झारखंड

हजारीबाग में प्रिंस खान गैंग के संदिग्ध गुर्गे से पुलिस की मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

anjali kumari अगस्त 8, 2026 0
Prince Khan Gang
Prince Khan Gang

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में प्रिंस खान गिरोह के संदिग्ध सदस्यों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। बड़कागांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरोह से जुड़े संदिग्ध आरोपी अंकित कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

मामला बड़कागांव के 13 माइल ट्रांसपोर्ट रोड पर दो हाइवा वाहनों पर हुई गोलीबारी से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल, 7.62 एमएम का एक खोखा, एक मिस फायर गोली, एक जिंदा गोली, एक देसी बम और चार धमकी भरे पर्चे बरामद किए हैं।

 

पूछताछ में सामने आया गैंग से कनेक्शन

 

हजारीबाग पुलिस के अनुसार, एनटीपीसी कोल परिवहन में लगे वाहनों पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान पिपराडीह निवासी अंकित कुमार पांडेय संदिग्ध पाया गया। उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पुलिस ने उसके मोबाइल की जांच की, जिसमें टेलीग्राम के जरिए गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके गिरोह के सदस्यों से कथित बातचीत सामने आई।

 

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने 25 जुलाई की रात 13 माइल ट्रांसपोर्ट रोड पर अपने साथियों के साथ फायरिंग करने और प्रिंस खान गिरोह के नाम से धमकी भरे पर्चे छोड़ने की बात स्वीकार की।

 

बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग का आरोप

 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर हथियार और बम बरामद करने के लिए टीम गैस प्लांट के पास पहुंची थी। इसी दौरान अंकित ने एक जवान को धक्का देकर बरामद पिस्तौल से पुलिस टीम पर गोली चलाने और मौके से भागने की कोशिश की।

 

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल अंकित को पहले बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

 

एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टि

 

हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग वाहनों पर फायरिंग करने वाले प्रिंस खान गिरोह से जुड़े संदिग्ध अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने मुठभेड़ में आरोपी के घायल होने और गिरफ्तारी की पुष्टि की है। मामले में पुलिस जल्द ही विस्तृत जानकारी और प्रेस वार्ता के जरिए पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकती है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

झारखंड

View more
10 लाख के इनामी माओवादी सालुका कायम का पश्चिमी सिंहभूम में सरेंडर
10 लाख का इनामी माओवादी सालुका कायम ने दो महिला माओवादियों संग किया सरेंडर

रांची। झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 10 लाख रुपये के इनामी माओवादी सालुका कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सालुका को प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का सक्रिय सदस्य और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी बताया जाता है।   10 लाख रुपये का इनाम था घोषित     जानकारी के अनुसार, सालुका कायम उर्फ सालुका, डांगिल, मारू और भुवनेश्वर कायम पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरू कायमसाई गांव का रहने वाला है। वह सोढो कायम का पुत्र बताया जाता है।   पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सालुका प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की साउथ जोन सेंट्रल कमेटी से जुड़ा सक्रिय सदस्य रहा है। उसके ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।   मिसिर बेसरा का करीबी बताया गया     सूत्रों के अनुसार, सालुका कायम लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय था और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और माओवादी नेटवर्क पर बढ़ते दबाव के बीच संगठन के सदस्यों के आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है।   इसी क्रम में सालुका ने भी दो महिला माओवादियों के साथ पुलिस के सामने हथियार छोड़ने का फैसला किया। इसे कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।   माओवादी संगठन पर बढ़ रहा दबाव     झारखंड में हाल के दिनों में माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई है। हाल ही में रांची में 14 माओवादियों के आत्मसमर्पण की सूचना सामने आई थी। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां के चांडिल क्षेत्र में सक्रिय रहे रवि सरदार समेत तीन माओवादियों की गिरफ्तारी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम कामयाबी रही।   लगातार हो रही गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण की घटनाओं से कोल्हान क्षेत्र में माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 8, 2026 0
Tribal Film Festival

आदिवासी महोत्सव: 9 अगस्त को फिल्म फेस्टिवल, युवाओं को मिलेगा फिल्म मेकिंग का प्रशिक्षण

Prince Khan Gang

हजारीबाग में प्रिंस खान गैंग के संदिग्ध गुर्गे से पुलिस की मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

JPSC Student Protest

बीमार JPSC छात्र से मिले इरफान अंसारी, बोले- संवाद से निकलेगा समाधान

Students protesting at Jaipal Singh Munda Stadium in Ranchi during an indefinite hunger strike
रांची में प्रदर्शन कर रहे अनशनकारियों की बिगड़ने लगी तबीयत, सदर अस्पताल में एक और छात्र भर्ती

रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की सेहत अब बिगड़ने लगी है. आमरण अनशन पर बैठे पलामू निवासी छात्र राहुल क्रांति की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की जांच में उन्हें वायरल फीवर होने की पुष्टि हुई है. इससे आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गयी है. शनिवार सुबह करीब 10 बजे डॉक्टरों की टीम ने अनशन स्थल पर राहुल क्रांति की स्वास्थ्य जांच की. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है. सदर अस्पताल में राहुल क्रांति का चल रहा इलाज सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश सिंह ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में राहुल क्रांति ही भर्ती हैं. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बतायी गयी है. इससे पहले भी एक अन्य छात्र को अचानक बेहोश होने के बाद अस्पताल लाया गया था. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के साथ उसे ड्रिप चढ़ायी, जिसके बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गयी. स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद छात्र ने अस्पताल से छुट्टी देने का अनुरोध किया. जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया. बारिश और उमस के बीच बढ़ा बीमारियों का खतरा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लगातार धरना और अनशन कर रहे हैं. रांची में लगातार बारिश और उमस भरे मौसम के बीच खुले स्थान पर रहने के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है. धरना स्थल पर मौजूद कई छात्रों में सिरदर्द, गले में खराश या दर्द और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है. भीड़भाड़ और गीले-उमस वाले माहौल के कारण मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. प्रशासन से मेडिकल कैंप लगाने की मांग आइसा के झारखंड सचिव त्रिलोकीनाथ ने दावा किया है कि आंदोलन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी और लगातार खुले में रहने के कारण कई प्रतियोगी छात्र वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन और मौसमी बीमारियों से परेशान हैं. उन्होंने प्रशासन से आंदोलन स्थल पर तत्काल चिकित्सा व्यवस्था और स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है, ताकि अनशन पर बैठे छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच हो सके.  

kalpana अगस्त 8, 2026 0
Shaheed Nirmal Mahato memorial event and newly built park in Patratu

शहीद निर्मल महतो का 39वां शहादत दिवस आज, पतरातू में होगा पार्क का उद्घाटन

Chief Minister Hemant Soren paying tribute to martyr Nirmal Mahto in Jamshedpur

77वां वन महोत्सव: सिर्फ पौधारोपण के ठेके से नहीं, संवेदनशीलता से बचेगा पर्यावरण- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

Chief Minister Hemant Soren paying tribute to martyr Nirmal Mahto in Jamshedpur

आज जमशेदपुर आएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शहीद निर्मल महतो को देंगे श्रद्धांजलि; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर आयोजित होने वाला CRPF बैंड शो
रांची में 9 अगस्त को CRPF बैंड शो, अलबर्ट एक्का चौक पर दिखेगा देशभक्ति का रंग

रांची। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय की पहल पर देशभर में आयोजित किए जा रहे विशेष बैंड प्रदर्शनों की श्रृंखला के तहत झारखंड में भी कई स्थानों पर देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर 9 अगस्त को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का विशेष बैंड प्रदर्शन होगा, जिसमें केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।   8 से 15 अगस्त तक होंगे विशेष कार्यक्रम     रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर 8 से 15 अगस्त के बीच देशभर में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और एनसीसी द्वारा विशेष बैंड प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि देना और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना है।     झारखंड के कई शहरों में होगी बैंड प्रस्तुति     रांची और हजारीबाग सहित राज्य के विभिन्न स्थानों पर देशभक्ति से ओत-प्रोत बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार—   8 अगस्त: निर्मल महतो पार्क और अनंताचार्य स्टेडियम, हजारीबाग 9 अगस्त: अलबर्ट एक्का चौक, रांची; पुलिस ट्रेनिंग ग्राउंड और झील पार्क, हजारीबाग 10 अगस्त: मेरू कैंप के निकट, हजारीबाग 11 से 13 अगस्त: सेक्टर-3 गोलचक्कर, रांची 12 अगस्त: रांची रेलवे स्टेशन 14 अगस्त: टाटानगर रेलवे स्टेशन 14 और 15 अगस्त: बालालौंग चौक, रांची 15 अगस्त: बादाम फोर्ट, हजारीबाग   राष्ट्रभक्ति का संदेश देने की पहल     रक्षा मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आम लोगों, विशेषकर युवाओं को देशभक्ति की भावना से जोड़ना और सुरक्षा बलों के योगदान से परिचित कराना है। इन कार्यक्रमों में देशभक्ति की धुनों के साथ सैन्य बैंड की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
रांची में JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान विरोध

JPSC-JSSC आंदोलन में 'पॉलिटिकल एंट्री': अराजनैतिक प्रदर्शन में वामपंथी नेता के आने से भड़के छात्र, फेंकी स्याही

झारखंड शराब घोटाले में ACB ने अरुण कुमार सिंह से पूछताछ की

झारखंड शराब घोटाला: IAS विनय चौबे के करीबी अरुण कुमार सिंह से ACB की पूछताछ, मनी ट्रेल की जांच तेज

JPSC-JSSC आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान

JPSC-JSSC आंदोलन: CM हेमंत बोले- छात्रों से बातचीत को तैयार

0 Comments

Top week

French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
राष्ट्रीय

भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?