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Last Chance to Apply for UPSSSC Excise Constable Jobs

UPSSSC में कांस्टेबल बनने का आखिरी मौका, 12वीं पास उम्मीदवार आज ही करें आवेदन

surbhi जून 24, 2026 0
Candidates filling online forms for UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 before the application deadline.
UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 Last Date

UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निकाली गई आबकारी सिपाही (Excise Constable) भर्ती के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। आयोग ने कुल 820 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आज ही अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

विवरण

तिथि

आवेदन शुरू होने की तिथि

4 जून 2026

आवेदन की अंतिम तिथि

24 जून 2026

शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि

24 जून 2026

आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि

1 जुलाई 2026

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास:

  • UPSSSC PET 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना चाहिए।
  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है।

आयु सीमा (1 जुलाई 2026 के अनुसार)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 40 वर्ष

आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

शारीरिक मानक

पुरुष उम्मीदवार

  • लंबाई: 167.6 सेमी
  • सीना: 80 सेमी (फुलाने पर 85 सेमी)

महिला उम्मीदवार

  • लंबाई: 152 सेमी

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित अभ्यर्थियों को पे-लेवल-2 के तहत 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक वेतन मिलेगा। शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग 19,900 रुपये होगी। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

सभी भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह या उससे अधिक हो सकती है।

चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल होंगे:

  1. UPSSSC PET 2025 स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग
  2. मुख्य लिखित परीक्षा
  3. शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PST)
  4. दस्तावेज सत्यापन

आवेदन शुल्क

  • सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹25
  • एससी / एसटी: ₹25
  • दिव्यांग (PH): ₹25

शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

ऐसे करें आवेदन

  1. UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
  3. नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन करें।
  4. लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  6. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  7. फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निकाली गई आबकारी सिपाही (Excise Constable) भर्ती के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। आयोग ने कुल 820 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आज ही अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां विवरण तिथि आवेदन शुरू होने की तिथि 4 जून 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 24 जून 2026 शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 1 जुलाई 2026 शैक्षणिक योग्यता इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास: UPSSSC PET 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना चाहिए। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है। आयु सीमा (1 जुलाई 2026 के अनुसार) न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 40 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। शारीरिक मानक पुरुष उम्मीदवार लंबाई: 167.6 सेमी सीना: 80 सेमी (फुलाने पर 85 सेमी) महिला उम्मीदवार लंबाई: 152 सेमी कितनी मिलेगी सैलरी? चयनित अभ्यर्थियों को पे-लेवल-2 के तहत 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक वेतन मिलेगा। शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग 19,900 रुपये होगी। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। सभी भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह या उससे अधिक हो सकती है। चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल होंगे: UPSSSC PET 2025 स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग मुख्य लिखित परीक्षा शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PST) दस्तावेज सत्यापन आवेदन शुल्क सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹25 एससी / एसटी: ₹25 दिव्यांग (PH): ₹25 शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। ऐसे करें आवेदन UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 के लिंक पर क्लिक करें। नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

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हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) ग्रुप डी 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही 19 जून 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जो उम्मीदवार भविष्य में चपरासी, हेल्पर, चौकीदार और अन्य ग्रुप डी पदों पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए CET परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। इस परीक्षा के स्कोर के आधार पर ही विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड और निगमों में भर्ती की जाएगी। कौन कर सकता है आवेदन? ग्रुप डी के अधिकांश पदों के लिए उम्मीदवारों को निम्न योग्यताएं पूरी करनी होंगी: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी। 10वीं में हिंदी या संस्कृत विषय का अध्ययन किया होना चाहिए। आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई 2026 तक उम्मीदवार की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को हरियाणा सरकार के नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। महत्वपूर्ण तिथियां विवरण तारीख आवेदन शुरू 19 जून 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि 6 जुलाई 2026 परीक्षा मोड ऑफलाइन (OMR आधारित) कुल प्रश्न 100 कुल अंक 100 परीक्षा अवधि 1 घंटा 45 मिनट प्रश्नों का स्तर 10वीं स्तर पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। आवेदन कैसे करें? सबसे पहले One Time Registration (OTR) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। रजिस्ट्रेशन के बाद HSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। विज्ञापन संख्या 05/2026 के सामने दिए गए "Apply Online" लिंक पर क्लिक करें। व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें। फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट सुरक्षित रखें। आवेदन शुल्क पुरुष उम्मीदवार सामान्य वर्ग/अन्य राज्यों के उम्मीदवार: ₹500 हरियाणा के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार: ₹250 महिला उम्मीदवार हरियाणा की सामान्य, ईडब्ल्यूएस और आरक्षित वर्ग की सभी महिला अभ्यर्थी: ₹250 जरूरी दस्तावेज 10वीं की मार्कशीट पासपोर्ट साइज फोटो हस्ताक्षर जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) निवास प्रमाण पत्र अन्य आवश्यक दस्तावेज हरियाणा में ग्रुप डी स्तर की आने वाली सभी भर्तियों में शामिल होने के लिए CET 2026 एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे में इच्छुक उम्मीदवार समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।  

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क्या अब 1 लाख रुपये महीना कमाना भी काफी नहीं? बदलती जिंदगी ने बढ़ाई भारत के मिडिल क्लास की चिंता

कभी सफलता की पहचान थी छह अंकों वाली सैलरी, अब उठ रहे हैं सवाल एक समय था जब हर महीने 1 लाख रुपये या उससे अधिक कमाना आर्थिक सफलता की पहचान माना जाता था। यह अच्छी नौकरी, स्थिर भविष्य और आरामदायक जीवन का प्रतीक समझा जाता था। लेकिन अब तेजी से बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच यह धारणा कमजोर पड़ती नजर आ रही है। हाल ही में बेंगलुरु के एक आईटी प्रोफेशनल के अतिरिक्त आय के लिए टैक्सी चलाने की खबर ने देशभर के लाखों नौकरीपेशा लोगों का ध्यान खींचा। यह घटना केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि शहरी भारत के उस वर्ग की चिंता को दर्शाती है जो अच्छी कमाई के बावजूद आर्थिक सुरक्षा को लेकर असमंजस में है। बढ़ती आय के साथ और तेजी से बढ़ रहे खर्च देश के बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद और पुणे में रहने की लागत पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। सबसे ज्यादा असर इन क्षेत्रों में देखने को मिला है: घरों का किराया और प्रॉपर्टी की कीमतें बच्चों की शिक्षा स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल खर्च बीमा प्रीमियम वाहन और होम लोन की ईएमआई दैनिक जीवन की बढ़ती लागत नतीजतन, वेतन बढ़ने के बावजूद अधिकांश परिवारों के पास बचत के लिए अपेक्षाकृत कम पैसा बच रहा है। ज्यादा कमाई, लेकिन कम आर्थिक संतोष विशेषज्ञों का मानना है कि आज की पीढ़ी अपने माता-पिता की तुलना में कहीं अधिक कमाई कर रही है, लेकिन आर्थिक रूप से खुद को उतना सुरक्षित महसूस नहीं करती। ईएमआई, स्कूल फीस, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल, स्वास्थ्य बीमा और अन्य जिम्मेदारियों के बाद आय का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है। यही वजह है कि अच्छी सैलरी पाने वाले लोग भी भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। साइड इनकम का बढ़ता ट्रेंड बेंगलुरु के आईटी प्रोफेशनल की तरह अब कई नौकरीपेशा लोग अतिरिक्त कमाई के रास्ते तलाश रहे हैं। आज बड़ी संख्या में लोग: फ्रीलांसिंग कर रहे हैं ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं कंसल्टिंग सेवाएं दे रहे हैं निवेश और ट्रेडिंग कर रहे हैं छोटे व्यवसाय शुरू कर रहे हैं इनमें से अधिकांश लोग आर्थिक संकट में नहीं हैं, बल्कि बढ़ती आकांक्षाओं और खर्चों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। क्या समस्या सैलरी की है या बढ़ती उम्मीदों की? विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि केवल महंगाई ही समस्या नहीं है, बल्कि जीवनशैली की अपेक्षाएं भी काफी बदल गई हैं। आज का शहरी मध्यम वर्ग एक साथ कई लक्ष्य हासिल करना चाहता है: अपना घर खरीदना बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाना बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं लेना नियमित छुट्टियां मनाना नई तकनीक और गैजेट्स खरीदना निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग करना इन सभी जरूरतों को एक ही आय के जरिए पूरा करना पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। सोशल मीडिया ने भी बढ़ाया दबाव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने लोगों की जीवनशैली और सफलता की परिभाषा बदल दी है। लक्जरी घर, विदेश यात्राएं, महंगी कारें और हाई-एंड लाइफस्टाइल अब लगातार लोगों की स्क्रीन पर दिखाई देती हैं। इससे कई बार लोग अपनी तुलना समाज के सबसे संपन्न वर्ग से करने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक असंतोष का एक कारण यह भी है कि सफलता का पैमाना लगातार बदल रहा है। आर्थिक असुरक्षा केवल मानसिक नहीं, वास्तविक भी है आज के शहरी परिवारों के सामने कई वित्तीय जिम्मेदारियां एक साथ मौजूद हैं। उन्हें: घर की लागत संभालनी है बच्चों की उच्च शिक्षा की योजना बनानी है बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनना है रिटायरमेंट फंड तैयार करना है मेडिकल आपात स्थितियों के लिए बचत करनी है इसी वजह से अच्छी आय होने के बावजूद आर्थिक असुरक्षा की भावना बनी रहती है। बदल गया है मिडिल क्लास का सपना मध्यम वर्ग के सपने आज भी वही हैं—स्थिर नौकरी, अपना घर, बच्चों की अच्छी शिक्षा और सुरक्षित रिटायरमेंट। लेकिन इन लक्ष्यों को हासिल करने की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज आर्थिक सुरक्षा केवल अधिक कमाने से नहीं, बल्कि बेहतर वित्तीय योजना, अनुशासित बचत और समझदारी से निवेश करने से मिलेगी। 1 लाख रुपये महीना आज भी भारत के अधिकांश लोगों के लिए एक बड़ी आय मानी जाती है। लेकिन बड़े शहरों में बढ़ती महंगाई, जीवनशैली के खर्च और वित्तीय जिम्मेदारियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या केवल अच्छी सैलरी ही आर्थिक सुरक्षा की गारंटी दे सकती है? आज के भारत में जवाब शायद "नहीं" है। अब आर्थिक सफलता केवल कमाई पर नहीं, बल्कि उस कमाई को संभालने और बढ़ाने की क्षमता पर भी निर्भर करती है।  

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