झारखंड

देवेंद्र महतो ने पूरी भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग की

JPSC-JSSC Protest: देवेंद्र महतो की अपील- सिर्फ परीक्षा रद्द नहीं, पूरी भर्ती प्रक्रिया हो दुरुस्त

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अपील
देवेंद्र नाथ महतो ने भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार की मांग की

रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सदर अस्पताल में इलाजरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से बड़ी मांग की है। उन्होंने वार्ता में शामिल छात्र प्रतिनिधियों से अपील की है कि बातचीत केवल कुछ परीक्षाओं को रद्द कराने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। छात्रों की मांग पूरी भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार की होनी चाहिए।

 

केवल परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं

 

 

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि कुछ परीक्षाओं को रद्द कर देना छात्रों की लड़ाई का अंतिम लक्ष्य नहीं हो सकता। यदि परीक्षा रद्द होने के बाद भी पुरानी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाता है, तो भविष्य में फिर भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।

 

उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों से सरकार के सामने ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग रखने को कहा, जिसमें परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक हर चरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

 

योग्य अभ्यर्थियों के हितों की हो रक्षा

 

 

छात्र नेता ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता के कारण योग्य अभ्यर्थियों को उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और इसमें अपना समय और पैसा लगाते हैं।

 

ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से मौजूदा विवाद का समाधान करने के साथ-साथ भर्ती व्यवस्था की उन कमियों को दूर करने की मांग की, जिनकी वजह से बार-बार परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

 

परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार की मांग

 

 

देवेंद्र नाथ महतो ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान सिस्टम में स्थायी सुधार को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की पहचान, OMR और डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा तथा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।

 

उनका कहना है कि सुधार ऐसा होना चाहिए, जिससे भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं पर अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हो और उन्हें अपनी मांगों के लिए बार-बार आंदोलन करने की जरूरत न पड़े।

 

अस्पताल में इलाजरत, आंदोलन पर नजर

 

 

अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो को रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इलाज के बावजूद उन्होंने कहा कि उनका मन जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के साथ है।

 

उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों से धैर्य बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि छात्रों की एकजुटता और लगातार संघर्ष से उनकी मांगों को मजबूती मिलेगी। अब छात्र प्रतिनिधियों के सामने चुनौती है कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता में तत्काल मांगों के साथ भर्ती व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाए।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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रांची। हटिया स्थित NAMTI परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के कुलपति अरुण कुमार झा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद सभी ने राष्ट्रगान गाया। समारोह में संस्थान के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्रोफेसर, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।   ध्वजारोहण के बाद गूंजा राष्ट्रगान   स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर NAMTI परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। कुलपति अरुण कुमार झा ने तिरंगा फहराया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया। पूरे परिसर में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।   युवाओं की भूमिका पर कुलपति ने दिया जोर   समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति अरुण कुमार झा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण और देश के विकास में करने का आह्वान किया।   एकता और अखंडता के प्रति जताई प्रतिबद्धता   कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और देशहित में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।   समारोह का समापन देशभक्ति की भावना और उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को खास बना दिया।

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रांची में ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार महिला और पुलिस की कार्रवाई
रांची में 5 लाख के ब्राउन शुगर के साथ महिला गिरफ्तार, पुलिस को देखकर भागने लगी थी आरोपी

रांची। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुमार पुल बस स्टैंड के पास से एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 89.32 ग्राम ब्राउन शुगर, एक मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद ब्राउन शुगर की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।   गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल   पुलिस को 16 अगस्त को सूचना मिली थी कि बिहार की ओर से एक महिला भारी मात्रा में ब्राउन शुगर लेकर रांची पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक सदर के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम गठित की गई। टीम जुमार पुल बस स्टैंड के पास पहुंची और महिला का इंतजार करने लगी। दोपहर करीब 3:10 बजे एक महिला ऑटो में अकेली बैठी दिखाई दी। पुलिस को अपनी ओर आते देखकर वह घबरा गई और ऑटो से उतरकर भागने लगी। पुलिस टीम ने महिला चौकीदार की मदद से उसे पकड़ लिया।   पर्स से मिला 89.32 ग्राम ब्राउन शुगर   पकड़े जाने के बाद महिला की तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार, उसके काले रंग के पर्स में रखे प्लास्टिक के पाउच से 89.32 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसके अलावा एक आई-टेल कंपनी का काला की-पैड मोबाइल और 20 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए। पूछताछ में महिला ने अपना नाम मुन्नी देवी (43) बताया। वह रांची के सदर थाना क्षेत्र के जतराटांड़ स्थित कोकर बाजार के देवी मंडप के पास रहने वाली बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने रांची के अलग-अलग चौक-चौराहों पर ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करने की बात स्वीकार की है।   एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज   पुलिस ने मामले में सदर (मेसरा) थाना कांड संख्या 384/26, दिनांक 16 अगस्त 2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी), 22(बी), 23 और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।   महिला के खिलाफ पहले से दर्ज हैं दो मामले   पुलिस के अनुसार, मुन्नी देवी के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। वर्ष 2024 में सदर थाना में कांड संख्या 496/2024 दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2025 में सदर थाना कांड संख्या 632/2025 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(बी) और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।   20 हजार रुपये और मोबाइल भी जब्त   पुलिस ने आरोपी के पास से 500 रुपये के छह नोट, 200 रुपये के 35 नोट और 100 रुपये के 100 नोट बरामद किए। कुल नकद राशि 20 हजार रुपये है। इसके साथ मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कार्रवाई में सदर, कोतवाली, मेसरा और सुखदेवनगर थाना के पुलिस पदाधिकारी व जवान शामिल रहे। महिला चौकीदार कृति मुंडा ने आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।

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रामगढ़ के बड़कीपोना में जंगली हाथियों के हमले में महिला की मौत
रामगढ़ में जंगली हाथियों का कहर, महिला को कुचलकर मार डाला

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। बड़कीपोना गांव में शावकों समेत करीब 15 हाथियों के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान खेत में काम कर रही 50 वर्षीय महिला भानो देवी हाथियों की चपेट में आ गईं। हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।   खेत में काम कर रही थी महिला     जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जंगली हाथियों का झुंड बड़कीपोना बघलता की ओर से गांव में दाखिल हुआ। इसी दौरान डाड़ीटुंगरी निवासी भानो देवी अपने खेत में काम कर रही थीं। अचानक उनका सामना हाथियों से हो गया। महिला कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भानो देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।     झुंड को देखकर ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी     महिला की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। हाथियों का झुंड बड़कीपोना रेलवे स्टेशन और ईदगाह मैदान की ओर बढ़ गया। कई ग्रामीण अपने घरों की छतों पर चढ़कर हाथियों की गतिविधियां देखने लगे।   बड़कीपोना रेलवे ओवरब्रिज के पास झाड़ियों में हाथियों के छिपे होने की सूचना से कई बार भगदड़ जैसी स्थिति भी बनी। जान्हें इलाके में एक महिला और एक पुरुष के घायल होने की भी सूचना है।   रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा हाथियों का झुंड     कुछ देर बाद हाथियों का झुंड झाड़ियों से निकलकर लारी रोड होते हुए मायल स्टेशन की ओर बढ़ गया। इसी दौरान हाथियों के ठिकाने के पास से आद्रा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन भी गुजरी। पुलिस और वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी करती रही।     वीडियो बनाने पहुंचे युवक     हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद भी कुछ युवक झाड़ियों के करीब पहुंचकर वीडियो बनाने की कोशिश करते दिखाई दिए। वन विभाग और पुलिस ने लोगों को ऐसा करने से सख्ती से मना किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि हाथियों के करीब जाना जानलेवा साबित हो सकता है।     स्कूल कराया गया बंद     घटना की सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना के एसआई संजय कुमार रजक और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए बड़कीपोना उत्क्रमित मध्य विद्यालय को भी बंद करा दिया गया। मुखिया अरविंद सिंह की ओर से लगातार एनाउंसमेंट कर ग्रामीणों से हाथियों से दूर रहने की अपील की गई।     हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की नजर     फिलहाल वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के झुंड के पास न जाएं, वीडियो बनाने की कोशिश न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।  

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