हैं। ऐसी स्थिति में ORS यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन ज्यादा उपयुक्त विकल्प है। नारियल पानी हल्के डिहाइड्रेशन में कुछ मदद कर सकता है, लेकिन गंभीर दस्त, बार-बार उल्टी या स्पष्ट डिहाइड्रेशन में इसे ORS का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यहां एक जरूरी अंतर समझना भी महत्वपूर्ण है: ORS और सामान्य स्पोर्ट्स ड्रिंक एक ही चीज नहीं हैं। ORS को शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के उद्देश्य से विशेष अनुपात में तैयार किया जाता है। बुखार में नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट? हल्के बुखार में पर्याप्त तरल लेना महत्वपूर्ण है। पानी और दूसरे तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं। अगर बुखार के साथ ज्यादा पसीना, उल्टी या दस्त भी हो रहे हैं, तो इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में ORS उपयोगी हो सकता है। केवल नारियल पानी पर निर्भर रहना सही विकल्प नहीं होगा, खासकर अगर डिहाइड्रेशन के लक्षण मौजूद हों। एक्सरसाइज के बाद क्या बेहतर है? अगर आपने हल्की या सामान्य एक्सरसाइज की है और बहुत ज्यादा पसीना नहीं निकला, तो सादा पानी पर्याप्त हो सकता है। नारियल पानी भी एक अच्छा विकल्प है। लेकिन लंबे समय तक तेज एक्सरसाइज करने या बहुत ज्यादा पसीना निकलने पर शरीर से सोडियम की अधिक मात्रा कम हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त सोडियम वाला इलेक्ट्रोलाइट पेय नारियल पानी से ज्यादा उपयोगी हो सकता है। यानी हर एक्सरसाइज के बाद इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पीना जरूरी नहीं है। इसकी जरूरत एक्सरसाइज की अवधि, तीव्रता, मौसम और पसीने की मात्रा पर निर्भर करती है। किस स्थिति में क्या चुनें? सामान्य हाइड्रेशन: नारियल पानी अच्छा विकल्प हो सकता है। हल्की एक्सरसाइज: पानी या नारियल पानी पर्याप्त हो सकता है। लंबी और भारी एक्सरसाइज: सोडियम वाला इलेक्ट्रोलाइट पेय अधिक उपयोगी हो सकता है। बहुत ज्यादा पसीना: सोडियम और तरल दोनों की भरपाई पर ध्यान दें। दस्त या उल्टी: ORS को प्राथमिकता दें। गंभीर डिहाइड्रेशन: चिकित्सकीय सलाह जरूरी है। सबसे जरूरी बात नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक में से किसी एक को हर परिस्थिति में बेहतर बताना सही नहीं होगा। सही विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर ने कितना पानी और कौन से इलेक्ट्रोलाइट खोए हैं। सामान्य हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी एक प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। अत्यधिक पसीने और लंबे समय तक भारी व्यायाम के बाद सोडियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक उपयोगी हो सकती है। लेकिन दस्त, उल्टी या गंभीर डिहाइड्रेशन में ORS को प्राथमिकता देना चाहिए। अगर बहुत कम पेशाब आ रहा हो, लगातार उल्टी-दस्त हो रहे हों, तेज चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो केवल घर पर हाइड्रेशन पर निर्भर न रहें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।  

surbhi अगस्त 13, 2026 0
दिल्ली एनसीआर में अंगदान की धीमी रफ्तार और प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा

World Organ Donation Day: दिल्ली-NCR में अंगदान की रफ्तार बेहद धीमी, राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे

सुप्रीम कोर्ट में कैंसर को नोटिफिएबल बीमारी घोषित करने का मामला

कैंसर को ‘नोटिफिएबल बीमारी’ घोषित करने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मांगा जवाब

Fenugreek seeds and water in a glass, commonly consumed as a home remedy for blood sugar management.

ब्लड शुगर कम करने में कितना असरदार है मेथी का पानी? रिसर्च में क्या आया सामने, जानें सेवन का सही तरीका

Woman experiencing chronic lower back pain and morning stiffness, possible signs of axial arthritis affecting spinal mobility.
लगातार कमर दर्द को सामान्य न समझें, एक्सियल अर्थराइटिस हो सकता है कारण; चलने-फिरने में भी आ सकती है परेशानी

लंबे समय तक बैठकर काम करने, गलत पोस्चर या शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर दर्द होना आम बात है। लेकिन अगर दर्द महीनों तक बना रहे, सुबह उठने पर लंबे समय तक कमर जकड़ी रहे और आराम करने के बजाय चलने-फिरने से राहत मिले, तो इसे केवल सामान्य कमर दर्द मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण एक्सियल अर्थराइटिस या एक्सियल स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस जैसी क्रॉनिक सूजन संबंधी बीमारी से जुड़े हो सकते हैं। यह मुख्य रूप से रीढ़ और सैक्रोइलियक जोड़ों को प्रभावित करती है। समय पर पहचान और उपचार न होने पर रीढ़ की लचक कम हो सकती है और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। क्या है एक्सियल अर्थराइटिस? एक्सियल अर्थराइटिस एक लंबे समय तक चलने वाली सूजन संबंधी बीमारी है, जो रीढ़ की हड्डी और सैक्रोइलियक यानी रीढ़ तथा पेल्विस को जोड़ने वाले जोड़ों को प्रभावित करती है। यह स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस नामक बीमारियों के समूह का हिस्सा है। इसकी शुरुआत अक्सर कम उम्र में होती है और कई मामलों में 45 वर्ष की उम्र से पहले लक्षण दिखाई देने लगते हैं। बीमारी के शुरुआती चरण में एक्स-रे सामान्य भी आ सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर जरूरत के अनुसार एमआरआई जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं, जिससे जोड़ों में मौजूद सूजन का पता लगाने में मदद मिल सकती है। रीढ़ को कैसे प्रभावित करती है यह बीमारी? एक्सियल अर्थराइटिस में सबसे पहले सैक्रोइलियक जोड़ों में सूजन हो सकती है। लगातार सूजन रहने पर यह समस्या रीढ़ के अन्य हिस्सों तक फैल सकती है। समय के साथ शरीर सूजन से प्रभावित हिस्सों में नई हड्डी बनाना शुरू कर सकता है। कुछ गंभीर मामलों में कशेरुकाएं आपस में जुड़ने लगती हैं, जिससे रीढ़ का लचीलापन कम हो सकता है। इसका असर झुकने, मुड़ने, सीढ़ियां चढ़ने और लंबे समय तक चलने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है। इन शुरुआती लक्षणों को पहचानें एक्सियल अर्थराइटिस की पहचान में कुछ खास लक्षण महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं: तीन महीने या उससे अधिक समय तक रहने वाला कमर दर्द सुबह उठने पर 30 मिनट या उससे ज्यादा समय तक जकड़न आराम करने पर दर्द का बढ़ना चलने या व्यायाम करने से दर्द में राहत मिलना रात में दर्द के कारण नींद खुलना कूल्हों के आसपास दर्द लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में परेशानी कुछ मामलों में आंखों में लालिमा और दर्द हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। सामान्य कमर दर्द से कैसे अलग है? सामान्य कमर दर्द अक्सर मांसपेशियों में खिंचाव, भारी सामान उठाने, चोट या गलत पोस्चर से जुड़ा हो सकता है। ऐसे दर्द में आराम करने से अक्सर राहत मिलती है और समस्या कुछ समय में कम हो सकती है। इसके विपरीत, एक्सियल अर्थराइटिस में दर्द का संबंध सूजन से होता है। इसमें लंबे समय तक आराम करने से परेशानी बढ़ सकती है, जबकि हल्की शारीरिक गतिविधि या चलने से कुछ राहत महसूस हो सकती है। सुबह की लंबे समय तक रहने वाली जकड़न भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। केवल कमर ही नहीं, शरीर के दूसरे हिस्से भी हो सकते हैं प्रभावित एक्सियल अर्थराइटिस का प्रभाव केवल रीढ़ और सैक्रोइलियक जोड़ों तक सीमित नहीं रहता। कुछ मरीजों में आंखों में सूजन, त्वचा, आंतों या शरीर के दूसरे जोड़ों से जुड़ी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं। इसी वजह से लंबे समय तक बने रहने वाले असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कब डॉक्टर से संपर्क करें? अगर कमर दर्द लगातार तीन महीने या उससे ज्यादा समय से बना हुआ है, सुबह लंबे समय तक जकड़न रहती है, रात में दर्द से नींद खुलती है या चलने-फिरने से आराम मिलता है, तो विशेषज्ञ से जांच कराने पर विचार करना चाहिए। सही निदान के लिए डॉक्टर लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर इमेजिंग तथा अन्य जांचों का सहारा ले सकते हैं। महत्वपूर्ण: हर लंबे समय तक रहने वाला कमर दर्द एक्सियल अर्थराइटिस नहीं होता। लेकिन लगातार या बढ़ते लक्षणों को नजरअंदाज करना सही नहीं है। समय पर विशेषज्ञ की सलाह मिलने से बीमारी को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Cold Plunge और Ice Bath के फायदे और नुकसान

Ice Therapy Trend: भारत में तेजी से बढ़ रहा Cold Plunge का क्रेज, जानें फायदे और नुकसान

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Vegan Diet
Vegan Diet: क्या वीगन डाइट वाकई सेहतमंद है? फायदे के साथ इन पोषक तत्वों की कमी का भी खतरा

नई दिल्ली, एजेंसियां। वीगन डाइट इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसमें मांस, मछली, अंडे और दूध-दही जैसे सभी पशु-आधारित खाद्य पदार्थों को पूरी तरह छोड़ दिया जाता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, सोया, नट्स और सीड्स इसके प्रमुख हिस्से हो सकते हैं। कई अध्ययनों में इस तरह के आहार से वजन, बॉडी मास इंडेक्स और कुछ मेटाबॉलिक संकेतकों में सुधार देखा गया है। हालांकि, सही तरीके से प्लानिंग न करने पर शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।   वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ में मिल सकता है फायदा   वीगन डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। इससे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। कुछ अध्ययनों में वीगन डाइट अपनाने से वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया है।   टाइप-2 डायबिटीज और अधिक वजन वाले लोगों पर किए गए कुछ अध्ययनों में कम से कम 12 सप्ताह की वीगन डाइट के बाद वजन, BMI, HbA1c और कोलेस्ट्रॉल में कमी देखी गई है।   सबसे बड़ी चिंता विटामिन B12 की कमी   पूरी तरह वीगन डाइट अपनाने वालों के लिए विटामिन B12 की कमी एक प्रमुख चिंता मानी जाती है। B12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र और DNA के निर्माण के लिए जरूरी है।   यह विटामिन प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे और डेयरी उत्पादों जैसे पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसलिए वीगन लोगों को B12 की जरूरत पूरी करने के लिए फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट्स की आवश्यकता पड़ सकती है।   लंबे समय तक B12 की कमी रहने पर तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बिना योजना के लंबे समय तक पूरी तरह वीगन डाइट अपनाना उचित नहीं माना जाता।   आयरन और कैल्शियम की कमी का भी खतरा   वीगन डाइट में B12 के अलावा आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, विटामिन D और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।   पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में पशु-आधारित स्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में कम आसानी से अवशोषित होता है। वहीं कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क, टोफू, तिल और कुछ हरी सब्जियों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।   ओमेगा-3 के लिए ये चीजें हो सकती हैं विकल्प   वीगन डाइट लेने वाले लोग ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए अलसी, चिया सीड्स, अखरोट और कुछ वनस्पति तेलों को डाइट में शामिल कर सकते हैं। वहीं प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए दाल, बीन्स, सोया और टोफू जैसे विकल्प उपयोगी हो सकते हैं।   किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?   बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए वीगन डाइट शुरू करने से पहले विशेष सावधानी जरूरी है। इस दौरान शरीर को कई पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ सकती है।   इसलिए वीगन डाइट को सिर्फ फल और सलाद तक सीमित रखने के बजाय संतुलित और पोषण से भरपूर तरीके से प्लान करना जरूरी है। डाइट में बदलाव करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

anjali kumari अगस्त 10, 2026 0
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नाभि से शुरू होकर पेट के दाईं तरफ खिसक रहा है दर्द? इसे गैस समझकर न करें नजरअंदाज, हो सकता है अपेंडिसाइटिस

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क्या सच में वजन घटाती है माचा चाय? विशेषज्ञ ने बताया कितना सही है यह दावा, जानिए फायदे और सावधानियां

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