गया, एजेंसियां। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नया ब्लॉक विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। अस्पताल में बढ़ाया जा रहा स्वास्थ्य ढांचा मगध मेडिकल अस्पताल गया समेत आसपास के कई जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र है। अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। हाल ही में यहां कैथ लैब शुरू करने की तैयारी की जानकारी सामने आई थी। मरीजों का बढ़ता दबाव अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसी वजह से अतिरिक्त भवन और सुविधाओं की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। जुलाई में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्पताल में 100 बेड का विशेष वार्ड भी तैयार किया गया था। नई सुविधाओं से इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद नए ब्लॉक के निर्माण से अस्पताल में मरीजों के लिए अतिरिक्त स्थान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता खुल सकता है। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिलने और दूसरे बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन वार्निंग लेबल लागू करने में देरी को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने FSSAI को दो सप्ताह के भीतर यह बताने को कहा है कि इस दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की जानकारी प्रमुखता से देने की मांग मामला उन पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से जुड़ा है जिनमें चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि ऐसे उत्पादों के पैकेट के सामने की तरफ स्पष्ट चेतावनी दी जाए, ताकि ग्राहक खरीदारी से पहले ही उसके पोषण संबंधी जोखिम को आसानी से समझ सकें। सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI की देरी पर जताई नाराजगी जस्टिस जेबी पार्डीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने FSSAI की ओर से अब तक हुई प्रगति पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि मामला सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य, से जुड़ा है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि पहले दिए गए निर्देशों पर अब तक ठोस प्रगति क्यों नहीं हुई। FSSAI ने चेतावनी चिन्हों के बजाय दूसरा मॉडल सुझाया FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हालिया प्रस्ताव में पैकेट पर प्रति 100 ग्राम/100 मिलीलीटर पोषक तत्वों की मात्रा, सर्विंग साइज और अनुशंसित दैनिक सीमा जैसी जानकारी देने का सुझाव दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को खुद गणना करनी पड़ेगी, जबकि फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी का उद्देश्य जानकारी को एक नजर में समझने योग्य बनाना है। दो सप्ताह बाद फिर होगी मामले पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को दो सप्ताह का समय देते हुए इस मुद्दे पर आगे की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अदालत ने संकेत दिया है कि यदि संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए तो वह मामले में आगे आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है।
गया, एजेंसियां। बाराचट्टी थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए POCSO एक्ट के एक आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की यह कार्रवाई लंबित मामलों में फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। POCSO मामले में आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने POCSO एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश करने की तैयारी की गई। अन्य दो आरोपियों पर भी कार्रवाई बाराचट्टी पुलिस ने अभियान के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा। पुलिस ने इनके खिलाफ दर्ज मामलों और वारंट से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। तीनों गिरफ्तारियों के बाद पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। पुलिस का अभियान जारी बाराचट्टी पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की टीमें लंबित मामलों में आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक नीचे चला गया, जबकि निफ्टी 50 24,350 के स्तर से नीचे आ गया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव गुरुवार के कारोबार में भी बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं थी। सेंसेक्स 113.61 अंक चढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 40.10 अंक गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया और सेंसेक्स में करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया तनाव और कच्चा तेल बना चिंता निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। इन शेयरों पर रहेगी नजर आज Tata Motors Passenger Vehicles, LG Electronics India, Honasa Consumer, Welspun Living, KRBL, Indigo Paints, Piramal Pharma, UltraTech Cement और Urban Company समेत कई शेयरों में कॉरपोरेट अपडेट और तिमाही नतीजों के कारण गतिविधि देखने को मिल सकती है। बाजार की आगे की दिशा विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल निफ्टी में 24,200-24,700 के दायरे पर नजर रहेगी। वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं।
आरा, एजेंसियां। भोजपुर जिले के भीखमपुर गांव में शुक्रवार को जमीन विवाद सुलझाने के लिए चल रही बातचीत के दौरान वार्ड सदस्य अशोक सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना में दो अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। समझौते के दौरान अचानक चली गोलियां मिली जानकारी के अनुसार, गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। विवाद को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत चल रही थी। इसी दौरान अचानक गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें वार्ड सदस्य अशोक सिंह को गोली लग गई। दो अन्य लोग भी घायल गोलीबारी में दो अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस जमीन विवाद, गोलीबारी की परिस्थितियों और हमलावरों की पहचान समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना को लेकर गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने वारदात के पीछे के कारणों का पता लगाने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपियों की संख्या और पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मुजफ्फरपुर, एजेंसियां। बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस ने ब्यूटी पार्लरों और मसाज सेंटरों की आड़ में कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नगर और काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर 12 महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया है। पुलिस ने मौके से कुछ आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, शहर के कुछ ब्यूटी पार्लरों और मसाज सेंटरों में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद विशेष पुलिस टीम ने नगर और काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान संचालिका समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। 12 महिलाओं समेत 13 लोग हिरासत में कार्रवाई में कुल 13 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 12 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन प्रतिष्ठानों का संचालन किस तरह किया जा रहा था। लापता बच्चियों के रेस्क्यू की भी जानकारी पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ लापता बच्चियों को रेस्क्यू किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन बच्चियों और महिलाओं को इन ठिकानों तक कैसे लाया गया और क्या इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। पुराने मामलों से भी जुड़ सकते हैं तार पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान इस कार्रवाई के तार कांटी थाना क्षेत्र में दर्ज कुछ पुराने अपहरण के मामलों से जुड़े होने की आशंका भी सामने आई है। हालांकि, इन मामलों के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।
पटना, एजेंसियां। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड और सुधार सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदकों की घोषणा की है। इस सूची में बिहार पुलिस के 18 अधिकारी और जवान शामिल हैं। इनमें एक को वीरता पदक, दो को विशिष्ट सेवा पदक और 15 को सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा। अफसर हुसैन को वीरता पदक बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर मोहम्मद अफसर हुसैन को वीरता पदक के लिए चुना गया है। वर्तमान में वह पटना के बेऊर थाने में तैनात हैं। अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई और खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी में उनकी भूमिका के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है। दो अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक बिहार पुलिस की विशेष शाखा में तैनात आईजी संजय कुमार और मुजफ्फरपुर की रेल एसपी बीना कुमारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। 15 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा सम्मान सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा, एसपी इम्तियाज अहमद, इंस्पेक्टर इरशाद आलम, एसआई राजेश कुमार सिंह, एएसआई मुकेश कुमार सिंह समेत कुल 15 अधिकारी और जवान शामिल हैं। पिछले साल से तीन अधिक पदक इस वर्ष बिहार पुलिस को कुल 18 राष्ट्रपति पदक मिले हैं, जो पिछले वर्ष मिले 15 पदकों से तीन अधिक हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर के पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड और सुधार सेवा कर्मियों को उनके साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा।
पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) बनाने की योजना सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में पटना को आधुनिक और वैश्विक स्तर का शहर बनाने के लिए इस परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। NBCC ने पेश किया वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का प्रस्ताव बैठक के दौरान नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) की ओर से पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही शहर की कई सरकारी जमीनों के पुनर्विकास की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद सरकार के अनुसार पटना में प्रस्तावित विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाओं के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सरकारी जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ आधुनिक व्यावसायिक और आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। इन इलाकों के विकास पर भी नजर बैठक में बिहार म्यूजियम के सामने नेहरू पथ, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड स्थित सरकारी जमीन के पुनर्विकास प्रस्तावों की जानकारी दी गई। पुराने और जर्जर सरकारी भवनों की जगह जरूरत के अनुसार नए भवन और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया गया। पटना को वैश्विक व्यापार केंद्र बनाने की तैयारी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसी परियोजना से पटना में व्यापार, निवेश और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी परियोजना की विस्तृत लागत, निर्माण शुरू होने की तारीख और अंतिम स्थान को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक मुख्य परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। आयोग ने परिणाम के साथ अलग-अलग पदों और श्रेणियों के लिए फाइनल कटऑफ भी जारी की है। 1,643 अभ्यर्थियों का हुआ अंतिम चयन UPSSSC की इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 1,643 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है। इनमें सहायक लेखाकार सामान्य चयन के 570, सहायक लेखाकार विशेष चयन के 866, लेखा परीक्षक सामान्य चयन के 206 और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत सहायक लेखाकार का 1 पद शामिल है। 1,828 पदों के लिए हुई थी भर्ती इस भर्ती अभियान में कुल 1,828 पद विज्ञापित किए गए थे। इनमें सहायक लेखाकार सामान्य चयन के 668, विशेष चयन के 950, लेखा परीक्षक के 209 और UPSLSA के तहत सहायक लेखाकार का 1 पद शामिल था। दस्तावेज सत्यापन और अन्य निर्धारित प्रक्रिया के बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई है। ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फाइनल रिजल्ट PDF डाउनलोड कर सकते हैं। PDF में चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए गए हैं। अपना रोल नंबर खोजने के लिए Ctrl+F का इस्तेमाल किया जा सकता है।
भुवनेश्वर, एजेंसिया। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। East Coast Railway (ECoR) ने General Departmental Competitive Examination (GDCE) 2026 के तहत कुल 1,421 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें Assistant Loco Pilot (ALP), Station Master, Goods Trains Manager, Junior Engineer (JE), Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector जैसे पद शामिल हैं। 1,421 पदों में सबसे ज्यादा भर्ती ALP की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार है: Assistant Loco Pilot (ALP): 1,046 पद Station Master: 12 पद Goods Trains Manager: 284 पद इसके अलावा Junior Engineer, Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector के पद भी शामिल हैं। 15 अगस्त से शुरू होगा आवेदन ECoR GDCE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन East Coast Railway की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट के माध्यम से किया जाएगा। कौन कर सकता है आवेदन? यह भर्ती सामान्य ओपन मार्केट भर्ती नहीं है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार इसमें East Coast Railway में नियमित और पात्र कर्मचारी, जिनका ECoR में lien है, आवेदन कर सकते हैं। RPF/RPSF कर्मचारी पात्र नहीं हैं। इसलिए बाहरी उम्मीदवार इस GDCE भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते। शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग है। इसमें मैट्रिक/ITI, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या डिग्री और स्नातक जैसी योग्यताएं शामिल हैं। अधिकतम आयु सीमा सामान्य रूप से 42 वर्ष बताई गई है, जबकि श्रेणी के अनुसार छूट लागू होगी। चयन प्रक्रिया कैसी होगी? पद के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित होगी। ALP और Station Master जैसे पदों के लिए Computer-Based Aptitude Test (CBAT) भी होगा, जबकि Junior Clerk-cum-Typist के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट लागू होगा। JE के लिए CBT के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पटना, एजेंसियां। बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए BPSC TRE 4.0 को लेकर नया अपडेट सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग को शिक्षक भर्ती से संबंधित प्रस्ताव मिल गया है और अब आवश्यक स्वीकृति के बाद बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा सकता है। 32,388 पदों पर भर्ती की जानकारी ताजा रिपोर्टों में TRE 4.0 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की बात सामने आई है। इनमें प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक पद शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पदों की अंतिम संख्या और विषयवार विवरण को BPSC की आधिकारिक अधिसूचना से ही अंतिम माना जाएगा। नोटिफिकेशन का इंतजार TRE 4.0 का आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। प्रस्ताव और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद BPSC आवेदन की तारीख, पात्रता, शुल्क, विषयवार रिक्तियां और परीक्षा कार्यक्रम जारी करेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को फिलहाल वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए। परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी TRE 4.0 की परीक्षा तिथि, आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही निश्चित होगी। अलग-अलग रिपोर्टों में पहले अलग-अलग पद संख्या और संभावित तारीखें बताई गई हैं, इसलिए अभी किसी एक आंकड़े को अंतिम मानना उचित नहीं है। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे अपनी शैक्षणिक डिग्री, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन शुरू होने पर परेशानी न हो।
हरियाली तीज पर महिलाएं कपड़ों, मेहंदी और गहनों के साथ अपनी स्किन का भी खास ख्याल रखती हैं। अगर आप त्योहार से पहले चेहरे पर नेचुरल निखार चाहती हैं और महंगे फेशियल से बचना चाहती हैं, तो घर पर बेसन और दूध से बना उबटन ट्राई कर सकती हैं। बेसन और दूध से बनाएं आसान उबटन बेसन का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू स्किनकेयर में त्वचा की सफाई के लिए किया जाता रहा है, जबकि दूध त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसमें हल्दी और कॉफी मिलाकर एक आसान होममेड उबटन तैयार किया जा सकता है। उबटन बनाने के लिए सामग्री 2 चम्मच बेसन 1-2 चम्मच दूध ¼ चम्मच हल्दी 1 चम्मच कॉफी पाउडर जरूरत के अनुसार गुलाब जल ऐसे तैयार करें उबटन सबसे पहले एक साफ कटोरी में बेसन, कॉफी और हल्दी डालें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध मिलाकर अच्छी तरह फेंटें। अगर पेस्ट ज्यादा गाढ़ा हो जाए, तो इसमें थोड़ा गुलाब जल मिला सकती हैं। पेस्ट न बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा, ताकि चेहरे पर आसानी से लगाया जा सके। चेहरे पर लगाने का सही तरीका सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें। तैयार उबटन की पतली परत चेहरे और गर्दन पर लगाएं। इसे करीब 10-15 मिनट तक लगा रहने दें। हल्का सूखने पर पानी की मदद से धीरे-धीरे साफ करें। चेहरे को जोर से रगड़ने से बचें। आखिर में त्वचा के अनुसार मॉइश्चराइजर लगाएं। तीज से पहले पैच टेस्ट जरूर करें घरेलू नुस्खे होने के बावजूद हर सामग्री हर व्यक्ति की त्वचा को सूट करे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या कान के पास थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करें। जलन, खुजली या लालिमा होने पर इसका इस्तेमाल न करें। नोट: अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या पहले से किसी स्किन प्रोडक्ट से एलर्जी होती है, तो नया घरेलू मिश्रण इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
हरियाली तीज के मौके पर घर आने वाले मेहमानों के लिए अगर आप कुछ खास और रिफ्रेशिंग बनाना चाहती हैं, तो बाजार की पैकेज्ड ड्रिंक्स की जगह घर पर तैयार देसी पेय सर्व कर सकती हैं। तीज की पार्टी में केसर ठंडाई, गुलाब लस्सी, नींबू-पुदीना कूलर, आम पन्ना और जलजीरा जैसे ड्रिंक्स स्वाद के साथ मेहमानों को ठंडक भी देंगे। शाही केसर ठंडाई दूध, बादाम, काजू, सौंफ, इलायची और केसर से तैयार ठंडाई तीज के लिए शानदार विकल्प है। इसे पहले से बनाकर फ्रिज में ठंडा किया जा सकता है। सर्व करते समय ऊपर से केसर, पिस्ता और गुलाब की पंखुड़ियां डालें। गुलाब लस्सी ठंडे दही, दूध और गुलाब के शरबत से बनने वाली गुलाब लस्सी त्योहार के लिए आसान और स्वादिष्ट ड्रिंक है। इसे लंबे ग्लास में पिस्ते और गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर सर्व किया जा सकता है। नींबू-पुदीना कूलर नींबू, पुदीना, काला नमक, चीनी और बर्फ से कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाला कूलर गर्म और उमस भरे मौसम में रिफ्रेशिंग विकल्प है। चाहें तो इसमें ठंडे पानी की जगह सोडा भी इस्तेमाल कर सकती हैं। खट्टा-मीठा आम पन्ना कच्चे आम, भुना जीरा, काला नमक और पुदीने से तैयार आम पन्ना तीज के स्नैक्स के साथ भी खूब पसंद किया जा सकता है। इसका कॉन्संट्रेट पहले से तैयार करके फ्रिज में रखा जा सकता है। मसालेदार जलजीरा अगर मेहमानों को चटपटा स्वाद पसंद है तो जलजीरा जरूर बनाएं। पुदीना, सौंफ, भुना जीरा, काला नमक, चाट मसाला और नींबू से तैयार जलजीरा स्वादिष्ट होने के साथ पार्टी में देसी फ्लेवर भी जोड़ता है। ठंडा केसर दूध दूध में केसर और इलायची मिलाकर तैयार किया गया ठंडा केसर दूध भी तीज के लिए अच्छा विकल्प है। इसे ठंडा करके ऊपर से कटे हुए मेवे और केसर डालकर सर्व किया जा सकता है। सजाने का आइडिया: ड्रिंक्स को खूबसूरत ग्लास में बर्फ, पुदीने की पत्तियों, गुलाब की पंखुड़ियों, नींबू स्लाइस और केसर से गार्निश करें। इससे आपकी तीज पार्टी की ड्रिंक्स टेबल और भी आकर्षक लगेगी।
नई दिल्ली: शाम की चाय के साथ गरमा-गरम, कुरकुरा समोसा मिल जाए तो बात ही अलग है। लेकिन घर पर समोसा बनाने का नाम आते ही आटा गूंथने, लोई बेलने और सही तिकोना आकार देने की मेहनत कई लोगों को पीछे हटा देती है। अगर आप भी इसी वजह से घर पर समोसा बनाने से बचते हैं, तो एक आसान तरीका आपके काम आ सकता है। फूड क्रिएटर इति बरनवाल ने ‘नो-रैप समोसा’ बनाने का तरीका शेयर किया है। इसमें न आटा गूंथने की जरूरत है और न ही समोसे की पारंपरिक परत बनाकर उसे आकार देने की। आलू-मटर की स्टफिंग तैयार करें, उसकी छोटी-छोटी बॉल्स बनाएं और खास मैदा मिश्रण की कोटिंग करके एयर फ्रायर में तैयार कर लें। इस तरीके की खासियत यह है कि इसे बनाने में करीब एक चम्मच तेल या थोड़ा-सा ऑयल स्प्रे इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले तैयार करें चटपटा समोसा मसाला समोसे का स्वाद काफी हद तक उसके मसाले पर निर्भर करता है। इसके लिए एक पैन में 1 छोटा चम्मच सौंफ, 2 छोटे चम्मच साबुत धनिया, आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च और एक चौथाई छोटा चम्मच लौंग डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। मसालों को ठंडा करने के बाद इन्हें 3-4 हरी मिर्च और अदरक के एक छोटे टुकड़े के साथ दरदरा पीस लें। ताजा तैयार यह मसाला स्टफिंग को खास स्वाद देगा। ऐसे तैयार करें आलू-मटर की स्टफिंग अब पैन में 1-2 छोटे चम्मच तेल गर्म करें। इसमें एक चुटकी हींग, थोड़ा कटा हुआ काजू और किशमिश डालकर हल्का भूनें। इसके बाद 3-4 उबले और मैश किए हुए आलू, 4-5 छोटे चम्मच उबले मटर और तैयार किया हुआ समोसा मसाला डालें। इसमें आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छी तरह भूनने के बाद थोड़ा हरा धनिया डालें और मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें। स्टफिंग को इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें। बिना आटा गूंथे ऐसे तैयार होगी बाहरी परत अब इस रेसिपी का सबसे खास हिस्सा आता है। एक चौड़े बर्तन में 100-150 ग्राम मैदा, 2-3 छोटे चम्मच सूजी, एक चौथाई छोटा चम्मच अजवाइन, एक चौथाई छोटा चम्मच कलौंजी, एक चौथाई छोटा चम्मच बेकिंग सोडा और स्वादानुसार नमक डालें। इसमें 4-5 छोटे चम्मच तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को इस तरह मिलाना है कि वह भुरभुरा हो जाए। ध्यान रखें कि इस सूखे मिश्रण में पानी नहीं डालना है। पानी में डुबोकर बनाएं समोसे की कोटिंग ठंडी हो चुकी आलू-मटर की स्टफिंग से छोटी-छोटी बॉल्स बना लें। एक बॉल को सूखे मैदा मिश्रण में रोल करें ताकि उसकी सतह पर हल्की कोटिंग आ जाए। अब इसे पानी में सिर्फ एक सेकंड के लिए डुबोएं और तुरंत निकालकर दोबारा सूखे मैदा मिश्रण में रोल करें। इसी प्रक्रिया को 2-3 बार दोहराया जा सकता है। इससे बॉल के ऊपर धीरे-धीरे एक मोटी और क्रिस्पी बाहरी परत तैयार हो जाएगी। एयर फ्रायर में ऐसे करें क्रिस्पी कोटिंग की हुई समोसा बॉल्स को करीब 15 मिनट तक सूखने दें, ताकि बाहरी परत अच्छी तरह सेट हो जाए। अब इनके ऊपर थोड़ा तेल स्प्रे करें और 180-200 डिग्री सेल्सियस पर करीब 30-40 मिनट तक एयर फ्राई करें। बीच में एक बार पलट दें, जिससे समोसे चारों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे बनें। अगर एयर फ्रायर नहीं है, तो इन्हें मध्यम आंच पर गर्म तेल में भी सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तला जा सकता है। हरी चटनी के साथ परोसें तैयार ‘नो-रैप समोसे’ को गरमा-गरम धनिया-पुदीना चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी या टमैटो केचप के साथ परोसें। यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए आसान हो सकता है जिन्हें समोसा पसंद है, लेकिन आटा गूंथने, बेलने और सही आकार देने की मेहनत पसंद नहीं। हालांकि, एयर फ्रायर में पकाने का समय और तापमान उपकरण के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए पकाते समय समोसे की सतह पर नजर रखें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और उपवास के लिए खास माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं। लंबे समय तक कुछ न खाने की वजह से कई बार शरीर में कमजोरी, थकान और पानी की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में व्रत के दौरान कुछ पौष्टिक और हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। 1. नारियल पानी देगा तुरंत ताजगी व्रत के दौरान नारियल पानी एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। 2. मखाना मिल्क ड्रिंक से मिलेगी लंबे समय तक एनर्जी दूध में भुने हुए मखाने मिलाकर तैयार किया गया ड्रिंक व्रत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने के साथ शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है। इसमें स्वाद के लिए इलायची पाउडर भी मिलाया जा सकता है। 3. फ्रूट शेक से मिलेगी प्राकृतिक मिठास केला, सेब या चीकू जैसे व्रत में खाए जाने वाले फलों से तैयार शेक शरीर को तुरंत ऊर्जा दे सकते हैं। इसमें चीनी मिलाने की बजाय फलों की प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। 4. दूध और ड्राई फ्रूट शेक बढ़ाएगा पोषण बादाम, खजूर, अखरोट या मखाने को दूध के साथ मिलाकर तैयार किया गया शेक पोषण से भरपूर होता है। यह लंबे समय तक शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है। 5. तरबूज-पुदीना स्मूदी रखेगी शरीर को हाइड्रेटेड तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसे पुदीने की पत्तियों के साथ मिलाकर तैयार की गई स्मूदी शरीर को ठंडक देने के साथ हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद कर सकती है। 6. केला-खजूर स्मूदी से मिलेगी भरपूर ताकत व्रत में जल्दी भूख लगने पर केला और खजूर की स्मूदी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। दूध के साथ तैयार यह ड्रिंक शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है। ध्यान रखें: व्रत के दौरान अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार ही भोजन व पेय पदार्थों का सेवन करें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को व्रत रखने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
Independence Day Special: स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को देश के इतिहास के साथ उन भारतीय महिलाओं की कहानियां भी सुनाएं, जिन्होंने संघर्ष और मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। रानी लक्ष्मीबाई से लेकर पीवी सिंधु तक, इन महिलाओं की जिंदगी बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दे सकती है। 15 अगस्त सिर्फ देश की आजादी का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि उन लोगों को याद करने का मौका भी है, जिन्होंने अपने काम और साहस से देश का नाम रोशन किया। इस स्वतंत्रता दिवस पर माता-पिता अपनी बेटियों के साथ कुछ ऐसी भारतीय महिलाओं की कहानियां साझा कर सकते हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। बचपन से संघर्ष और सफलता की ऐसी कहानियां सुनने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ सकता है। उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि मेहनत, हिम्मत और लगातार कोशिश के दम पर मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। 1. रानी लक्ष्मीबाई झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख वीर महिलाओं में शामिल थीं। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उनकी कहानी बेटियों को मुश्किल समय में हिम्मत रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की सीख देती है। 2. कल्पना चावला कल्पना चावला ने अंतरिक्ष की दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। अंतरिक्ष यात्री बनने का उनका सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की। उनकी कहानी बेटियों को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देती है। 3. मैरी कॉम मैरी कॉम ने बॉक्सिंग में भारत को दुनिया भर में पहचान दिलाई। वह छह बार विश्व चैंपियन बनीं और लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल रहीं। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और मेहनत की मिसाल है। उनकी कहानी सिखाती है कि मुश्किल परिस्थितियां लक्ष्य की राह में रुकावट नहीं बननी चाहिए। 4. हिमा दास हिमा दास ने एथलेटिक्स में अपनी तेज रफ्तार और शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया। सीमित संसाधनों के बीच आगे बढ़ते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनकी कहानी बेटियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान रखने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा देती है। 5. किरण बेदी किरण बेदी देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। पुलिस सेवा जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी कहानी बेटियों को बताती है कि महिलाएं किसी भी जिम्मेदारी को आत्मविश्वास के साथ निभा सकती हैं। 6. मीराबाई चानू मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी कहानी बेटियों को सिखाती है कि लगातार प्रयास करने से बड़े सपनों को भी हासिल किया जा सकता है। 7. निखत जरीन निखत जरीन ने बॉक्सिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन ने भारत को कई बार गौरवान्वित किया। उनकी कहानी बताती है कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मेहनत के साथ अनुशासन और खुद पर भरोसा भी जरूरी है। 8. अरुणिमा सिन्हा अरुणिमा सिन्हा की कहानी हिम्मत और मजबूत इरादे की मिसाल है। एक हादसे में अपना पैर गंवाने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर इतिहास रचा। उनकी कहानी बेटियों को सिखाती है कि मुश्किलें रास्ते में आ सकती हैं, लेकिन मजबूत हौसले से उन्हें पार किया जा सकता है। 9. टेसी थॉमस टेसी थॉमस ने भारत के रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डीआरडीओ से जुड़कर उन्होंने मिसाइल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया। उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि महिलाएं विज्ञान, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। 10. पीवी सिंधु पीवी सिंधु भारत की सफल बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने ओलंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उनकी सफलता के पीछे लंबे समय की मेहनत, अभ्यास और अनुशासन है। उनकी कहानी बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने की सीख देती है। बेटियों को दें इन कहानियों की सीख इस स्वतंत्रता दिवस पर बेटियों को सिर्फ किताबों में इतिहास पढ़ाने के बजाय उन महिलाओं की कहानियां भी सुनाएं, जिन्होंने अपने साहस, मेहनत और लगन से अपनी पहचान बनाई। ऐसी कहानियां उन्हें आत्मविश्वासी बनने, मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने और अपने सपनों के लिए आगे बढ़ने का हौसला दे सकती हैं।
रांची। झारखंड की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल तैर रहा है—क्या झारखंड मुक्ति मोर्चा, अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट देगी? निर्वाचन आयोग ने झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव कराने का एलान कर दिया है। अधिसूचना 1 जून को जारी होने वाली है। एक तरफ जहां सत्ताधारी 'इंडिया' गठबंधन के पास नंबर गेम में पूरी ताकत है, वहीं पर्दे के पीछे शह और मात का ऐसा खेल शुरू हो चुका है, जिसने रांची से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज कर दी है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने केवल 21 विधायक होने के बावजूद अपना उम्मीदवार उतारने का एलान करके सबको चौंका दिया है। बीजेपी के इस कदम से सत्ताधारी गठबंधन में ऐसी खलबली मची है कि झामुमो को सीधे चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। आइए देखते हैं इस पूरे सियासी गणित और सीट शेयरिंग के पेच पर हमारी यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट। राज्यसभा की 2 सीटों के लिए होंगे चुनाव झारखंड की दो राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। पहली सीट झारखंड के आंदोलनकारी नेता और झामुमो के सर्वेसर्वा रहे स्वर्गीय शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है। वहीं दूसरी सीट बीजेपी के निवर्तमान सांसद दीपक प्रकाश की है, जिनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। जीत के लिए 28 वोट की जरूरत नियमों के मुताबिक, इस चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता के वोटों यानी First Preference Votes की जरूरत है। झारखंड विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 81 है। अब जरा नजर डालिए विधानसभा के मौजूदा नंबर गेम पर। विधानसभा का नंबर गेम कुल सीटें: 81 जीत के लिए जरूरी वोट (प्रति सीट): 28 सत्तारूढ़ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन: 56 विधायक झामुमो (JMM): 34 कांग्रेस (Congress): 16 राजद (RJD): 04 माले (CPI-ML): 02 (बाहरी समर्थन) विपक्षी एनडीए (NDA) गठबंधन: 24 विधायक भाजपा (BJP): 21 आजसू (AJSU): 01 जदयू (JD-U): 01 लोजपा-आर (LJP-R): 01 इंडी गठबंधन के पास 56 वोट गणित बिल्कुल साफ है। 'इंडिया' गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। यानी 28 गुणा 2 बराबर 56! सत्तारूढ़ गठबंधन चाहे तो बेहद आसानी से दोनों की दोनों सीटें अपनी झोली में डाल सकता है। लेकिन, पेच यहीं फंसता है। सवाल यह है कि ये दो सीटें गठबंधन के अंदर किस-किसके खाते में जाएंगी? क्या झामुमो अपनी सहयोगी कांग्रेस को एक सीट सौंपेगी, या अपनी पार्टी की ताकत के दम पर दोनों सीटों पर खुद के उम्मीदवार उतारेगी? कांग्रेस का एक सीट पर दावा इस पूरे मामले पर कांग्रेस का रुख साफ है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ताओं का कहना है कि वे इस बार एक सीट पर अपना दावा ठोक रहे हैं और इसके लिए गठबंधन के शीर्ष नेताओं से बातचीत हो रही है। लेकिन, झामुमो के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि चूंकि एक सीट झामुमो के अपने नेता शिबू सोरेन की रही है, इसलिए उस पर झामुमो का स्वाभाविक दावा है। वहीं दूसरी सीट पर भी 34 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते झामुमो अपना दावा छोड़ना नहीं चाहती। इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा का कहना है कि "गठबंधन में सभी सहयोगियों का सम्मान होता है। कांग्रेस ने हमेशा राज्य के विकास और गठबंधन धर्म का पालन किया है। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि हम एक सीट पर चुनाव लड़ें, इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झामुमो के नेतृत्व के साथ जल्द ही समन्वय बैठक होगी और कोई बीच का रास्ता निकाल लिया जाएगा।" वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सह केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि "संख्या बल किसके पास है, यह पूरा देश देख रहा है। हमारे पास 56 विधायकों का अटूट बहुमत है। उम्मीदवार कौन होगा, यह गठबंधन के नेता बैठकर तय करेंगे। लेकिन, यह तय है कि दोनों सीटें 'इंडिया' गठबंधन ही जीतेगा। बीजेपी के पास नंबर नहीं हैं, फिर भी वो उम्मीदवार उतारने की बात कर रहे हैं, जो उनके मंसूबों को साफ करता है।" बीजेपी की एंट्री से खेल हुआ रोचको कांग्रेस और झामुमो अभी आपसी सीट शेयरिंग का फॉर्मूला सुलझा भी नहीं पाए थे कि बीजेपी ने इस रेस में एंट्री मारकर खेल को सस्पेंस से भर दिया है। बीजेपी प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में यह फैसला लिया गया कि बीजेपी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि उनके पास अपने और सहयोगियों के मिलाकर 24 वोट हैं और उन्हें जीत के लिए सिर्फ 4 और वोटों की दरकार है। बीजेपी का यह आत्मविश्वास झामुमो के खेमे में डर पैदा करने के लिए काफी था। यही वजह रही कि झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI, ED, CVC) और राज्य के एंटी-करप्शन ब्यूरो को चुनाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की मांग कर डाली। झामुमो को अंदेशा है कि बीजेपी यहाँ 'बिहार फॉर्मूला' दोहरा सकती है। क्या है बिहार फॉर्मूला? हाल ही में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव के दौरान एनडीए के पास चार सीटों का स्पष्ट बहुमत था, जबकि राजद के पास एक सीट का सुरक्षित आंकड़ा (41 विधायक) था। लेकिन, बीजेपी ने पांचवें उम्मीदवार के तौर पर एक बड़ा दांव खेला। ऐन वक्त पर कांग्रेस और राजद के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति और क्रॉस-वोटिंग के कारण एनडीए वह पांचवीं सीट भी झटकने में कामयाब रहा था। बीजेपी के मूवमेंट पर झामुमो की नजर बीजेपी के इसी 'सीक्रेट प्लान' और हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका से सत्ताधारी दल फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने झामुमो के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर पार्टी को चुनाव लड़ने का अधिकार है और अगर गठबंधन को अपने विधायकों पर इतना ही भरोसा है, तो वे डरे हुए क्यों हैं? क्या होगा असर लेकिन, इस शोर के बीच बड़ा सवाल वही खड़ा है—क्या झामुमो कांग्रेस को सीट देगा? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इसके तीन मुख्य पहलू हैं: विधानसभा चुनाव का असर: पिछले विधानसभा चुनाव में झामुमो ने 34 सीटें जीतकर प्रचंड प्रदर्शन किया है, जबकि कांग्रेस 16 सीटों पर सिमट गई थी। झामुमो इस वक्त खुद को 'बड़े भाई' की मजबूत भूमिका में देख रहा है। सहानुभूति और हक: एक सीट शिबू सोरेन की थी, जिसे झामुमो किसी भी कीमत पर अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहेगा। कांग्रेस का दबाव: कांग्रेस आलाकमान का दबाव है कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन को मजबूत दिखाने के लिए झारखंड में उसे एक सीट मिलनी चाहिए। यदि झामुमो कांग्रेस को नजरअंदाज करता है, तो दोनों दलों के बीच मनमुटाव बढ़ सकता है, जिसका असर सरकार चलाने पर भी पड़ सकता है। विपक्ष इसी अंदरूनी कलह और असंतोष की दरार में अपनी जीत की उम्मीदें तलाश रहा है। यदि झामुमो दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारता है, तो नाराज कांग्रेस विधायकों के टूटने या क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ जाएगा। और अगर झामुमो एक सीट कांग्रेस को दे देता है, तो गठबंधन पूरी तरह सुरक्षित होकर दोनों सीटें आसानी से निकाल सकता है। ..तो कुल मिलाकर तस्वीर यह है कि संख्या बल के आधार पर पलड़ा भले ही झामुमो और कांग्रेस के गठबंधन का भारी हो, लेकिन बीजेपी के दांव ने इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बड़ा दिल दिखाते हुए कांग्रेस को एक सीट सौंपेंगे और गठबंधन को सुरक्षित करेंगे? या फिर झामुमो दोनों सीटों पर अड़कर एक बड़ा सियासी जोखिम उठाएगा? 1 जून को नोटिफिकेशन जारी होने के बाद नामांकन के साथ ही इस सस्पेंस से पूरी तरह पर्दा उठ जाएगा।
झारखंड में ट्रेजरी घोटाला रूकने का नाम ही नहीं ले रहा। हर दिन एक नये कोषागार में गड़बड़ी के खुलासे हो रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले की आंच राज्य के 15 जिलों तक पहुंच गई और गड़बड़ी की राशि का आंकड़ा 150 करोड़ पार कर चुका है। मतलब बड़ा घोटाला है ये, पिछले एक दशक से चल रहा था और राज्य को दीमक की तरह चाट रहा था। झारखंड ट्रेजरी घोटाला-2026 एक बड़े वित्तीय संकट और प्रशासनिक विफलता के रूप में उभरा है। यह घोटाला मुख्य रूप से पुलिस विभाग और कोषागार (Treasury) के बीच डेटा हेरफेर और फर्जी वेतन निकासी से जुड़ा है। कैसे होता रहा घोटाला यह घोटाला कोई एकमुश्त डकैती नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे लोगों द्वारा किया गया एक डिजिटल फ्रॉड है। जांच में ये खुलासे हुएः डेटा हेरफेर: पुलिस विभाग के अकाउंटेंट और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने विभागीय कंप्यूटर डेटा में हेरफेर किया। फर्जी वेतन निकासी: मृत पुलिसकर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों या काल्पनिक नामों के आधार पर फर्जी बैंक खाते जोड़े गए और सालों तक उनमें वेतन और भत्ते (TA/DA) भेजे गए। OTP का खेल: आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) के मोबाइल पर आने वाले OTP का दुरुपयोग कर डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए अवैध भुगतान को मंजूरी दी गई। पारिवारिक खातों का उपयोग: मुख्य आरोपियों ने सरकारी पैसा सीधे अपनी पत्नियों या रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। घोटाले की व्यापकता और प्रभावित जिले शुरुआत में यह मामला बोकारो से शुरू हुआ था, लेकिन अब इसकी आंच राज्य के 15 जिलों तक फैल चुकी है: हजारीबाग: यहां सबसे बड़ी अवैध निकासी करीब ₹15-28 करोड़ की बात सामने आई है। बोकारो: करीब ₹6 करोड़ से ज्यादा का गबन पकड़ा गया है। चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम): यहां के पुलिस कोषागार से लगभग ₹26 लाख की अवैध निकासी की पुष्टि हुई है। अन्य जिले: रांची, पलामू, जमशेदपुर, देवघर और रामगढ़ भी जांच के दायरे में हैं। अनुमान है कि यह आंकड़ा ₹150 करोड़ से लेकर ₹500 करोड़ तक जा सकता है। जांच की वर्तमान स्थिति (Status of Investigation)... सरकार ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कई स्तरों पर जांच शुरू की है: CID और SIT पूरे मामले की जांच सीआईडी (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा में कई एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। प्रमुख गिरफ्तारियां अब तक कई छोटे-बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बोकारो के अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे, चाईबासा के सिपाही अकाउंटेंट देवनारायण मुर्मू और उनके सहयोगी शामिल हैं। 21 से अधिक बैंक खाते फ्रीज सीआईडी ने 21 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। हाई-लेवल कमेटी कर रही जांच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों और एजी (AG) ऑफिस के विशेषज्ञों की एक संयुक्त कमेटी बनाई गई है, जो सभी 24 जिलों की 33 ट्रेजरी का ऑडिट कर रही है। घोटाले का असर वेतन पर रोक: जांच के कारण राज्य के लगभग 70,000 से 80,000 पुलिसकर्मियों का वेतन मार्च 2026 से रुक गया था, क्योंकि डेटा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा अन्य विभागों का वेतन भुगतान भी लंबित है। विपक्ष का हमला बीजेपी ने इसे "सफेदपोशों" का संरक्षण प्राप्त घोटाला बताते हुए CBI जांच की मांग की है। बाबूलाल मरांडी और अन्य नेताओं ने सरकार पर प्रशासनिक ढिलाई के आरोप लगाए हैं। प्रशासनिक बदलाव सरकार ने आदेश दिया है कि 3 साल से अधिक समय से एक ही ट्रेजरी या विभाग में जमे कर्मचारियों का तुरंत तबादला किया जाए। जांच की आंच कहां तक पहुंची? वर्तमान में जांच केवल निचले स्तर के क्लर्कों या अकाउंटेंट तक ही सीमित नहीं है। सीआईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इतने बड़े पैमाने पर निकासी बिना उच्च अधिकारियों (DDO और ट्रेजरी ऑफिसर्स) की मिलीभगत के संभव थी? यह भी खुलासा हुआ है कि राज्य के पांच जिलों के एसपी के खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच अब उस 'सिंडिकेट' को खोजने की ओर बढ़ रही है, जो राज्य भर के कोषागारों में एक ही पैटर्न पर फ्रॉड कर रहा था। यदि बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में कुछ कड़े प्रशासनिक निलंबन देखने को मिल सकते हैं।
गया, एजेंसियां। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नया ब्लॉक विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। अस्पताल में बढ़ाया जा रहा स्वास्थ्य ढांचा मगध मेडिकल अस्पताल गया समेत आसपास के कई जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र है। अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। हाल ही में यहां कैथ लैब शुरू करने की तैयारी की जानकारी सामने आई थी। मरीजों का बढ़ता दबाव अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसी वजह से अतिरिक्त भवन और सुविधाओं की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। जुलाई में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए अस्पताल में 100 बेड का विशेष वार्ड भी तैयार किया गया था। नई सुविधाओं से इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद नए ब्लॉक के निर्माण से अस्पताल में मरीजों के लिए अतिरिक्त स्थान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता खुल सकता है। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिलने और दूसरे बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सिरिंज साझा करने से जुड़े HIV संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की खबरों के बीच इस्तेमाल की हुई सुई से संक्रमण के जोखिम को लेकर भी चिंता बढ़ी है। संक्रमित रक्त के संपर्क में आने पर HIV के साथ हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C जैसे संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। संक्रमित सिरिंज से कैसे फैल सकता है HIV? यदि किसी HIV संक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल की गई सुई या सिरिंज किसी दूसरे व्यक्ति की त्वचा में चुभ जाती है, तो संक्रमित रक्त के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। हालांकि, हर इस्तेमाल की हुई सुई से HIV संक्रमण नहीं होता। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि सुई किस व्यक्ति पर इस्तेमाल हुई थी, उसमें संक्रमित रक्त मौजूद था या नहीं और घटना कितनी देर पहले हुई। सिरिंज लग जाए तो सबसे पहले क्या करें? ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत ये कदम उठाने चाहिए: चोट वाली जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं। घाव को जोर से रगड़ें या दबाएं नहीं। घटना के बारे में तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को बताएं। यदि संभव हो तो यह जानकारी दें कि सुई कब लगी और पहले किस व्यक्ति पर इस्तेमाल हुई थी। डॉक्टर की सलाह के अनुसार HIV, हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C की जांच कराएं। PEP से कम हो सकता है HIV का जोखिम संभावित HIV एक्सपोजर के बाद डॉक्टर पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) की सलाह दे सकते हैं। यह HIV संक्रमण को रोकने के लिए दी जाने वाली आपातकालीन दवा है। इसे जितनी जल्दी शुरू किया जाए उतना बेहतर, और आमतौर पर इसे एक्सपोजर के 72 घंटे के भीतर शुरू करना जरूरी माना जाता है। PEP डॉक्टर की सलाह से ही लें। कभी साझा न करें सुई और सिरिंज HIV समेत रक्त से फैलने वाले संक्रमण से बचने के लिए हर बार नई और स्टेराइल सुई व सिरिंज का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। किसी इस्तेमाल की हुई या सार्वजनिक स्थान पर पड़ी सुई को हाथ से नहीं उठाना चाहिए। ध्यान दें: अगर अभी-अभी इस्तेमाल की हुई सुई चुभी है, तो PEP के लिए समय महत्वपूर्ण है—इंतजार न करें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की शुरुआती पहचान और मरीजों के बेहतर उपचार के लिए 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कैंसर को ‘नोटिफिएबल बीमारी’ घोषित करने की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार से भी इस मामले में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। कैंसर के मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग पर जोर सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर याचिका में कैंसर को नोटिफिएबल बीमारी घोषित करने की मांग की गई थी। इसका उद्देश्य देश में कैंसर के मामलों का ज्यादा सटीक आंकड़ा तैयार करना और बीमारी की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है। नोटिफिएबल बीमारी घोषित होने के बाद संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के लिए बीमारी के मामलों की जानकारी सरकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को देना अनिवार्य हो जाता है। इससे सरकार को बीमारी के प्रसार, अलग-अलग क्षेत्रों में मरीजों की संख्या और उपचार की जरूरतों का बेहतर आकलन करने में मदद मिल सकती है। 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर नजर रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कैंसर को नोटिफिएबल बीमारी घोषित करने पर विचार करने को कहा है। अदालत ने इस मामले में केंद्र से भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। बताया गया है कि देश के कई राज्यों में कैंसर की रिपोर्टिंग और निगरानी की व्यवस्था पहले से लागू है। तेलंगाना ने भी 2026 में कैंसर को नोटिफिएबल बीमारी घोषित करते हुए मामलों की रिपोर्टिंग की व्यवस्था शुरू की है। जल्दी पहचान और इलाज में मिल सकती है मदद कैंसर के मामलों की नियमित और अनिवार्य रिपोर्टिंग से बीमारी के वास्तविक बोझ का आकलन करने में मदद मिल सकती है। इससे सरकार को कैंसर स्क्रीनिंग, उपचार केंद्रों, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की योजना बनाने में बेहतर आंकड़े मिलेंगे। याचिका में भी तर्क दिया गया था कि कैंसर की जल्दी पहचान और समय पर उपचार के लिए देशभर में बेहतर निगरानी व्यवस्था जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर की निगरानी और स्वास्थ्य नीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पैरों में सूजन, भारीपन या नसों का उभरना कई लोगों के लिए आम समस्या हो सकती है। खासकर लंबे समय तक खड़े रहने, लगातार बैठकर काम करने या दिनभर चलने-फिरने के बाद पैरों में ऐसी परेशानी महसूस हो सकती है। लेकिन हर बार इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई मामलों में पैरों की उभरी हुई नसें वैरिकोज वेन्स का संकेत हो सकती हैं, जबकि पैर, टखने या पंजे में आने वाली सूजन लेग एडिमा से जुड़ी हो सकती है। देखने में दोनों समस्याएं कुछ हद तक समान लग सकती हैं, लेकिन इनके कारण, लक्षण और उपचार अलग-अलग होते हैं। वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा क्या एक ही समस्या है? नहीं। वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा दो अलग-अलग स्वास्थ्य स्थितियां हैं। वैरिकोज वेन्स में पैरों की सतही नसों के अंदर मौजूद वाल्व ठीक से काम नहीं कर पाते। इससे रक्त पैरों से ऊपर की ओर लौटने के बजाय नसों में जमा होने लगता है। धीरे-धीरे नसें फैल जाती हैं और त्वचा के नीचे नीली, बैंगनी या टेढ़ी-मेढ़ी उभरी हुई दिखाई देने लगती हैं। वहीं लेग एडिमा में पैरों के ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसके कारण पैर, टखने या पंजे में सूजन दिखाई देती है। एडिमा केवल लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से नहीं, बल्कि कुछ दवाओं, गर्भावस्था और हृदय, किडनी, लिवर या लसीका तंत्र से जुड़ी समस्याओं के कारण भी हो सकती है। वैरिकोज वेन्स के प्रमुख लक्षण वैरिकोज वेन्स का सबसे स्पष्ट संकेत पैरों की नसों का सामान्य से अधिक उभरकर दिखाई देना है। इसके साथ कई अन्य लक्षण भी हो सकते हैं: नीली या बैंगनी रंग की उभरी हुई नसें नसों का टेढ़ा-मेढ़ा या गुच्छेदार दिखाई देना पैरों में भारीपन या थकान लंबे समय तक खड़े रहने पर दर्द या असहजता पैरों में खुजली या जलन रात के समय पैरों में ऐंठन टखनों के आसपास हल्की सूजन कुछ लोगों में लंबे समय तक वैरिकोज वेन्स रहने पर त्वचा के रंग में बदलाव, त्वचा में कठोरता या घाव जैसी समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं। इसलिए लगातार दिखाई देने वाली उभरी नसों को केवल कॉस्मेटिक समस्या मानना उचित नहीं है। लेग एडिमा क्यों होती है? लेग एडिमा का अर्थ है पैरों के ऊतकों में जरूरत से ज्यादा तरल पदार्थ जमा होना। यह एक लक्षण है, जिसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। संभावित कारणों में शामिल हैं: लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना गर्भावस्था अधिक नमक का सेवन कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव किडनी से जुड़ी बीमारी लिवर संबंधी समस्या हृदय संबंधी बीमारी लसीका तंत्र की समस्या डीप वेन थ्रॉम्बोसिस यानी डीवीटी कई मामलों में सूजे हुए हिस्से को उंगली से दबाने पर कुछ समय के लिए गड्ढा दिखाई दे सकता है। इसे पिटिंग एडिमा कहा जाता है। हालांकि, हर तरह की एडिमा में ऐसा होना जरूरी नहीं है। एक पैर अचानक सूज जाए तो सावधान पैरों में सूजन होने पर यह देखना भी महत्वपूर्ण है कि सूजन एक पैर में है या दोनों पैरों में। अगर एक पैर में अचानक सूजन, दर्द, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, तो इसे सामान्य समस्या मानकर इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण डीप वेन थ्रॉम्बोसिस जैसी गंभीर स्थिति से जुड़े हो सकते हैं और चिकित्सकीय जांच की जरूरत पड़ सकती है। अगर पैर की सूजन के साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। वैरिकोज वेन्स और लेग एडिमा में मुख्य अंतर विशेषता वैरिकोज वेन्स लेग एडिमा मुख्य समस्या नसों के वाल्व का कमजोर होना ऊतकों में अतिरिक्त तरल जमा होना प्रमुख पहचान नीली, बैंगनी, उभरी या टेढ़ी नसें पैर, टखने या पंजे में सूजन सामान्य लक्षण भारीपन, दर्द, जलन और ऐंठन सूजन, खिंचाव और भारीपन त्वचा पर असर नसें स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं त्वचा तनी हुई या चमकदार लग सकती है दबाने पर गड्ढा आमतौर पर प्रमुख संकेत नहीं कुछ प्रकार की एडिमा में हो सकता है संभावित कारण नसों में रक्त का जमा होना शरीर के ऊतकों में तरल पदार्थ का जमा होना उपचार स्थिति के अनुसार कंप्रेशन, जीवनशैली में बदलाव या अन्य चिकित्सा उपचार मूल कारण के अनुसार उपचार दोनों समस्याओं का इलाज अलग होता है वैरिकोज वेन्स के मामले में डॉक्टर समस्या की गंभीरता के अनुसार व्यायाम, पैरों को कुछ समय के लिए ऊंचा रखने, कंप्रेशन स्टॉकिंग या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में नसों को बंद करने या हटाने से जुड़ी प्रक्रियाओं की आवश्यकता भी हो सकती है। लेग एडिमा में सबसे महत्वपूर्ण बात इसके मूल कारण का पता लगाना है। यदि सूजन किसी बीमारी या दवा के कारण है, तो उपचार उसी वजह के अनुसार किया जाता है। इसलिए केवल सूजन कम करने के लिए खुद से दवा लेना उचित नहीं है। कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? यदि पैरों में लगातार सूजन, दर्द, भारीपन, उभरी हुई नसें, त्वचा के रंग में बदलाव या बार-बार ऐंठन जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासकर अचानक एक पैर में सूजन आने, तेज दर्द होने, त्वचा लाल या गर्म होने अथवा इसके साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
तीज के त्योहार पर पूजा-पाठ और व्रत के साथ घर में तरह-तरह के पकवान बनाने की परंपरा है। अगर इस बार आप भी तीज पर कुछ खास मीठा बनाने की तैयारी कर रही हैं, तो मावा वाली गुजिया बेहतरीन विकल्प हो सकती है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से ड्राई फ्रूट्स से भरपूर मावे की फिलिंग वाली गुजिया घर में आसानी से तैयार की जा सकती है। मावा गुजिया बनाने के लिए क्या चाहिए? गुजिया के लिए आपको 2 कप मैदा, 4 बड़े चम्मच घी, 250 ग्राम मावा, आधा कप पिसी चीनी, काजू-बादाम, किशमिश और इलायची पाउडर चाहिए। स्वाद बढ़ाने के लिए नारियल का बुरादा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। गुजिया तलने के लिए तेल या घी की जरूरत होगी। सबसे पहले तैयार करें गुजिया का आटा एक बड़े बर्तन में मैदा छानकर उसमें घी डालें और अच्छी तरह मिलाएं। थोड़ा मैदा हथेली पर लेकर दबाएं। अगर यह आसानी से बंध जाए तो समझें कि मोयन सही है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथें। आटा रोटी के आटे की तरह नरम नहीं होना चाहिए। इसे गीले कपड़े से ढककर करीब 20 मिनट के लिए रख दें। ऐसे तैयार करें मावे की स्वादिष्ट फिलिंग कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। जब मावा हल्का सुनहरा हो जाए और उसकी नमी कम हो जाए तो गैस बंद कर दें। मावे को पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसमें पिसी चीनी, बारीक कटे काजू-बादाम, किशमिश और इलायची पाउडर मिलाएं। चाहें तो थोड़ा नारियल भी डाल सकती हैं। ध्यान रखें कि गर्म मावे में चीनी न मिलाएं, वरना फिलिंग पतली हो सकती है। गुजिया में भरें मावे की फिलिंग आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें पूरी के आकार में बेल लें। बीच में करीब एक से डेढ़ चम्मच मावे की फिलिंग रखें और पूरी को आधा मोड़ दें। किनारों को उंगलियों से अच्छी तरह दबाकर बंद करें। चाहें तो पारंपरिक डिजाइन बना सकती हैं या गुजिया के सांचे का इस्तेमाल कर सकती हैं। किनारे ठीक से बंद करना जरूरी है, ताकि तलते समय फिलिंग बाहर न निकले। धीमी आंच पर तलने से बनेगी कुरकुरी गुजिया कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। गुजिया डालने से पहले आंच को मध्यम से धीमा रखें। एक साथ बहुत ज्यादा गुजिया न डालें। गुजिया को धीरे-धीरे पलटते हुए दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। तैयार गुजिया को पेपर टॉवल पर निकाल लें। चाय या दूध के साथ करें सर्व मावा गुजिया को हल्का गर्म या ठंडा करके परोसा जा सकता है। ऊपर से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे सजाया भी जा सकता है। तीज के मौके पर परिवार और मेहमानों के लिए घर की बनी ताजी मावा गुजिया चाय या दूध के साथ स्वादिष्ट मिठाई का विकल्प बन सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या के दिन आज, 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह खगोलीय घटना पूर्ण सूर्य ग्रहण होगी, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार ग्रहण की दृश्यता पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड और अटलांटिक-प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में रहेगी। 12 अगस्त को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण यह सूर्य ग्रहण बुधवार, 12 अगस्त को हो रहा है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को कुछ समय के लिए ढक देता है। इस बार ग्रहण की अधिकतम अवस्था भारतीय समयानुसार रात में होगी। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 24 मिनट रहेगी और पूर्ण ग्रहण की अवधि करीब 1 घंटे 32 मिनट होगी। भारत में नहीं होगी ग्रहण की दृश्यता भारत के लिए इस ग्रहण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के किसी भी हिस्से से सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसे देखने के लिए विशेष इंतजाम करने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय मौसम विभाग ने भी इसे स्पष्ट रूप से ‘Not Visible in India’ बताया है। सावन अमावस्या के साथ बना खास संयोग 12 अगस्त को श्रावण अमावस्या/हरियाली अमावस्या भी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं में अमावस्या को पूजा-पाठ, पितरों के तर्पण और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण धार्मिक दृष्टि से भी इसे विशेष संयोग माना जा रहा है। 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण साल 2026 में कुल दो सूर्य ग्रहण हैं। पहला सूर्य ग्रहण फरवरी में हुआ था, जबकि 12 अगस्त का ग्रहण साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण है। हालांकि खगोलीय घटना होने के बावजूद भारत में इसकी दृश्यता नहीं होने के कारण यहां इसका प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा।
टैरो राशिफल 5 अगस्त 2026: हर अवसर तुरंत दस्तक देकर सामने नहीं आता और हर चुनौती नुकसान का संकेत नहीं होती। कई बार दिन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश किसी छोटी घटना, बातचीत या अनुभव के भीतर छिपा होता है। 5 अगस्त के टैरो कार्ड संकेत दे रहे हैं कि कुछ राशियों के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं, कुछ लोगों को रिश्तों में नई स्पष्टता मिल सकती है, जबकि कुछ के लिए धैर्य और सही समय का इंतजार सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। करियर, धन, प्रेम, परिवार और व्यक्तिगत फैसलों के लिहाज से आज का दिन कई तरह के संकेत लेकर आया है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज कौन-से टैरो कार्ड क्या संदेश दे रहे हैं। मेष टैरो राशिफल: पुराने अनुभव से मिलेगा नया सबक टैरो कार्ड: Six of Cups, King of Swords (Reversed), Nine of Pentacles मेष राशि वालों के सामने आज कोई पुरानी याद, अधूरी बातचीत या पहले का अनुभव दोबारा आ सकता है। हालांकि इस बार परिस्थितियों को देखने का आपका नजरिया पहले जैसा नहीं रहेगा। पुराने अनुभव आपको बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी की बात को बिना जांचे सच मानने के बजाय अपनी समझ और अनुभव पर भरोसा करें। आर्थिक या निजी उपलब्धि से जुड़ी कोई अच्छी खबर दिन के दूसरे हिस्से में मिल सकती है। आज की सलाह: पुराने अनुभवों को बोझ नहीं, बल्कि सीख बनाकर आगे बढ़ें। वृषभ टैरो राशिफल: धैर्य से बदलेगी तस्वीर टैरो कार्ड: Ace of Cups, Seven of Wands, Wheel of Fortune (Reversed) वृषभ राशि वालों के लिए आज नई शुरुआत की इच्छा मजबूत रह सकती है, लेकिन परिस्थितियां आपकी गति को थोड़ा धीमा कर सकती हैं। इसे रुकावट समझने की जरूरत नहीं है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी बात और मेहनत का मजबूती से बचाव करना पड़ सकता है। यदि आपके काम पर सवाल उठते हैं तो बहस करने के बजाय आपका प्रदर्शन जवाब देगा। परिवार या किसी करीबी के साथ बातचीत से शाम तक मन को सुकून मिल सकता है। कुछ काम तय समय से देर से पूरे होंगे, लेकिन उनका परिणाम आपकी उम्मीद से बेहतर हो सकता है। आज की सलाह: देरी को रुकावट न समझें, कई बार सही समय आने में थोड़ा वक्त लगता है। मिथुन टैरो राशिफल: अब पीछे नहीं, आगे देखिए टैरो कार्ड: Three of Swords (Reversed), Queen of Pentacles, The Magician पिछले दिनों की निराशा या किसी मनमुटाव से बाहर निकलने का आज अच्छा अवसर मिल सकता है। आप खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और स्पष्ट महसूस करेंगे। करियर और आर्थिक मामलों में अपनी क्षमता दिखाने का समय है। अगर किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो पहल करने से पीछे न हटें। आपकी व्यावहारिक सोच और तैयारी अच्छे परिणाम दे सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई ऐसा अवसर सामने आ सकता है जो लंबे समय तक लाभ देगा। आज की सलाह: जो बीत गया, उसे पीछे छोड़कर नए भरोसे के साथ आगे बढ़ें। कर्क टैरो राशिफल: बदलाव को खुले मन से अपनाएं टैरो कार्ड: Knight of Wands, Four of Pentacles (Reversed), The Star कर्क राशि वालों के भीतर आज कुछ नया करने की इच्छा तेज हो सकती है। लंबे समय से जिस योजना को केवल सोच रहे थे, उस पर काम शुरू करने का समय आ सकता है। पुराने डर, संकोच या हर चीज को नियंत्रित रखने की आदत छोड़ेंगे तो नए अवसर दिखाई देने लगेंगे। दिन के दूसरे हिस्से में कोई अच्छी खबर या सकारात्मक संकेत आपका उत्साह बढ़ा सकता है। आज की सलाह: जहां उम्मीद दिखाई दे, वहां पहला कदम उठाने में देर न करें। सिंह टैरो राशिफल: जल्दबाजी से बचें, जवाब मिल जाएगा टैरो कार्ड: Ten of Wands, Page of Cups, Justice (Reversed) सिंह राशि वालों को आज जिम्मेदारियां कुछ अधिक महसूस हो सकती हैं। कई काम एक साथ ध्यान मांग सकते हैं, इसलिए हर काम खुद संभालने के बजाय प्राथमिकताएं तय करना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में कोई नई जानकारी या प्रस्ताव सामने आ सकता है। हालांकि, किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी स्थिति को समझना बेहतर रहेगा। दिन के दूसरे हिस्से में किसी पुराने मामले को लेकर चल रही उलझन कम हो सकती है। धैर्य बनाए रखेंगे तो दिन का अंत संतोषजनक रह सकता है। आज की सलाह: हर सवाल का जवाब उसी समय देना जरूरी नहीं होता। कन्या टैरो राशिफल: मेहनत से बनेगी अलग पहचान टैरो कार्ड: Eight of Pentacles, The Hanged Man, Queen of Wands आज कन्या राशि वालों का ध्यान अपने काम को बेहतर बनाने पर रहेगा। जिस लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, उसमें जल्दबाजी के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। अगर कोई काम उम्मीद से धीमा चल रहा है तो उसे असफलता न मानें। कभी-कभी रुककर परिस्थितियों को समझना सही दिशा चुनने में मदद करता है। दिन के दूसरे हिस्से में आपकी मेहनत और आत्मविश्वास लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। किसी नए विचार पर काम शुरू करने का मौका भी मिल सकता है। आज की सलाह: धैर्य और निरंतर मेहनत का साथ न छोड़ें। तुला टैरो राशिफल: निराशा से निकलकर आगे बढ़ें टैरो कार्ड: Five of Cups, Knight of Pentacles, The Sun किसी पुरानी निराशा या अधूरे काम को लेकर आज मन थोड़ा भारी रह सकता है। लेकिन जो नहीं हुआ, उसी पर अटके रहने के बजाय अपने हाथ में मौजूद अवसरों पर ध्यान देना बेहतर होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी लगन और अनुशासन धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। दिन के दूसरे हिस्से में अच्छी खबर, सराहना या परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न होगा। आज की सलाह: जो नहीं मिला, उससे ज्यादा उस पर ध्यान दें जो आज आपके पास है। वृश्चिक टैरो राशिफल: नए रास्ते पर भरोसा रखें टैरो कार्ड: Two of Pentacles (Reversed), King of Cups, The Fool वृश्चिक राशि वालों के सामने आज कई जिम्मेदारियां एक साथ आ सकती हैं। इससे मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। हर काम एक साथ पूरा करने की कोशिश करने के बजाय प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ें। कार्यक्षेत्र में आपका शांत स्वभाव और समझदारी किसी कठिन परिस्थिति को संभालने में मदद कर सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई नया अवसर या विचार सामने आ सकता है। अगर लंबे समय से किसी बदलाव के बारे में सोच रहे थे तो आज पहला कदम उठाने का साहस मिल सकता है। आज की सलाह: नई शुरुआत से पहले हर सवाल का जवाब मिलना जरूरी नहीं होता। धनु टैरो राशिफल: छोटी शुरुआत बड़ा रास्ता खोल सकती है टैरो कार्ड: Four of Swords, Ace of Pentacles, Nine of Wands (Reversed) पिछले कुछ दिनों की भागदौड़ के बाद आज मन को थोड़ा आराम चाहिए। खुद पर लगातार दबाव डालने के बजाय अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं। करियर या आर्थिक मामलों में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। शुरुआत छोटी लग सकती है, लेकिन यही कदम भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है या किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से सकारात्मक बातचीत हो सकती है। आज की सलाह: खुद को आराम देने में संकोच न करें, क्योंकि थका हुआ मन सही निर्णय लेने में मुश्किल महसूस करता है। मकर टैरो राशिफल: अधूरी तस्वीर देखकर फैसला न लें टैरो कार्ड: Seven of Cups, Death (Reversed), Three of Pentacles मकर राशि वालों के सामने आज कई विकल्प आ सकते हैं। लेकिन हर अवसर आपके लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। किसी प्रस्ताव या नई योजना को लेकर असमंजस हो सकता है। कार्यक्षेत्र में टीम के साथ मिलकर काम करना बेहतर परिणाम दे सकता है। दूसरों की राय सुनें, लेकिन अंतिम निर्णय अपनी समझ और तथ्यों के आधार पर लें। शाम तक लंबे समय से चली आ रही किसी उलझन की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। आज की सलाह: बदलाव से डरने के बजाय उसमें छिपे अवसर को पहचानने की कोशिश करें। कुंभ टैरो राशिफल: अपनी दिशा खुद तय करनी होगी टैरो कार्ड: Six of Wands (Reversed), The Moon, Page of Swords कुंभ राशि वालों को आज दूसरों की राय या उनकी उपलब्धियां अपने फैसलों को प्रभावित करने से रोकना होगा। बार-बार खुद की तुलना करने से आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कोई नई जानकारी या अप्रत्याशित बदलाव सामने आ सकता है। सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने के बजाय तथ्यों की जांच करें। दिन के दूसरे हिस्से में किसी बातचीत, संदेश या मुलाकात से नई सोच मिल सकती है। छोटी-सी जानकारी भी भविष्य के किसी महत्वपूर्ण निर्णय में उपयोगी साबित हो सकती है। आज की सलाह: दूसरों की राह देखकर नहीं, अपनी मंजिल देखकर कदम बढ़ाएं। मीन टैरो राशिफल: धैर्य और समझदारी दिलाएंगे सफलता टैरो कार्ड: Ten of Pentacles, Strength, Five of Swords (Reversed) मीन राशि वालों के लिए आज परिवार, करियर और आर्थिक मामलों में स्थिरता का एहसास हो सकता है। पिछले दिनों की मेहनत अब धीरे-धीरे परिणाम देने लगेगी। अगर किसी रिश्ते या काम में मतभेद चल रहे थे तो उन्हें सुलझाने का अच्छा अवसर मिल सकता है। अपनी बात शांत तरीके से रखेंगे तो सामने वाला भी आपको बेहतर समझ सकेगा। दिन के दूसरे हिस्से में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह या परिवार का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। आज असली जीत किसी बहस में नहीं, बल्कि रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाए रखने में है। आज की सलाह: जहां बातचीत से समाधान निकल सकता हो, वहां अहंकार को बीच में न आने दें। आज का टैरो संदेश 5 अगस्त का टैरो राशिफल संकेत देता है कि आज धैर्य, आत्मविश्वास, संवाद और बदलाव को स्वीकार करने की क्षमता कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। वृषभ के लिए धैर्य, वृश्चिक के लिए नई शुरुआत और कन्या के लिए मेहनत खास संदेश लेकर आई है। वहीं कुंभ राशि वालों को दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी दिशा पर भरोसा रखना होगा।
पुरी, एजेंसियां। ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने की कोशिश तेज हो गई है। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने रथ यात्रा के लिए यूनेस्को मान्यता की दिशा में नामांकन दस्तावेज जमा किए हैं। अब इस प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। यूनेस्को मान्यता के लिए आगे बढ़ी प्रक्रिया श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से रथ यात्रा को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों से आगे बढ़ाई जा रही है। वर्ष 2025 में नामांकन दस्तावेज जमा किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रथ यात्रा को इससे पहले केंद्र संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी की राष्ट्रीय विरासत सूची में भी शामिल किया जा चुका है। ओडिशा सरकार अब इस अभियान में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और सहयोग की मांग कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रथ यात्रा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा सके। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी है रथ यात्रा पुरी की रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा से जुड़ा प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचते हैं। 2026 की रथ यात्रा के दौरान पुरी रेलवे स्टेशन ने करीब 13 लाख श्रद्धालुओं की आवाजाही संभाली। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सदियों पुरानी परंपराएं, अनुष्ठान, संगीत, शिल्प और सामुदायिक भागीदारी भी शामिल हैं। इसी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मान्यता मिलने से पर्यटन और विरासत संरक्षण को बढ़ावा यूनेस्को की मान्यता मिलने से पुरी रथ यात्रा को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे ओडिशा में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रथ यात्रा से जुड़ी पारंपरिक कला, शिल्प और रीति-रिवाजों के संरक्षण को भी मजबूती मिल सकती है। हालांकि, अभी रथ यात्रा को यूनेस्को की सूची में शामिल नहीं किया गया है। नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। इसलिए फिलहाल इसे यूनेस्को मान्यता की दौड़ में शामिल सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। Google ने अपने नए फिटनेस वियरेबल Fitbit Air को भारत में लॉन्च करने की पुष्टि कर दी है। कंपनी के अनुसार यह डिवाइस अक्टूबर 2026 में भारतीय बाजार में आएगा। हालांकि, अभी इसकी सटीक लॉन्च तारीख और भारत में कीमत का खुलासा नहीं किया गया है। बिना स्क्रीन के करेगा हेल्थ ट्रैकिंग Fitbit Air की सबसे खास बात इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है। इसमें पारंपरिक स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड की तरह डिस्प्ले नहीं दिया गया है। यूजर अपनी हेल्थ और फिटनेस से जुड़ी जानकारी Google Health ऐप के जरिए देख सकेंगे। डिवाइस में स्टेटस लाइट और हैप्टिक फीडबैक का इस्तेमाल किया गया है। 24 घंटे हार्ट रेट और स्लीप मॉनिटरिंग Fitbit Air में 24/7 हार्ट रेट मॉनिटरिंग, हार्ट रिदम ट्रैकिंग, AFib अलर्ट, SpO2 मॉनिटरिंग, HRV और रेस्टिंग हार्ट रेट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा यह नींद की अवधि और अलग-अलग स्लीप स्टेज को भी ट्रैक करता है। ऑटोमैटिक वर्कआउट डिटेक्शन और Google Health Coach जैसे फीचर भी इसमें दिए गए हैं। 7 दिन तक चलेगी बैटरी Google के मुताबिक Fitbit Air एक बार चार्ज करने पर 7 दिन तक की बैटरी लाइफ दे सकता है। करीब 5 मिनट की चार्जिंग से पूरे दिन तक इस्तेमाल करने की क्षमता भी बताई गई है। डिवाइस 50 मीटर तक वाटर रेजिस्टेंस के साथ आता है और इसमें अलग-अलग इंटरचेंजेबल बैंड लगाए जा सकते हैं। भारत में कितनी होगी कीमत? अमेरिका में Fitbit Air की शुरुआती कीमत $99.99 रखी गई है। भारतीय कीमत अभी Google ने आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। Apple की डिजिटल पेमेंट सेवा Apple Pay की भारत में एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक Apple सितंबर के अंत या अक्टूबर 2026 तक भारत में Apple Pay लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, शुरुआत में भारतीय यूजर्स को इसका UPI सपोर्ट नहीं मिलेगा। शुरुआत में Visa और Mastercard का सपोर्ट Apple Pay के शुरुआती भारतीय संस्करण में Visa और Mastercard नेटवर्क वाले क्रेडिट कार्ड को Apple Wallet में जोड़कर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। यूजर्स NFC-सक्षम POS मशीनों पर iPhone या Apple Watch को टैप करके कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकेंगे। UPI को लेकर अभी इंतजार भारत में Apple Pay की सबसे बड़ी कमी शुरुआत में UPI सपोर्ट का न होना हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार UPI को Apple Pay में शामिल करने के लिए Apple को NPCI की मंजूरी और एक स्पॉन्सर बैंक के साथ साझेदारी की जरूरत होगी। इन मुद्दों पर अभी बातचीत चल रही है। बैंकों के साथ फीस को लेकर बातचीत Apple भारतीय बैंकों और क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के साथ प्रत्येक कार्ड ट्रांजैक्शन पर मिलने वाली फीस को लेकर भी बातचीत कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार Apple करीब 15-20 बेसिस पॉइंट की हिस्सेदारी चाहता है, जबकि कुछ बैंक लगभग 10 बेसिस पॉइंट की दर का प्रस्ताव दे रहे हैं। iPhone और Apple Watch यूजर्स को मिलेगा फायदा यदि रिपोर्ट के अनुसार लॉन्च होता है, तो भारत में iPhone और Apple Watch यूजर्स को पहली बार आधिकारिक Apple Pay के जरिए कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट का विकल्प मिल सकता है। हालांकि, Apple ने अभी तक भारत में लॉन्च की तारीख और फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हैदराबाद, एजेंसियां। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने करीब 10 साल बाद अपने वर्डमार्क में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने गुरुवार को नया टेक्स्ट-ओनली वर्डमार्क पेश किया है, जो ऐप के ऊपर दिखाई देने वाले ‘Instagram’ नाम के रूप में नजर आता है। हालांकि, नए डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। Adam Mosseri ने बताया ‘शार्प और मॉडर्न’ Instagram के प्रमुख Adam Mosseri ने Instagram और Threads पर पोस्ट के जरिए नए वर्डमार्क की जानकारी दी। उन्होंने इसे पुराने डिजाइन की सादगी और क्राफ्ट को बरकरार रखते हुए ज्यादा ‘शार्प’ और ‘मॉडर्न’ बताया। कंपनी के मुताबिक, पिछले करीब एक दशक से वर्डमार्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था। ऐसे में इसे रिफ्रेश करने का फैसला लिया गया। नया फॉन्ट बना चर्चा का विषय नया वर्डमार्क पुराने डिजाइन की तरह ही कर्सिव और हैंडराइटिंग स्टाइल में है, लेकिन इसे ज्यादा बोल्ड और कॉम्पैक्ट बनाया गया है। ‘s’, ‘r’ और ‘g’ जैसे अक्षरों में घुमावदार डिजाइन देखने को मिलती है। यही डिजाइन अब सोशल मीडिया पर चर्चा और मजाक का कारण बन गया है। कुछ यूजर्स का कहना है कि नए फॉन्ट में ‘r’ अक्षर ‘z’ जैसा दिखाई देता है। इसके चलते कुछ लोगों ने ‘Instagram’ को मजाक में ‘Instagzam’ पढ़ना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ यूजर्स ने इसे ‘Instagwan’ और ‘Instaguam’ जैसे नाम भी दिए हैं। कई यूजर्स को पसंद आया नया लुक हालांकि, नए वर्डमार्क की आलोचना करने वालों की संख्या के साथ ऐसे यूजर्स भी हैं जिन्हें इसका क्लीन और मॉडर्न लुक पसंद आया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नए डिजाइन को ज्यादा कॉम्पैक्ट और आकर्षक बताया है। Instagram के रंगीन आइकन में कोई बदलाव नहीं इस बदलाव का असर Instagram के मुख्य रंगीन आइकन पर नहीं पड़ा है। ऐप का आइकन फिलहाल पहले जैसा ही है। बदलाव सिर्फ टेक्स्ट वाले वर्डमार्क में किया गया है। Instagram ने आखिरी बड़ा विजुअल बदलाव 2016 में किया था। तब कंपनी ने पुराने भूरे कैमरा आइकन को हटाकर मौजूदा रंगीन ग्रेडिएंट आइकन पेश किया था। फिलहाल Meta की ओर से ऐप के मुख्य आइकन में किसी नए बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। Vivo ने X300 FE स्मार्टफोन को भारत में नए 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया है। यह फोन का अब तक का सबसे किफायती कॉन्फिगरेशन है। नए वेरिएंट की कीमत ₹84,999 रखी गई है। 8GB रैम के साथ 256GB स्टोरेज Vivo X300 FE का नया मॉडल 8GB RAM + 256GB storage के साथ आता है। इससे पहले भारत में फोन 12GB+256GB और 12GB+512GB कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध था। नए वेरिएंट के आने के बाद ग्राहकों को कम कीमत पर X300 FE खरीदने का विकल्प मिल गया है। वर्तमान कीमतों के अनुसार 12GB+256GB मॉडल की कीमत ₹89,999 है, जबकि 12GB+512GB मॉडल भी ₹89,999 के आसपास उपलब्ध है। ऐसे में नए 8GB+256GB मॉडल की ₹84,999 कीमत इसे लाइनअप में सबसे सस्ता विकल्प बनाती है। Snapdragon 8 Gen 5 और 6,500mAh बैटरी फोन के नए वेरिएंट में हार्डवेयर के स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसमें Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 6.31 इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। पावर के लिए इसमें 6,500mAh की बैटरी दी गई है। फोन 90W वायर्ड और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करता है। कैमरे में ZEISS का साथ Vivo X300 FE में फोटोग्राफी के लिए ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है। इसमें 50MP मुख्य कैमरा, 50MP टेलीफोटो कैमरा और 8MP अल्ट्रावाइड कैमरा शामिल हैं। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 50MP फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में कैमरा सिस्टम को ZEISS के साथ मिलकर तैयार किया गया है, जिससे कंपनी प्रीमियम फोटोग्राफी अनुभव देने का दावा करती है। नए वेरिएंट से क्या बदला? सबसे बड़ा बदलाव रैम और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में है। प्रोसेसर, डिस्प्ले, कैमरा और बैटरी जैसे प्रमुख हार्डवेयर पहले वाले मॉडल जैसे ही हैं। यानी Vivo ने कम रैम वाला विकल्प देकर फोन की शुरुआती कीमत को कुछ कम करने की कोशिश की है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। GATE 2027 को लेकर उम्मीदवारों के लिए 14 अगस्त 2026 को बड़ा अपडेट सामने आया है। पहले Graduate Aptitude Test in Engineering (GATE) 2027 का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज से शुरू होना था, लेकिन IIT मद्रास ने आवेदन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी है। अब GATE 2027 का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 27 अगस्त 2026 से शुरू होगा। 27 अगस्त से खुलेगा आवेदन पोर्टल IIT मद्रास की ओर से जारी आधिकारिक GATE 2027 वेबसाइट पर बताया गया है कि GOAPS रजिस्ट्रेशन को 27 अगस्त 2026 तक री-शेड्यूल किया गया है। इसलिए उम्मीदवार 14 अगस्त को आवेदन शुरू होने की उम्मीद न करें। नई तारीख के अनुसार ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। DigiLocker से रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी GATE 2027 में सभी भारतीय नागरिकों के लिए सत्यापित DigiLocker अकाउंट के जरिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले अपना DigiLocker अकाउंट बनाकर या अपडेट करके उसे सत्यापित रखना होगा। DigiLocker से नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ई-मेल, प्रोफाइल फोटो, पता और सत्यापित ID कार्ड नंबर जैसी जानकारी प्राप्त की जाएगी। फरवरी 2027 में होगी परीक्षा GATE 2027 परीक्षा फरवरी 2027 में कई तारीखों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा में इस बार Robotics and Automation सहित कुल 30 पेपर होंगे। उम्मीदवार अधिकतम दो पेपर चुन सकते हैं, लेकिन इसके लिए निर्धारित पेपर संयोजन लागू होंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से NDA और NA Examination (II), 2026 की परीक्षा तिथि तय कर दी गई है। परीक्षा 13 सितंबर 2026 को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में आयोजित होगी। इस परीक्षा के जरिए कुल 394 पदों पर भर्ती की जाएगी। 13 सितंबर को होगी NDA-NA परीक्षा UPSC NDA और NA 2 परीक्षा 2026 का आयोजन 13 सितंबर 2026 को पेन-पेपर मोड में किया जाएगा। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट में Mathematics और दूसरी शिफ्ट में General Ability Test (GAT) का पेपर आयोजित किया जाएगा। पेपर समय अवधि Mathematics सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक 2 घंटे 30 मिनट General Ability Test (GAT) दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक 2 घंटे 394 पदों पर होगी भर्ती NDA और NA 2 परीक्षा के माध्यम से इस बार कुल 394 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें 370 पद पुरुष उम्मीदवारों और 24 पद महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित हैं। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के साथ आगे की चयन प्रक्रिया के लिए भी तैयार रहना होगा। दोनों पेपर की तैयारी जरूरी NDA और NA की लिखित परीक्षा में Mathematics और GAT दोनों पेपर होते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को किसी एक विषय पर निर्भर रहने के बजाय दोनों की संतुलित तैयारी करनी चाहिए। परीक्षा ऑफलाइन होने के कारण पेन-पेपर से मॉक टेस्ट और समयबद्ध अभ्यास करना भी उपयोगी रहेगा। मई-जून में पूरी हो चुकी है आवेदन प्रक्रिया NDA और NA 2, 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। UPSC ने 20 मई 2026 से आवेदन शुरू किए थे और उम्मीदवारों को 11 जून 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया था। अब आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना होगा। परीक्षा से पहले UPSC की ओर से एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। UPSC NDA NA 2 Exam 2026: एक नजर में परीक्षा: NDA और NA Examination (II), 2026 तारीख: 13 सितंबर 2026 मोड: ऑफलाइन कुल पद: 394 Mathematics: सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक GAT: दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आवेदन प्रक्रिया: 20 मई से 11 जून 2026 तक
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल सरकार ने वेस्ट बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विस कमीशन (WBSSC) में चार नए सदस्यों की नियुक्ति की है। इस संबंध में 11 अगस्त 2026 को राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। तीन सदस्य रामकृष्ण मिशन से नई नियुक्तियों में रामकृष्ण मिशन से जुड़े तीन संन्यासी शामिल हैं। इनमें स्वामी आत्मप्रियानंद, स्वामी शास्त्रज्ञानंद और स्वामी तत्त्सारानंद के नाम शामिल हैं। चौथी सदस्य के तौर पर आईआईएम कोलकाता की स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप की प्रोफेसर रम्या तारकाडा वेंकटेश्वरन को नियुक्त किया गया है। स्वामी आत्मप्रियानंद रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (RKMVERI) के प्रो-चांसलर और सचिव हैं। स्वामी शास्त्रज्ञानंद रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेंद्रपुर के सचिव हैं, जबकि स्वामी तत्त्सारानंद बेलूर मठ के ट्रस्टी और रामकृष्ण मिशन की गवर्निंग बॉडी के सदस्य हैं। नियुक्तियां तुरंत प्रभावी राज्य सरकार की अधिसूचना के मुताबिक चारों नए सदस्य तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करेंगे। वे अगले आदेश तक आयोग में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। नियुक्ति पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन अधिनियम, 1997 की धारा 3(4) के तहत की गई है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पहले से ही काफी महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। 2025 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर भी असर WBSSC के चेयरमैन दुष्यंत नारियाला ने हाल में भर्ती प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की शिक्षक भर्ती में करीब 39 हजार उम्मीदवारों की प्रक्रिया में से लगभग 15 हजार उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा चुका है। इसके अलावा 2016 की अपर प्राइमरी भर्ती में लंबित 1,177 नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी भी दी गई है। वहीं, कक्षा 11वीं-12वीं के शिक्षकों को 14 अगस्त को सिफारिश पत्र देने की योजना पर भी संशय जताया गया है। आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। भर्ती विवाद के बीच महत्वपूर्ण नियुक्ति पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक विवादों के बीच रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2016 की भर्ती प्रक्रिया को रद्द किए जाने के बाद आयोग को नए सिरे से नियुक्तियां करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी पड़ी है। ऐसे समय में चार नए सदस्यों की नियुक्ति से आयोग के कामकाज और भर्ती प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
रांची। 70वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता 2026-27 में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए खिलाड़ियों के बीच चयन की जंग शुरू हो गई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तहत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC), रांची की ओर से राज्य स्तरीय खुली चयन प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले दिन विभिन्न खेलों में कुल 797 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा, फिटनेस व प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। नौ खेलों में 797 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा पहले दिन नौ खेलों में खिलाड़ियों का चयन परीक्षण हुआ। इनमें योग में सबसे अधिक 178 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद कुश्ती फ्री स्टाइल में 167, बास्केटबॉल में 128, टेबल टेनिस में 91, तैराकी में 74, कुश्ती ग्रीको रोमन में 46, जिम्नास्टिक में 41, भारोत्तोलन में 37 और सॉफ्टबॉल में 35 खिलाड़ी शामिल हुए। कुल प्रतिभागियों में 479 बालक और 318 बालिका खिलाड़ी रहीं। अलग-अलग खेल स्थलों पर खिलाड़ियों में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अखाड़े से लेकर स्विमिंग पूल तक दिखा दमखम चयन परीक्षण के दौरान कुश्ती के अखाड़े में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया। वहीं टेबल टेनिस में तेजी और तकनीकी कौशल की परीक्षा हुई। योग और जिम्नास्टिक में खिलाड़ियों के संतुलन, लचीलेपन और शारीरिक क्षमता को परखा गया। बास्केटबॉल और सॉफ्टबॉल में व्यक्तिगत कौशल के साथ टीमवर्क पर भी ध्यान दिया गया। तैराकी में खिलाड़ियों की गति और फिटनेस की परीक्षा हुई। भारोत्तोलन में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। मजबूत झारखंड टीम तैयार करना लक्ष्य झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के कार्यक्रम पदाधिकारी धीर सेन सोरेंग ने बताया कि राज्य स्तरीय खुली चयन प्रक्रिया का उद्देश्य प्रतिभाशाली स्कूली खिलाड़ियों को बेहतर मंच देना और राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता के लिए झारखंड की मजबूत टीम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शी तरीके से की जा रही है। खिलाड़ियों के खेल कौशल, तकनीकी दक्षता, फिटनेस, प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है। 13 अगस्त को भी होंगे चयन परीक्षण चयन प्रक्रिया के अगले चरण में 13 अगस्त को रांची के खेलगांव स्थित विभिन्न स्टेडियम में कई खेलों के लिए चयन परीक्षण आयोजित किए जाएंगे। इसमें बालक बास्केटबॉल, खो-खो, गतका, बालिका कुश्ती, नेटबॉल, सेपक टेकरा और बालक बैडमिंटन के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। चयनित खिलाड़ियों को 70वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। इस चयन प्रक्रिया को राज्य की स्कूली खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
वॉशिंगटन,एजेंसियां। अमेरिका के मैसाचुसेट्स में 17 वर्षीय भारतवंशी किशोर अर्जुन अरविंद पर अपनी मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय छोटे भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे वेलैंड के एक पार्किंग स्थल से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसकी इंटरनेट और चैटजीपीटी सर्च हिस्ट्री सामने आई, जिसमें परिवार को नुकसान पहुंचाने और हत्या से जुड़े विषयों की तलाश किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि चैटजीपीटी ने आरोपी को हत्या का तरीका, हथियार या पूरी योजना उपलब्ध कराई थी। घर में मिले मां और भाई के शव घटना का पता मंगलवार शाम चला। एक शिक्षिका पढ़ाने के लिए घर पहुंचीं, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने अर्जुन के पिता को सूचना दी। पिता ने भी पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं होने पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस जब घर पहुंची तो बेसमेंट में 45 वर्षीय सुधा वेंकटेशन का शव मिला, जबकि पहली मंजिल पर 14 वर्षीय सिद्धार्थ अरविंद मृत मिला। इसके बाद पुलिस ने अर्जुन की तलाश शुरू की और उसे वेलैंड के एक पार्किंग स्थल से गिरफ्तार कर लिया। चैटजीपीटी और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री में क्या मिला? जांच के दौरान सामने आया कि अर्जुन इंटरनेट और चैटजीपीटी पर परिवार को नुकसान पहुंचाने और हत्या जैसे विषयों से जुड़ी जानकारी तलाश रहा था। उसने एआई से डरावनी और रहस्यमयी कहानियां बनाने में भी मदद मांगी थी। इन कहानियों में ऐसे किरदारों का जिक्र था जो अपने ही परिवार के सदस्यों की हत्या करते हैं। पुलिस के लिए यह ऑनलाइन गतिविधियां जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हैं। हालांकि, केवल सर्च हिस्ट्री से यह साबित नहीं होता कि एआई ने हत्या के लिए निर्देश दिए या आरोपी को घटना की योजना बनाने में मदद की। किशोर पर कई आरोप अर्जुन पर अपनी मां और भाई की हत्या के दो मामलों के अलावा परिवार पर हमला और मारपीट से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। उस पर अपनी मां की कार बिना अनुमति लेकर फरार होने का आरोप भी है। पुलिस अब मामले में मिले भौतिक साक्ष्यों, ऑनलाइन गतिविधियों और अन्य परिस्थितियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। AI की भूमिका पर अभी निष्कर्ष नहीं इस मामले में चैटजीपीटी की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अभी ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया है कि एआई ने किशोर को हत्या करने का तरीका या योजना बताई थी। फिलहाल इतना सामने आया है कि आरोपी की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री में परिवार को नुकसान पहुंचाने और हत्या से जुड़े विषय मौजूद थे। आगे की जांच और साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि इन ऑनलाइन गतिविधियों और कथित हत्याओं के बीच कितना सीधा संबंध था।
तेहरान, एजेंसियां। ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह दावा करने के बाद कि अमेरिका का इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर “पूर्ण नियंत्रण” है, ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि हॉर्मुज पर नियंत्रण अब भी ईरान के पास है। ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार ईरान के नवनियुक्त बसीज प्रमुख हुसैन ताएब ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरान के नियंत्रण और प्रबंधन में है। ईरानी सैन्य कमान ने भी अमेरिका के सामान्य समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के दावे को खारिज किया है। ईरान का कहना है कि किसी भी जहाज को जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए उसकी अनुमति जरूरी है। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि उसकी नौसैनिक नाकेबंदी और सैन्य मौजूदगी के कारण वह समुद्री मार्ग पर नियंत्रण बनाए हुए है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी बढ़ाई हॉर्मुज को लेकर दोनों देशों के दावों के बीच अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना इस नाकेबंदी को लंबे समय तक बनाए रखने में सक्षम है। वहीं, ईरान ने अमेरिका की कार्रवाई को अपने खिलाफ दबाव बढ़ाने की कोशिश बताया है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए चल रही बातचीत में भी अभी तक कोई निर्णायक समाधान सामने नहीं आया है। वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है। यहां लंबे समय से जारी तनाव के कारण समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.7 प्रतिशत गिरकर 87.44 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, हालांकि बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बना हुआ है। अमेरिका-ईरान टकराव से बढ़ी क्षेत्रीय चिंता हॉर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के दावे बिल्कुल विपरीत हैं। ट्रंप अमेरिका के नियंत्रण की बात कर रहे हैं, जबकि ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य उसके नियंत्रण में है। ऐसे में आने वाले दिनों में समुद्री यातायात, तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
ढाका, एजेंसियां। बांग्लादेश में नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपने महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने 13 अगस्त को उनका नामांकन पत्र चुनाव आयोग के समक्ष जमा कर दिया। 20 अगस्त को होगा राष्ट्रपति का चुनाव बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 20 अगस्त 2026 को संसद में मतदान प्रस्तावित है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 16 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी। जरूरत पड़ने पर सांसद मतदान के जरिए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। फखरुल का राष्ट्रपति बनना लगभग तय BNP के पास संसद में मजबूत बहुमत है। ऐसे में 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के देश के 23वें राष्ट्रपति बनने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, चुनाव पूरा होने तक उन्हें निर्वाचित राष्ट्रपति कहना सही नहीं होगा। नामांकन के बाद पार्टी पदों से दिया इस्तीफा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मिर्जा फखरुल ने BNP महासचिव और नेशनल स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति चुने जाने की स्थिति में उन्हें सांसद और मंत्री पद भी छोड़ना होगा। पूर्व राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद खाली हुआ पद बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। फिलहाल संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
मुंबई, एजेंसियां। भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह इन दिनों रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ को लेकर चर्चा में हैं। शो के आगामी एपिसोड का प्रोमो सामने आया है, जिसमें राधे मां पवन सिंह की शादी को लेकर भविष्यवाणी करती नजर आ रही हैं। राधे मां की बात सुनकर पवन सिंह भी शर्माते हुए नजर आए। राधे मां ने बताई पवन सिंह की शादी की उम्र प्रोमो में होस्ट भारती सिंह राधे मां से पवन सिंह के लिए अच्छा जीवनसाथी मिलने की बात कहती हैं। भारती मजाकिया अंदाज में कहती हैं कि पवन सिंह ने इस मामले में कई बार दुख झेला है। इसके बाद राधे मां पवन सिंह को अपने सामने बुलाती हैं। पवन सिंह उनके सामने हाथ जोड़कर खड़े हो जाते हैं। राधे मां कुछ देर उन्हें देखने के बाद कहती हैं कि पवन सिंह का दिल बहुत साफ है और उन्हें 45 साल की उम्र में एक बहुत अच्छी और प्यार करने वाली पत्नी मिलेगी। आम्रपाली दुबे ने शुरू की गिनती, भारती ने ली चुटकी राधे मां की भविष्यवाणी सुनकर पवन सिंह के साथ बैठीं आम्रपाली दुबे उंगलियों पर साल गिनने लगती हैं। वहीं भारती सिंह इस मौके पर मजाक करते हुए कहती हैं कि पांच साल बाद डांस होगा। सेट पर मौजूद पवन सिंह, आम्रपाली दुबे और निरहुआ इस बातचीत पर हंसते नजर आते हैं। राधे मां की बात सुनकर पवन सिंह भी शर्माते हुए दिखाई देते हैं। पवन सिंह की दो शादियां हो चुकी हैं पवन सिंह की निजी जिंदगी पहले भी उनकी शादी और रिश्तों को लेकर सुर्खियों में रही है। उनकी पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी, जिनका बाद में निधन हो गया। इसके बाद पवन सिंह ने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की थी। पवन सिंह और ज्योति सिंह के रिश्ते में बाद में विवाद सामने आए और दोनों के बीच तलाक का मामला अदालत तक पहुंचा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है। क्या सच में होगी तीसरी शादी? यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 45 साल की उम्र में शादी होने की बात राधे मां की शो में कही गई भविष्यवाणी है, कोई आधिकारिक घोषणा या पवन सिंह की ओर से शादी की पुष्टि नहीं। फिलहाल ‘भोजपुरी बवाल’ के प्रोमो में दिखाई गई बातचीत ही इसकी वजह से चर्चा में है। पवन सिंह की तीसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। हालांकि, भविष्य में वास्तव में शादी होगी या नहीं और कब होगी, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली में मौसम सुहावना रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राजधानी में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और सुबह के समय हल्की बारिश के कुछ दौर हो सकते हैं। सुबह बारिश की सबसे ज्यादा संभावना IMD के अनुसार, सुबह 4 से 6 बजे के बीच करीब 5 मिमी बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की 70 प्रतिशत संभावना है। इसके बाद सुबह 6 से 9 बजे के बीच भी लगभग 2-3 मिमी बारिश होने की 60 प्रतिशत संभावना जताई गई है। दोपहर और शाम को भी हो सकती है बूंदाबांदी मौसम विभाग ने 15 अगस्त की दोपहर से शाम के बीच भी करीब 3 मिमी हल्की बारिश की 60 प्रतिशत संभावना बताई है। ऐसे में लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद कम है। तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहने का अनुमान दिल्ली में 15 अगस्त को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिमी हवाएं करीब 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह पर मौसम की नजर दिल्ली में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। ऐसे में सुबह होने वाली बारिश पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर रहेगी। फिलहाल IMD का अनुमान बहुत हल्की से हल्की बारिश का है, इसलिए भारी बारिश जैसी स्थिति का पूर्वानुमान नहीं है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए रेलवे यात्रा में किराया रियायत देने की नीति बनाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत है। यह सुविधा खास तौर पर उन पीड़ितों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में स्थित बेहतर अस्पतालों तक पहुंचने में मदद करेगी। मरीज श्रेणी के तहत देने की तैयारी रेलवे की ओर से केंद्र ने बताया कि सरकार फिलहाल इस सुविधा को अलग से दिव्यांग श्रेणी में शामिल करने के बजाय मौजूदा ‘पेशेंट कैटेगरी’ के तहत देने पर विचार कर रही है। केंद्र ने दिव्यांग श्रेणी में अलग लाभ देने को लेकर कुछ व्यावहारिक चिंताएं भी सामने रखीं। सुप्रीम कोर्ट ने उदारता से विचार करने को कहा मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एसिड अटैक सर्वाइवर्स को नियमित चिकित्सा उपचार और पुनर्वास की जरूरत होती है। अदालत ने केंद्र से इस मामले में उदार दृष्टिकोण अपनाने को कहा। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि कई पीड़ितों को अलग-अलग राज्यों में कई बार सर्जरी और उपचार के लिए यात्रा करनी पड़ती है। इसलिए उन्हें ऐसी व्यवस्था चाहिए जिससे इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा का आर्थिक बोझ कम हो सके। छह सप्ताह में ड्राफ्ट नीति पेश करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को प्रस्तावित नीति का ड्राफ्ट छह सप्ताह के भीतर अदालत के सामने रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि रियायत को इलाज की अवधि से जोड़कर समयबद्ध तरीके से लागू करने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। यह मामला Atijeevan Society की याचिका से जुड़ा है, जिसमें एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए रेलवे किराया रियायत, आरक्षण और आपातकालीन यात्रा जैसी सुविधाओं की मांग की गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज, 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति का संबोधन शाम 7 बजे से आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन के सभी चैनलों पर इसे पहले हिंदी और उसके बाद अंग्रेजी में प्रसारित किया जाएगा। क्षेत्रीय भाषाओं में भी होगा प्रसारण राष्ट्रपति के संबोधन का हिंदी और अंग्रेजी प्रसारण पूरा होने के बाद दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा। आकाशवाणी के संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात 9:30 बजे क्षेत्रीय भाषा में संबोधन का प्रसारण किया जाएगा। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संदेश राष्ट्रपति मुर्मु का यह संबोधन भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होगा। देशभर में 15 अगस्त के समारोहों से पहले राष्ट्रपति के संदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संबोधन में राष्ट्र की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा से जुड़े मुद्दों पर उनके विचार सामने आने की उम्मीद है। शाम 7 बजे सुन सकेंगे राष्ट्र का संदेश देशवासी राष्ट्रपति का संबोधन शाम 7 बजे आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से सुन और देख सकेंगे। राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनके हालिया कार्यक्रमों और संबोधनों की जानकारी उपलब्ध है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के तमिलनाडु सरकार के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त 2026 को बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार के नौकरी देने वाले आदेश को रद्द कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने क्यों रद्द किया था सरकारी आदेश? मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 27 जुलाई 2026 को तमिलनाडु सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया गया था। हाईकोर्ट ने माना था कि इस तरह की नियुक्तियां सामान्य भर्ती प्रक्रिया को दरकिनार करती हैं और संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 से जुड़े सवाल खड़े करती हैं। सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की और हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव समेत संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की राहत नीति पर सवाल उठाए जाने को लेकर टिप्पणी भी की कि सरकार की नीति पर सवाल उठाने का अधिकार किस हद तक है, और पीड़ित परिवारों को राहत देने में क्या समस्या है। करूर भगदड़ में 41 लोगों की हुई थी मौत यह मामला 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ा है। हादसे में 41 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट का नौकरी संबंधी फैसला प्रभावी नहीं रहेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी यह अंतिम फैसला नहीं दिया है कि पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देना कानूनी रूप से सही है या नहीं। इस मामले पर आगे की सुनवाई में नियुक्तियों की संवैधानिक और कानूनी वैधता पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
रांची। Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 को लेकर झारखंड में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने विधेयक वापस नहीं लिए जाने पर आर्थिक नाकेबंदी शुरू करने की चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि नए कानून से झारखंड के खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व और राज्यों के अधिकारों पर असर पड़ेगा। JMM ने दी आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी JMM ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार विधेयक वापस नहीं लेती है तो पार्टी झारखंड से खनिजों की ढुलाई और राज्य से बाहर जाने वाले खनिज संसाधनों को रोकने के लिए आर्थिक नाकेबंदी का रास्ता अपना सकती है। पार्टी ने इसे राज्य के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का दावा JMM नेताओं का दावा है कि नए कानून से झारखंड को हर साल करीब 15,000 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हो सकता है। पार्टी ने कहा कि इसका असर राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा JMM का दावा है, केंद्र सरकार का आधिकारिक अनुमान नहीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विधेयक पर पुनर्विचार की मांग कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड के लिए प्रस्तावित Mineral Bearing Land Cess से करीब 7,110 करोड़ रुपये सालाना आय का अनुमान था। केंद्र और राज्यों के अधिकारों को लेकर विवाद संसद ने गुरुवार को Mines and Minerals Amendment Bill, 2026 को मंजूरी दी। विधेयक का उद्देश्य खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले अलग-अलग करों और उपकरों को सीमित कर एक समान व्यवस्था बनाना है। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे खनन क्षेत्र में कर व्यवस्था अधिक स्पष्ट और एकरूप होगी। वहीं, झारखंड सरकार और JMM का तर्क है कि इससे खनिज संपदा वाले राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार कमजोर होंगे। आंदोलन को बड़ा रूप देने की तैयारी JMM ने संकेत दिया है कि यह विरोध केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी ने सहयोगी दलों और आदिवासी संगठनों के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की तैयारी की बात कही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी विधेयक वापस नहीं लिए जाने की स्थिति में व्यापक राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को लखनऊ में मौन पदयात्रा का नेतृत्व किया। यह पदयात्रा जीपीओ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक निकाली गई। इसका उद्देश्य 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापित होने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देना था। सरदार पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक निकला मार्च मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य समेत कई जनप्रतिनिधि और अन्य लोग मौन पदयात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभाजन की त्रासदी में प्रभावित परिवारों को याद किया गया। विस्थापित परिवारों ने साझा किए अनुभव लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में विभाजन से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्यों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी से जुड़ी प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, ताकि नई पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं और पीड़ा के बारे में जानकारी मिल सके। सीएम योगी ने किया संबोधित मौन पदयात्रा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित किया और विभाजन के दौरान पीड़ित लोगों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इतिहास के उस दौर को याद करने और उससे सीख लेने की बात कही। देशभर में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज विभाजन के पीड़ितों और विस्थापित परिवारों को श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्ष एवं साहस को याद किया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़े मतदाता सूची मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज, 13 अगस्त 2026 को अपना आदेश सुना सकती है। मामला उस पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई है। अदालत ने 25 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखते हुए 13 अगस्त की तारीख तय की थी। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि उनके अनुसार सोनिया गांधी ने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल की। याचिकाकर्ता का दावा है कि नाम 1982 में हटाया गया और 1983 में दोबारा मतदाता सूची में दर्ज किया गया। त्रिपाठी ने इस आधार पर पुलिस में FIR दर्ज कराकर कथित फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी की जांच कराने की मांग की है। पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने याचिका खारिज की थी इस मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 11 सितंबर 2025 को शिकायत खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने उस फैसले को चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका दाखिल की। राउज एवेन्यू कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। 25 जुलाई को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया और पक्षकारों को लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए 1 अगस्त तक का समय दिया था। सोनिया गांधी की ओर से आरोपों का खंडन सोनिया गांधी की ओर से पेश वकीलों ने याचिका का विरोध किया है। बचाव पक्ष ने याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए आरोपों को निराधार बताया है। वहीं याचिकाकर्ता का कहना है कि उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड प्रथमदृष्टया जांच की जरूरत दिखाते हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर भी सवाल उठाया था कि कथित घटना करीब पांच दशक पुरानी है और इतने लंबे समय बाद जांच का दायरा क्या होगा। आज के फैसले से क्या होगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज अदालत का फैसला FIR दर्ज करने और पुलिस जांच की मांग वाली याचिका पर होगा। यदि अदालत याचिका स्वीकार करती है तो मामले में पुलिस जांच/FIR की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। यदि याचिका खारिज होती है तो मौजूदा स्तर पर FIR की मांग को राहत नहीं मिलेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि पप्पू यादव को तुरंत एक अतिरिक्त पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाई और कहा कि वह एक सांसद हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए। जान से खतरे का हवाला देकर मांगी थी सुरक्षा पप्पू यादव की ओर से अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसी आधार पर उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी। केंद्र की ओर से अदालत में पहले से उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया गया था, लेकिन कोर्ट ने अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने तुरंत अतिरिक्त PSO देने को कहा दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को बिना देरी किए पप्पू यादव को एक अतिरिक्त PSO उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सांसद की सुरक्षा को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। पहले भी सुरक्षा को लेकर उठ चुका है मामला पप्पू यादव की सुरक्षा का मुद्दा इससे पहले भी अदालत तक पहुंच चुका है। मई 2026 में पटना हाईकोर्ट ने उनकी सुरक्षा को Y+ श्रेणी में बहाल करने का आदेश दिया था। इससे पहले बिहार में उनकी सुरक्षा श्रेणी कम किए जाने को लेकर उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी थी।