राष्ट्रीय

दिल्ली में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से आग, दो की मौत

दिल्ली में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से चार मंजिला इमारत में लगी आग, दो लोगों की मौत

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
दिल्ली के रघुबीर नगर में ई-रिक्शा बैटरी से लगी इमारत में आग
रघुबीर नगर में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से आग

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में सोमवार तड़के ई-रिक्शा की बैटरी फटने से चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल में भीषण आग लग गई। हादसे में दो लोग झुलस गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

तड़के 4:42 बजे मिली आग की सूचना

 

 

दमकल विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 4:42 बजे रघुबीर नगर के आर ब्लॉक स्थित एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।

 

जांच में सामने आया कि आग इमारत की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरी फटने के बाद लगी। बैटरी फटने के बाद वहां रखे घरेलू सामान ने आग पकड़ ली, जिससे कुछ ही समय में आग फैल गई।

 

हादसे में दो लोगों की मौत

 

 

आग की चपेट में आने से 17 वर्षीय सुफैद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए रघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

 

5:25 बजे आग पर पाया काबू

 

 

दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद करीब 5:25 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि आग इमारत के अन्य हिस्सों में ज्यादा नहीं फैल सकी।

 

 

पुलिस कर रही मामले की जांच

 

 

फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में ई-रिक्शा की बैटरी फटने को आग की वजह बताया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बैटरी किस स्थिति में थी और घटना के समय वहां उसे चार्ज किया जा रहा था या नहीं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

राष्ट्रीय

View more
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से बंद सड़क और प्रभावित जनजीवन
हिमाचल में बारिश से हाहाकार: 110 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप; 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 17 अगस्त सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 110 सड़कें बंद, 91 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित और 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिला है।   मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद     बारिश से मंडी जिले में 39 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू में 33 सड़कें प्रभावित हैं। चंबा में 12, शिमला में नौ, कांगड़ा में छह और सिरमौर में भी कई सड़कें बंद हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।     बिजली और पानी की व्यवस्था भी प्रभावित     बारिश के कारण प्रदेश में 91 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर ठप हैं। मंडी में 28, शिमला में 22 और सिरमौर में 41 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। इसके अलावा 217 पेयजल आपूर्ति योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है।     मानसून में 79 लोगों की मौत     16 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में 79 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मानसून अवधि में सड़क हादसों में 108 लोगों की जान गई है। भूस्खलन, बाढ़, डूबने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने भी मुश्किलें बढ़ाई हैं।     973 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान     30 जून से 16 अगस्त तक हिमाचल में मानसून से करीब 973.16 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी एवं निजी संपत्तियों को हुआ नुकसान शामिल है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
असम बाढ़ के बाद प्रभावित गांवों और विस्थापित परिवारों की स्थिति

Assam Flood: 103 मौतें, 7 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित; पानी उतरने के बाद भी सामने है बड़ी चुनौती

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियां

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से, 900 से ज्यादा सवाल पहुंचे; विपक्ष के हंगामे के आसार

आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का निर्माण

UP: आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, सितंबर से शुरू होगा 37 किमी हिस्से का काम

Shehzad Poonawalla announces resignation from BJP and national spokesperson post citing personal and financial reasons
शहजाद पूनावाला ने बीजेपी से दिया इस्तीफा, बोले- ‘पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’

नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है। पूनावाला के इस्तीफे के बाद बीजेपी की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूनावाला के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले 30 जुलाई 2026 को आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की पेशकश की थी। उस समय पार्टी ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया था और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। लंबी चर्चा के बाद लिया अंतिम फैसला अपने ताजा पत्र में शहजाद पूनावाला ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श और गंभीर मंथन के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं और जिन लोगों के बारे में उन्होंने पार्टी नेतृत्व को जानकारी दी थी, उसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का अंतिम फैसला किया। इस तरह पूनावाला अब बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद के साथ-साथ सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से भी अलग होने की प्रक्रिया में हैं। पीएम मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार इस्तीफे के पत्र में पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के प्रति उनके मन में किसी तरह की नाराजगी या आहत भावना नहीं है। पिछले पांच वर्षों में पार्टी की ओर से मिले मंच और अवसरों के लिए उन्होंने नेतृत्व का धन्यवाद किया। निजी क्षेत्र में जाने की तैयारी पूनावाला ने अपने इस्तीफे की वजह मुख्य रूप से आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को बताया है। उन्होंने कहा कि अब वह निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीजेपी से संगठनात्मक रूप से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण तथा कार्यों का समर्थन करते रहेंगे। ‘व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’ शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की सबसे अहम बात उनका यह बयान रहा कि वह “पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं।” इस बयान से साफ है कि पूनावाला ने संगठन से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखने की बात कही है। अब देखना होगा कि बीजेपी नेतृत्व उनके इस्तीफे को किस तरह स्वीकार करता है और आगे पार्टी में उनकी भूमिका क्या रहती है।  

surbhi अगस्त 17, 2026 0
BJP MLA M. Bhojarajan speaks in Tamil Nadu Assembly as the party’s lone voice against Chief Minister Vijay

तमिलनाडु विधानसभा में CM विजय के खिलाफ अकेली आवाज बने BJP विधायक एम. भोजराजन, जानिए कौन हैं ये 79 वर्षीय नेता

BJP workers protest across India over Vande Mataram controversy involving Sonia Gandhi and Congress

वंदे मातरम् विवाद पर सियासी संग्राम तेज, सोनिया गांधी के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन; कांग्रेस ने कहा- माफी का सवाल नहीं

नेपाल दौरे पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ

नेपाल दौरे पर पहुंचे सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सहयोग और सीमा सुरक्षा पर होगी अहम चर्चा

दिल्ली के रघुबीर नगर में ई-रिक्शा बैटरी से लगी इमारत में आग
दिल्ली में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से चार मंजिला इमारत में लगी आग, दो लोगों की मौत

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में सोमवार तड़के ई-रिक्शा की बैटरी फटने से चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल में भीषण आग लग गई। हादसे में दो लोग झुलस गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   तड़के 4:42 बजे मिली आग की सूचना     दमकल विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 4:42 बजे रघुबीर नगर के आर ब्लॉक स्थित एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।   जांच में सामने आया कि आग इमारत की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरी फटने के बाद लगी। बैटरी फटने के बाद वहां रखे घरेलू सामान ने आग पकड़ ली, जिससे कुछ ही समय में आग फैल गई।   हादसे में दो लोगों की मौत     आग की चपेट में आने से 17 वर्षीय सुफैद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए रघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।     5:25 बजे आग पर पाया काबू     दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद करीब 5:25 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि आग इमारत के अन्य हिस्सों में ज्यादा नहीं फैल सकी।     पुलिस कर रही मामले की जांच     फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में ई-रिक्शा की बैटरी फटने को आग की वजह बताया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बैटरी किस स्थिति में थी और घटना के समय वहां उसे चार्ज किया जा रहा था या नहीं।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
आगरा में निर्माणाधीन मकान की छत और दीवार ढहने का हादसा

आगरा में निर्माणाधीन मकान की छत-दीवार ढही, मलबे में दबे राजमिस्त्री की मौत; मकान मालिक पर केस

तारापीठ के होटल में भीषण आग की तस्वीर

प. बंगाल के तारापीठ के होटल में भीषण आग, 6 की मौत; कई लोग घायल

Today Horoscope

Today Horoscope: आज का राशिफल 17 अगस्त 2026, सोमवार

0 Comments

Top week

Jharkhand students protesting over JPSC-JSSC exam issues and demanding Rahul Gandhi’s intervention
झारखंड

Jharkhand Student Protest: छात्रों का ऐलान- राहुल गांधी के झारखंड आने तक जारी रहेगा आंदोलन

kalpana अगस्त 11, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?