मेष राशि - किसी सज्जन पुरुष की दैवीय बातें आपको संतोष और ढांढस बंधाएंगी। इस राशि के कारोबारियों को आज अपने घर के उन सदस्यों से दूर रहना चाहिए जो आपसे पैसा मांगते हैं और फिर लौटाते नहीं हैं। घरेलू काम थका देने वाला होगा और इसलिए मानसिक तनाव की वजह भी बन सकता है। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। आज कार्यक्षेत्र में आपकेी ऊर्जा घर के किसी मसले को लेकर कम रहेगी। इस राशि के कारोबारियों को आज के दिन अपने साझेदारों पर नजर बनाए रखने की जरुरत है, वो आपको नुक्सान पहुंचा सकते हैं। कोई रोचक मैगजीन या उपन्यास पढ़ के आजके दिन को आप अच्छी तरह से व्यतीत कर सकते हैं। काफ़ी वक़्त बाद आप और आपका जीवनसाथी एक शान्त दिन साथ बिता सकते हैं, जब कोई लड़ाई-झगड़ा न हो - सिर्फ़ प्यार हो।
उपाय :- कार्यस्थल में प्रवेश करने से पहले सूर्य के द्वादश नामों का स्मरण करना नौकरी/बिज़नेस में उन्नति देगा।
वृषभ राशि - सेहत बढ़िया रहेगी। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। आपके आकर्षण और व्यक्तित्व के ज़रिए आपको कुछ नए दोस्त मिलेंगे। कोई अच्छी ख़बर या जीवनसाथी/प्रिय से मिला कोई संदेश आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। आप किसी बड़े व्यावसायिक लेन-देन को अंजाम दे सकते हैं और मनोरंजन से जुड़ी किसी परियोजना में कई लोगों का संयोजन कर सकते हैं। छात्रोंं के दिमाग में आज प्यार का बुखार छा सकता है और इस वजह से उनका काफी समय बर्बाद हो सकता है। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है।
उपाय :- धन की स्थिति अच्छी करने के लिए दूध में हल्दी डालकर पिएं।
मिथुन राशि - आँखों के मरीज़ प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि धूँआ आपकी आँखों को और नुक़सान पहुँचा सकता है। अगर मुमकिन हो तो सूरज की तेज़ रोशनी से भी बचे। आपके घर से जुड़ा निवेश फ़ायदेमंद रहेगा। अपने मित्रों या संबंधियों को अपना आर्थिक काम-काज और रुपये-पैसे का प्रबंधन न करने दें, नहीं तो जल्दी ही आप आपने तयशुदा बजट से कहीं आगे निकल जाएंगे। फूल देकर अपने प्यार का इज़हार करें। आपकी कड़ी मेहनत और निष्ठा ख़ुद आपके लिए बोलेगी व दूसरों का विश्वास और सहयोग आपको हासिल होगा। कई कामों को छोड़कर आप आज अपने पसंदीदा कामों को करने का मन बनाएंगे लेकिन काम की अधिकता के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएँगे। अगर आप वैवाहिक तौर पर लंबे समय से कुछ नाख़ुश हैं, तो आज के दिन आप हालात बेहतर होते हुए महसूस कर सकते हैं।
उपाय :- विधारा की जड़ को रात्रि में एक पात्र में भीगकर रखें व अगली सुबह उस जल का सेवन करने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।
कर्क राशि - गर्भवती महिलाओं के लिए अतिरिक्त सावधान रहने का दिन है। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। आपके जीवन-साथी की सेहत चिंता का सबब बन सकती है और उसे चिकित्सकीय देखरेख की ज़रूरत है। आज आपको निराशा हाथ लग सकती है, क्योंकि मुमकिन है कि आप अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर न जा पाएँ। आपके पास आज अपनी क्षमताओं को दिखाने के मौक़े होंगे। इस राशि के छात्र-छात्राएं आज अपने कीमती समय का दुरुपयोग कर सकते हैं। आप मोबाइल या टीवी पर आवश्यकता से अधिक समय जाया कर सकते हैं। आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमानी दिन गुज़ार सकते हैं, इससे आपका रिश्ता मज़बूत होगा।
उपाय :- बहन, बेटी, मौसी, बुआ या साली की सहायता करना पारिवारिक जीवन के लिए शुभ है।
सिंह राशि - आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। आपकी भरपूर ऊर्जा और ज़बरदस्त उत्साह सकारात्मक परिणाम लाएंगे व घरेलू तनाव दूर करने में मददगार रहेंगे। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। लंबित परियोजनाएँ पूरी होने की दिशा में बढ़ेंगी। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। जीवनसाथी के कारण कुछ नुक़सान हो सकता है।
उपाय :- लव लाइफ को अच्छा रखने के लिए एक-दूसरे को चाँदी की वस्तुएँ भेंट करें।
कन्या राशि - लम्बी यात्रा के लिहाज़ से आपने सेहत और ऊर्जा-स्तर में जो सुधार किए हैं, वे काफ़ी फ़ायदेमंद रहेंगे। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद आप थकान के चंगुल में फँसने से बचे रहेंगे। घर में किसी फंक्शन के होने की वजह से आज आपको बहुत धन खर्च करना पड़ेगा जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। बच्चे कोई दिल ख़ुश करने वाली ख़बर ला सकते हैं। आज अपने ख़ूबसूरत कामों को दिखाने के लिए आपका प्रेम पूरी तरह खिलेगा। दफ़्तर में अपनी ग़लती स्वीकार करना आपके पक्ष में जाएगा। लेकिन आपको इसे सुधारने के लिए विश्लेषण की ज़रूरत है। आपकी वजह से जिसे नुक़सान हुआ हो, उससे माफ़ी मांगने की ज़रूरत है। याद रखिए कि हर कोई ग़लती करता है, लेकिन केवल बेवकूफ़ ही उन्हें दोहराते हैं। कुछ लोगों के लिए आकस्मिक यात्रा दौड़-भाग भरी और तनावपूर्ण रहेगी। कहते हैं कि स्त्रियाँ शुक्र और परुष मंगल ग्रह के रहने वाले हैं, लेकिन आज के दिन विवाहित शुक्र और मंगल एक-दूसरे में घुल जाएंगे।
उपाय :- धन प्राप्ति के लिए दूध या जल में केसर डालकर उसका सेवन करें।
तुला राशि - अपनी सेहत के बारे में ज़रूरत से ज़्यादा चिंता न करें। निश्चिंतता बीमारी की सबसे बड़ी दवा है। आपका सही रवैया ग़लत रवैये को हराने में क़ामयाब रहेगा। आज यदि आप अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा रहे हैं तो पैसा सोच समझकर खर्च करें। धन हानि हो सकती है। आपका मज़ाकिया स्वभाव आपके चारों ओर के वातावरण को ख़ुशनुमा बना देगा। रोमांस का मौसम है। लेकिन अपने जज़्बात क़ाबू में रखें, नहीं तो रिश्ते में खटास पैदा हो सकती है। महत्वपूर्ण व्यापारिक सौदे करते समय दूसरों के दबाव में न आएँ। इस राशि के जातक आज लोगों से मिलने से ज्यादा अकेले में वक्त बिताना पसंद करेंगे। आज आपका खाली समय घर की सफाई में बीत सकता है। आपकी बीती ज़िन्दगी का कोई राज़ आपके जीवनसाथी को उदास कर सकता है।
उपाय :- घर में लाल रंग के पर्दे और चादर का प्रयोग करें।
वृश्चिक राशि - अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। अपने ख़र्चों पर क़ाबू रखें और आज हाथ खोलकर व्यय करने से बचें। जो लोग आपके क़रीब हैं, वे आपका ग़लत फ़ायदा उठा सकते हैं। आपका रुमानी संबंध आज थोड़ी परेशानी में पड़ सकता है। कामकाज के मोर्चे पर आज का दिन काफ़ी अच्छा रहने वाला है। नए विचारों और आइडिया को जाँचने का बेहतरीन वक़्त। ख़र्चों को लेकर जीवनसाथी से तनातनी संभव है।
उपाय :- लाल व भूरी चींटियों को खांड, मिश्री खिलाने से पारिवारिक जीवन अच्छा चलने लगता है।
धनु राशि - जिस तरह मिर्च खाने को लज़ीज़ बनाती है, उसी तरह थोड़ा-सा दुःख भी जीवन में ज़रूरी है और तभी सुख की असली क़ीमत पता लगती है। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। जिन्हें आप चाहते हैं, उनके साथ उपहारों का लेन-देन करने के लिए अच्छा दिन है। मुहब्बत और रोमांस आपको ख़ुशमिज़ाज रखेगे। कामकाज में आपको काफ़ी फ़ायदा हो सकता है। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। आपका जीवनसाथी हाल में हुई खटपट को भुलाकर अपने अच्छे स्वभाव का परिचय देगा।
उपाय :- मांसाहार का त्याग करने से स्वास्थ्य सेहत अच्छी रहेगी।
मकर राशि - शारीरिक तौर पर तंदुरुस्त रहने के लिए धूम्रपान की आदत छोड़ दें। आज के दिन आप धन से जुड़ी समस्या के कारण परेशान रह सकते हैं। इसके लिए आपको अपने किसी विश्वास पात्र से सलाह लेनी चाहिए। घर पर मेहमानों का आना दिन को बढ़िया और ख़ुशगवार बना देगा। रोमांस के लिए बढ़ाए गए क़दम असर नहीं दिखाएंगे। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। अपने समय की कीमत समझें, उन लोगों के बीच रहना जिनकी बातें आपके समझ में नहीं आती हैं गलत है। ऐसा करना भविष्य में आपको परेशानियों के अलावा कुछ नहीं देगा। जीवनसाथी से बिना पूछे योजना बनाएंगे, तो उनकी ओर से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल सकती है।
उपाय :- अपने भोजन में से कुछ हिस्सा निकालकर गाय को खिलाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
कुम्भ राशि - असुरक्षा/ दुविधा के चलते आप असमंजस में फँस सकते हैं। आज आपकी कोई चल संपत्ति चोरी हो सकती है इसलिए जितना हो सके इनका ध्यान रखें। दोस्त और जीवनसाथी आपके लिए सुकून और ख़ुशी लेकर आएंगे, नहीं तो आपका दिन बुझा-बुझा और दौड़-भाग से भरा रहेगा। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपके प्रिय का फ़ोन आएगा। अगर आप कई दिनों से कामकाज में दिक़्क़त महसूस कर रहे हैं, तो आज के दिन आपको राहत महसूस हो सकती है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। आपको ख़ुश करने के लिए आपका जीवनसाथी काफ़ी कोशिशें कर सकता है।
उपाय :- सतनाजे की रोटी बनाकर पक्षियों में डालने से आर्थिक स्थिति अच्छी होगी।
मीन राशि - लंबे समय से चली आ रही अपनी बीमारी का इलाज अपनी मुस्कान से करें, क्योंकि यह सभी परेशानियों की सबसे कारगर दवा है। आज आप अपने घर के वरिष्ठ जनों से पैसे की बचत करने को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं और उस सलाह को जिंदगी में जगह भी दे सकते हैं. घर में शांति और सुकून का माहौल बनाए रखने के लिए तालमेल से काम करें। आपका महबूब आज आपको बड़ी ख़ूबसूरती से कुछ ख़ास करके चौंका सकता है। कुछ के लिए पार्ट-टाइम नौकरी अच्छा विकल्प है। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। आपका जीवनसाथी अन्य दिनों की अपेक्षा आपका ज़्यादा ख़्याल रखेगा।
उपाय :- सफेद कपड़ों को ज्यादा से ज्यादा पहने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आधार कार्ड के डिजाइन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) आधार कार्ड को और अधिक सुरक्षित और डिजिटल-फर्स्ट बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों की निजी जानकारी की सुरक्षा बढ़ाना और फर्जीवाड़े की संभावनाओं को कम करना है। वर्तमान में आधार कार्ड पर व्यक्ति का नाम, पता और 12 अंकों का आधार नंबर स्पष्ट रूप से छपा होता है। लेकिन नया डिजाइन लागू होने के बाद यह जानकारी सीधे कार्ड पर दिखाई नहीं देगी, जिससे डेटा लीक और दुरुपयोग की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। नए आधार कार्ड में क्या होगा खास प्रस्तावित नए आधार कार्ड में केवल दो चीजें प्रमुख रूप से दिखाई देंगी—यूजर की फोटो और एक सुरक्षित QR कोड। इस QR कोड में व्यक्ति की सभी जरूरी जानकारियां जैसे नाम, पता, जन्मतिथि और आधार नंबर एन्क्रिप्टेड (कोडेड) रूप में सुरक्षित रहेंगी।इस QR कोड को केवल UIDAI द्वारा अधिकृत स्कैनर या आधिकारिक आधार ऐप के जरिए ही पढ़ा जा सकेगा। यानी अब किसी भी व्यक्ति की जानकारी सामान्य तरीके से कार्ड देखकर एक्सेस नहीं की जा सकेगी। क्यों जरूरी हुआ यह बदलाव सरकार के अनुसार आधार डेटा के दुरुपयोग और अनधिकृत कॉपी बनाए जाने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। कई संस्थान आधार की फोटोकॉपी को बिना अनुमति के स्टोर कर लेते हैं, जिससे प्राइवेसी को खतरा बढ़ जाता है।नया सिस्टम इस समस्या को काफी हद तक खत्म कर सकता है, क्योंकि फिजिकल कार्ड पर संवेदनशील जानकारी दिखाई ही नहीं देगी। इससे धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और डेटा लीक जैसे मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा UIDAI पहले ही आधार के डिजिटल उपयोग को बढ़ाने के लिए नया ऐप लॉन्च कर चुका है, जिससे लोग अपनी पहचान सुरक्षित तरीके से शेयर कर सकते हैं। अब इस बदलाव के साथ फिजिकल कार्ड की बजाय डिजिटल वेरिफिकेशन को प्राथमिकता दी जाएगी।सरकार की योजना “आधार विजन 2032” के तहत एक हाई-लेवल कमेटी भी बनाई गई है, जो भविष्य की सुरक्षा जरूरतों और डेटा प्रोटेक्शन पर काम कर रही है। यूजर्स को क्या करना होगा फिलहाल आधार कार्ड का पुराना सिस्टम जारी रहेगा। जब नया डिजाइन लागू होगा, तब यूजर्स UIDAI की वेबसाइट या ऐप के जरिए नया आधार कार्ड (संभवतः PVC कार्ड फॉर्मेट में) प्राप्त कर सकेंगे।
नंदिनी लेआउट में देर रात मची अफरा-तफरी कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के नंदिनी लेआउट इलाके में रविवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। यह आग राजकुमार मेमोरियल के पास स्थित एक LED बैनर गोदाम में लगी, जो देखते ही देखते पास की इमारतों तक पहुंच गई। महिलाओं के PG तक पहुंची आग, मचा कोहराम गोदाम के बगल में स्थित चार मंजिला महिला PG भी आग की चपेट में आ गया। इमारत में रह रही करीब 50 युवतियां अचानक धुएं और लपटों से घिर गईं। बाहर निकलने का रास्ता बंद होता देख कई लड़कियों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद लोगों और राहतकर्मियों ने तुरंत मदद शुरू की। कई युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दमकल विभाग ने समय रहते संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही दमकल और आपदा राहत की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। सभी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। कई वाहन और आसपास की संपत्तियां क्षतिग्रस्त आग की लपटों ने गोदाम के बाहर खड़े एक मोटरसाइकिल और एक पिकअप वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा। तेज गर्मी के कारण कुछ मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं, जबकि खिड़कियों के शीशे टूट गए। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारी हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों और रिहायशी परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्पक्ष चुनाव पर उठे सवाल पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन पर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने उन्हें पद से हटाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका, चुनाव आयोग पर कार्रवाई का दबाव यह जनहित याचिका आदित्य दास नामक याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल की गई है। इसमें चुनाव आयोग से अपील की गई है कि अजय पाल शर्मा को उनके पद से हटाया जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी भूमिका के अनुरूप निष्पक्षता नहीं बरती और मतदाताओं पर प्रभाव डालने या उन्हें डराने-धमकाने जैसा व्यवहार किया। वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत उस वायरल वीडियो से हुई, जिसमें अजय पाल शर्मा को फाल्टा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान को कथित तौर पर चेतावनी देते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई और उनके आचरण पर सवाल उठने लगे। निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठी मांग याचिका में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि ऐसे अधिकारियों को हटाया जाए, जिन पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं। हालांकि, इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है। कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा? अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें कड़े और सख्त पुलिसिंग के लिए जाना जाता है और उनकी छवि अक्सर ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘यूपी के सिंघम’ के रूप में देखी जाती है। वर्तमान में उन्हें पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया गया है। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों की नियुक्ति राजनीतिक प्रभाव से जुड़ी हो सकती है। वहीं टीएमसी की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए जा रहे हैं।